इकोनॉमिक सर्वे 2026: फ्रीबीज पर राज्य सरकारों को चेतावनी

Anjali Dwivedi | Jan 30, 2026, 19:00 IST
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संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2026 में राज्यों की मुफ्त की योजनाओं पर चिंता जताई गई है। सर्वे में जीडीपी ग्रोथ, नौकरियों और जंक फूड विज्ञापनों पर बड़े सुझाव दिए गए हैं।

News In Short

  • मुफ्त की योजनाओं से राज्यों का खजाना खाली हुआ और विकास कार्यों पर खर्च घटा।
  • जंक फूड विज्ञापनों पर सुबह 6 से रात 11 बजे तक रोक का सुझाव दिया गया है।
  • सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए आयु वेरिफिकेशन जरूरी करने की सलाह दी गई है।
  • चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.4% रहने का मजबूत अनुमान है।
  • विदेशी मुद्रा भंडार 701 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा है।

News In Detail

इकोनॉमिक सर्वे 2026 में देश की अर्थव्यवस्था का पूरा रिपोर्ट कार्ड संसद में पेश किया गया। मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी अनंत नागेश्वरन की टीम ने इसे तैयार किया है। सर्वे में केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि जंक फूड और सोशल मीडिया की लत से निपटने के लिए सुझाव भी दिए गए हैं।



जहां एक तरफ देश का विदेशी मुद्रा भंडार 701 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर है। वहीं दूसरी तरफ 7.4% की अनुमानित विकास दर भारत को दुनिया की सबसे तेज दौड़ती अर्थव्यवस्था बनाए हुए है। यह रिपोर्ट कार्ड बताता है कि भारत आर्थिक रूप से मजबूत है, लेकिन उसे अपनी सामाजिक आदतों और फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी।



मुफ्त की रेवड़ियों पर राज्यों को चेतावनी

सर्वे के अनुसार राज्यों में बांटी जा रही फ्रीबीज (मुफ्त की योजनाओं) चिंताजनक है। बिना शर्त कैश ट्रांसफर करने वाले राज्य तीन साल में पांच गुना बढ़े हैं। इससे राज्यों के खजाने खाली हो रहे हैं और बुनियादी ढांचा पिछड़ रहा है। स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के बजट में भारी कटौती हो रही है।



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जंक फूड विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर लगाम

जंक फूड के विज्ञापनों पर सुबह 6 से रात 11 तक पाबंदी का सुझाव है। बच्चों में बढ़ते मोटापे को रोकने के लिए यह कदम जरूरी बताया गया है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए उम्र सीमा तय करने की सिफारिश की गई है। सर्वे के मुताबिक डिजिटल लत से छात्रों की मानसिक सेहत बिगड़ रही है।



जीडीपी ग्रोथ और नौकरियों की रफ्तार

अगले वित्त वर्ष (FY27) में जीडीपी (GDP) ग्रोथ 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में यह दर 7.4% रहने की पूरी उम्मीद है। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच करीब 8.7 लाख नई नौकरियां पैदा हुई हैं। टैक्स सुधारों और राज्यों के श्रम सुधारों से रोजगार में बढ़ोतरी हुई है।



महंगाई दर में कमी और रिकॉर्ड एक्सपोर्ट

आरबीआई (RBI) के अनुसार महंगाई दर 4% के तय लक्ष्य के भीतर बनी रहेगी। वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई का अनुमान घटाकर 2% कर दिया गया है। भारत का कुल एक्सपोर्ट 825.3 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ ट्रेड डील से नए बाजार भी खुले हैं।



खेती-किसानी और विदेशी मुद्रा भंडार

अनाज की पैदावार 3,320 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। एग्रीकल्चर ग्रोथ 3.1% रहने की उम्मीद जताई गई है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) 701 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इससे वैश्विक मंदी के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत रहेगा।



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