Cyclone Arnab: आधे भारत तक फैले बादल, सैटेलाइट तस्वीर में दिखा बड़ा घेरा

Arohi Raj | Sootr Creatives | Oct 28, 2026, 16:48 IST
Share
सैटेलाइट तस्वीर में अर्नब चक्रवात का असर दिखा।
सैटेलाइट तस्वीर में अर्नब चक्रवात का असर दिखा।

चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर यानी बुधवार की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। तट से टकराते समय इसकी हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसी बीच भारत के मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS की तस्वीर में तूफान के बादलों का विशाल घेरा दिखाई दिया।

बादल पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों तक फैले नजर आए। तूफान के तट पार करने के बाद भी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अब जमीन के अंदर आगे बढ़ रहा है। इसके कारण कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की परेशानी भी पैदा हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।

चक्रवात अर्नब के बादलों का सैटेलाइट से विशाल रूप दिखा।
चक्रवात अर्नब के बादलों का सैटेलाइट से विशाल रूप दिखा।

सैटेलाइट तस्वीर में क्या दिखाई दिया?

INSAT-3DS भारत का मौसम सैटेलाइट है। वैज्ञानिक इससे बादलों और चक्रवातों पर नजर रखते हैं। यह मौसम में होने वाले बदलावों की जानकारी भी देता है। तस्वीर बुधवार सुबह 9:30 से 9:57 बजे के बीच ली गई।

तस्वीर में तूफान के आसपास घने बादल दिखाई दे रहे हैं। बादलों की कई पट्टियां दूर तक फैली नजर आती हैं। इनका फैलाव पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों तक है। बादल बंगाल की खाड़ी तक भी फैले दिखाई देते हैं। इससे पता चलता है कि बादल केवल तूफान के केंद्र तक सीमित नहीं हैं।

तस्वीर में चमकीले सफेद रंग के बादल भी दिखाई देते हैं। ये ऊंचाई पर मौजूद घने और ठंडे बादलों को दिखाते हैं। ऐसे बादल अक्सर तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान बनते हैं। बादलों की घुमावदार पट्टियां हवा के घूमने का संकेत भी देती हैं।

हालांकि, बादल दिखने का मतलब तूफान का सीधा असर होना नहीं है। तस्वीर से किसी इलाके में बारिश की मात्रा तय नहीं की जा सकती। इससे जमीन पर हवा की रफ्तार का सही अनुमान भी नहीं मिलता। मौसम विभाग इसके लिए दूसरे आंकड़ों और जानकारियों का इस्तेमाल करता है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने IAS संजय दुबे की तारीफ की, बोले- रिटायरमेंट के बाद अच्छे नेता बन सकते हैं | Minister Kailash Vijayvargiya praised IAS Sanjay Dubey, said- He can become a good leader after retirement
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की एसीएस संजय दुबे की तरीफ, बोले- रिटायरमेंट के बाद बहुत अच्छे नेता हो सकते हैं
28 Oct 2026 ,
By Sanjay Gupta
मध्यप्रदेश के सीनियर आईएएस अफसर संजय दुबे फिर चर्चा में हैं। बुधवार को इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। यहां नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से उनकी तारीफ की। विजयवर्गीय ने कुछ ऐसा कहा कि सभी का ध्यान खिंच गया है। अब उनकी टिप्पणी राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा बटोर रही है।
मध्यप्रदेश के सीनियर आईएएस अफसर संजय दुबे फिर चर्चा में हैं। बुधवार को इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। यहां नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से उनकी तारीफ की। विजयवर्गीय ने कुछ ऐसा कहा कि सभी का ध्यान खिंच गया है। अब उनकी टिप्पणी राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा बटोर रही है।

चक्रवात अर्नब कब और कहां टकराया?

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर को तट पार किया। यह प्रक्रिया रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच हुई। तूफान आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया। इसे लैंडफॉल (Landfall)कहा जाता है। यानी चक्रवात का समुद्र से जमीन पर पहुंचना लैंडफॉल कहलाता है।

तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। यह यानम से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। वहीं, काकीनाडा से इसकी दूरी करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम थी।

तट पार करते समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। इसके बाद तूफान का केंद्र जमीन के अंदर पहुंच गया। फिर चक्रवात आगे बढ़ने लगा।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रिटायर्ड सब इंजीनियरों की शुरुआती नौकरी भी जुड़ेगी पेंशन में | High Court's Big Decision: Retired Sub-Engineers' Initial Service Will Also Be Added to Pension
जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड सब इंजीनियरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, शुरुआती नौकरी भी पेंशन में जुड़ेगी
28 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जल संसाधन विभाग से रिटायर हुए सब इंजीनियरों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि पेंशन तय करते समय उनकी नियमित नौकरी से पहले की सेवा भी गिनी जाएगी। यानी कर्मचारियों ने जब पहली बार नौकरी शुरू की थी, उसी समय से उनकी पूरी सेवा का हिसाब जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें पेंशन में फायदा मिलेगा।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जल संसाधन विभाग से रिटायर हुए सब इंजीनियरों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि पेंशन तय करते समय उनकी नियमित नौकरी से पहले की सेवा भी गिनी जाएगी। यानी कर्मचारियों ने जब पहली बार नौकरी शुरू की थी, उसी समय से उनकी पूरी सेवा का हिसाब जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें पेंशन में फायदा मिलेगा।

लैंडफॉल के बाद भी खतरा क्यों बना हुआ है?

समुद्र के गर्म पानी से चक्रवात को ऊर्जा मिलती है। समुद्र की गर्मी और नमी से तूफान को ताकत मिलती रहती है। लेकिन जमीन पर पहुंचने के बाद नमी और गर्मी मिलना कम हो जाता है। पेड़, इमारतें और दूसरी चीजें हवा के रास्ते में रुकावट डालती हैं। इससे तूफान धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।

फिर भी तूफान का असर तुरंत खत्म नहीं होता। इसके घने बादल दूर के इलाकों में भी बारिश ला सकते हैं। तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर सकता है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं। बिजली की लाइनें टूटने से आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसलिए लैंडफॉल के बाद भी मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

एमपी की 30 सरकारी वेबसाइट्स पर हैकिंग का खतरा: बिना आईडी-पासवर्ड सर्वर पर हमला संभव | MP's 30 Government Websites at Risk of Hacking: Attack Possible on Servers Without ID-Password
एमपी की 30 सरकारी वेबसाइट्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा, बिना आईडी-पासवर्ड सरकारी सर्वर पर हमला कर सकते हैं हैकर्स
28 Oct 2026 ,
By Aman Vaishnav
मध्य प्रदेश सरकार की साइबर विंग MP-CERT ने सरकारी वेबसाइट्स के लिए जरूरी सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दुनिया की करीब 70 फीसदी वेबसाइट्स में चलने वाले PHP सॉफ्टवेयर के इंजन में दो बड़ी खामियां मिली हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स बिना आईडी-पासवर्ड डाले ही सरकारी सर्वर पर अपना कब्जा जमा सकते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की साइबर विंग MP-CERT ने सरकारी वेबसाइट्स के लिए जरूरी सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दुनिया की करीब 70 फीसदी वेबसाइट्स में चलने वाले PHP सॉफ्टवेयर के इंजन में दो बड़ी खामियां मिली हैं। इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स बिना आईडी-पासवर्ड डाले ही सरकारी सर्वर पर अपना कब्जा जमा सकते हैं।

अब मौसम विभाग की नजर किन बातों पर रहेगी?

चक्रवात अर्नब जमीन के अंदर बढ़ रहा है। मौसम विभाग इसकी दिशा और रफ्तार पर नजर रखेगा। तूफान कमजोर होने के बाद भी बारिश का खतरा बना रह सकता है। विभाग यह भी देखेगा कि किन इलाकों में कितनी बारिश होती है। सैटेलाइट तस्वीर से बादलों का फैलाव समझने में मदद मिलती है। इससे तूफान की स्थिति का भी पता चलता है। हालांकि, बारिश और हवा का सही अनुमान लगाने के लिए दूसरी जानकारियां भी जरूरी हैं।

आंध्र प्रदेश और आसपास के लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देना चाहिए। भारी बारिश की चेतावनी मिलने पर निचले इलाकों में जाने से बचें। तेज हवा के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

FAQs

  1. चक्रवात अर्नब ने कब लैंडफॉल किया?
    चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर को रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया।
  2. चक्रवात अर्नब के समय हवा की रफ्तार कितनी थी?
    तट पार करते समय चक्रवात अर्नब की लगातार हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।
  3. लैंडफॉल के बाद भी खतरा क्यों बना हुआ है?
    लैंडफॉल के बाद भी खतरा बना हुआ है क्योंकि घने बादल दूर के इलाकों में बारिश कर सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा हो सकता है।
Tags:
  • चक्रवात अर्नब
  • सैटेलाइट तस्वीर
  • बंगाल की खाड़ी
  • मौसम विभाग
  • बाढ़ का खतरा
  • Cyclone Arnab
  • INSAT-3DS Satellite
  • Andhra Pradesh
  • Yanam
  • Landfall
राजस्थान में 3 दिन बारिश का अलर्ट, 29 जिलों में यलो अलर्ट; नवंबर के पहले सप्ताह में बढ़ेगी सर्दी

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में 3 दिन बारिश का अलर्ट, 29 जिलों में यलो अलर्ट; नवंबर के पहले सप्ताह में बढ़ेगी सर्दी
सेवा का संकल्प, सुशासन का सेतु... विष्णु भैया के नेतृत्व में संवरता छत्तीसगढ़

By The Sootr

सेवा का संकल्प, सुशासन का सेतु... विष्णु भैया के नेतृत्व में संवरता छत्तीसगढ़
इंदौर दौरे से पहले अचानक भोपाल पहुंचे मोहन भागवत, समिधा में पदाधिकारियों संग करेंगे बैठक, जैन मुनि से भी मिलेंगे

By Amresh Kushwaha

इंदौर दौरे से पहले अचानक भोपाल पहुंचे मोहन भागवत, समिधा में पदाधिकारियों संग करेंगे बैठक, जैन मुनि से भी मिलेंगे
मंत्रालय बस सेवा 6 महीने बढ़ी, लेकिन नए कर्मचारियों को नहीं मिलेगा मुफ्त पास, जर्जर बसों और आग की घटना पर उठे सवाल

By VINAY VERMA

मंत्रालय बस सेवा 6 महीने बढ़ी, लेकिन नए कर्मचारियों को नहीं मिलेगा मुफ्त पास, जर्जर बसों और आग की घटना पर उठे सवाल
इंदौर नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार, सब इंजीनियर ने टैंकर बिल के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने पकड़ा

By Sanjay Gupta

इंदौर नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार, सब इंजीनियर ने टैंकर बिल के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने पकड़ा
राजस्थान में 9,643 पटवार भवनों की मरम्मत के लिए सिर्फ 37 लाख, एक भवन के हिस्से में महज ₹384

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में 9,643 पटवार भवनों की मरम्मत के लिए सिर्फ 37 लाख, एक भवन के हिस्से में महज ₹384
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की एसीएस संजय दुबे की तरीफ, बोले- रिटायरमेंट के बाद बहुत अच्छे नेता हो सकते हैं

By Sanjay Gupta

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की एसीएस संजय दुबे की तरीफ, बोले- रिटायरमेंट के बाद बहुत अच्छे नेता हो सकते हैं