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सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए, कोई नहीं जानता। आजकल एक नया और अजीब "डिवोर्स डस्ट ट्रेंड" काफी चल रहा है। यह ट्रेंड टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर बहुत ज्यादा चर्चा में है। इसमें लोग अपने पार्टनर की वफादारी की अजीब जांच कर रहे हैं।
इसके लिए वे किसी वैज्ञानिक तरीके के बजाय चमकीले पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। वे अपने पार्टनर के सामान या कपड़ों पर गुपचुप ग्लिटर छिड़कते हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ एक मजेदार खेल या मजाक मान रहे हैं, लेकिन जानकारों के मुताबिक यह रिश्तों के लिए बहुत खतरनाक है।
क्या है डिवोर्स डस्ट वायरल ट्रेंड?
यह नया ग्लिटर ट्रेंड आज कल बहुत चर्चा में बना हुआ है। इसमें पार्टनर के कपड़ों पर चमकीला पाउडर डाल देते हैं। शरीर या मोबाइल फोन पर भी बारीक ग्लिटर लगा दिया जाता है। यह चमक बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचती है।
लोगों का मानना है कि इससे धोखेबाजी का पता चल सकता है। अगर पार्टनर किसी और के करीब जाएगा तो चमक वहां भी चिपकेगी। घर लौटने पर ग्लिटर गायब मिलना बेवफाई का संकेत माना जाता है।
इस शक की वजह से कई शादियां अब टूट रही हैं। इसी कारण इस पाउडर को "डिवोर्स डस्ट" कहा जाने लगा है।
क्यों वायरल है ये ट्रेंड?
सोशल मीडिया एल्गोरिदम हमेशा से ही 'कंट्रोवर्शल' और 'रिश्तों' से जुड़ी कहानियों को बढ़ावा देता रहा है।
वफादारी की जांच: इंटरनेट पर पार्टनर को 'चेक' करने वाले वीडियो लोग बहुत पसंद करते हैं।
दिखने में आकर्षक: वीडियो में चमकता हुआ पाउडर साफ दिखता है, जिससे व्यूज जल्दी बढ़ते हैं।
धोखा पकड़ने का दावा: कई यूजर्स ने दावा किया कि इस ट्रिक से उन्होंने पार्टनर को पकड़ा।
सोशल मीडिया का असर: रंगे हाथों पकड़ने वाले ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या यह रिश्तों के लिए सही है?
रिश्तों के जानकारों और मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) ने इस ट्रेंड को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि किसी भी स्वस्थ रिश्ते की बुनियाद भरोसा (Trust) और संवाद (Communication) पर टिकी होती है, न कि जासूसी पर।
भरोसे का खत्म होना: जाल बिछाने का मतलब है कि आपको अपने पार्टनर पर भरोसा नहीं। इससे अविश्वास की एक बहुत गहरी खाई पैदा हो जाती है।
गलतफहमी का डर: ग्लिटर कहीं भी किसी भीड़ वाली जगह से चिपक सकता है। बस या ऑफिस में किसी और के जरिए भी यह लग सकता है।
बिना सबूत के आरोप: सिर्फ चमक देखकर आरोप लगाना एक अच्छे रिश्ते को खत्म कर देगा। ठोस सबूत के बिना शक करना बहुत बड़ी गलती हो सकती है।
दिमागी तनाव: हर वक्त जासूसी करने की आदत से दोनों को बहुत टेंशन होगी। इससे मन में हमेशा डर और असुरक्षा की भावना बनी रहेगी।
सोशल मीडिया यूजर्स की बंटी हुई राय
इस ट्रेंड ने इंटरनेट जगत को दो हिस्सों में बांट दिया है।
सपोर्टर: इनका मानना है कि यदि कोई कुछ गलत नहीं कर रहा, तो उसे डरने की जरूरत नहीं है। यह बस सुरक्षा का एक तरीका है।
विरोधी: अधिकांश लोग इसे 'टॉक्सिक बिहेवियर' (Toxic Behavior) करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर आपको इतना शक है, तो उस रिश्ते में रहने का कोई मतलब नहीं है।
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