शरीर की साफ-सफाई के बारे में तो सभी ध्यान रखते हैं। लेकिन कई लोग अक्सर कुछ अंगों को लेकर लापरवाही बरतते नजर आते हैं। ऐसे ही खास अंग है, जिसमें लोग अक्सर लापरवाही बरते हैं और वो है कान।
दरअसल शरीर के बाकी अंगों की तरह कान की सफाई भी बहुत जरूरी होती है। अक्सर कई लोगों को कान से सुनाई ना देने या कम सुनाई देने की समस्याएं होती हैं। ऐसी समस्या या तो बचपन से ही होती है या बढ़ती उम्र में कई बार लापरवाही के कारण हो जाती है।
कान की सफाई बेहद जरूरी
कान में मैल जमा होना वैसे तो एक आम बात है। ये बाहरी कण और बैक्टीरिया को कान के अंदर घुसने से रोकता है। लेकिन समय पर इसकी सफाई करते रहना भी बेहद जरूरी है। इसी के साथ इसकी सफाई पर ध्यान न देना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी इसकी सफाई को लेकर सही और आसान तरीके नहीं जानते हैं तो आइए हम आपको बताते हैं।
कान की मैल कैसे करें साफ
कई लोग कान की मैल साफ करने के लिए माचिस की तीली का इस्तेमाल करते हैं, जो कि कान को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में आपको कान की सफाई करने के लिए सोलीवैक्स ईयर ड्रॉप (Soliwax ear drop), क्लीयर वैक्स ड्रॉप ( clear wax drop ) और वैक्सवोल्व ईयर ड्रॉप ( waxolve ear drops ) यूज करना चाहिए।
ये ड्रॉप्स को तीन चार दिन तक आपको 3 से 4 ड्रॉप कान में डालना है। इससे धीरे-धीरे कान की मैल सॉफ्ट पड़कर बाहर निकल आएगी। जब कान से मैल निकलनी शुरू हो जाए तो आप कॉटन के कपड़े से कान के आस-पास क्लीन कर लीजिए।
सफाई से जुड़ी सावधानी
आप कान की सफाई माचिस की तीली, तेल और लहसुन तेल से न करें। इससे फंगल इंफेक्शन हो सकता है तो अब से आप इन बातों को ध्यान में रखकर कानों की सुरक्षित तरीके से सफाई कर सकते हैं।
कान का मैल क्या है?
कान का मैल एक मोम जैसा पदार्थ है। ये हर किसी के कान में होता है। आपके कान की नलियों में ग्रंथियां ( glands ) आपके कानों के अंदर की त्वचा की रक्षा करने और कीटाणुओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए कान का मैल बनाती हैं। कान के मैल के लिए मेडिकल लैंग्वेज को सेरुमेन कहते हैं।
कोई भी दवा को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरों से सलाह जरूर लें
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