SIR विवाद के बीच SSR की एंट्री
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में बदलेगी वोटर लिस्ट
Sandeep Kumar | Oct 15, 2026, 22:39 IST
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम शुरू किया है।
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR कराने की तैयारी शुरू की है। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं। वोटर लिस्ट संशोधन के लिए 1 जनवरी 2027 की तारीख निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे। मौजूदा सूची की गलतियों में भी सुधार किया जाएगा।
SIR विवाद के बीच SSR की एंट्री
एसएसआर किन राज्यों में होगा?
विशेष सारांश पुनरीक्षण की तारीख
यह पत्र संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को भेजा गया है। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के अधिकारी भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सदस्य हैं। विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल अगले साल 22 मई को खत्म हो रहा है।
मणिपुर में 60, गोवा में 40, पंजाब में 117 और उत्तराखंड में 70 सीटें हैं। इन चारों विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। पांचों राज्यों की विधानसभाओं में कुल 690 सीटें हैं। अब सवाल उठता है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण, विशेष गहन पुनरीक्षण से कितना अलग है?
एसआईआर विवाद पर क्या हैं आरोप?
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को लेकर चिंता भी जताई है।
विपक्ष ने किन वर्गों को लेकर चिंता जताई?
चुनाव आयोग का जवाब और सुप्रीम कोर्ट
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
SSR की प्रक्रिया क्या है?
जिन मतदाताओं की जानकारी गलत है, वे अपनी प्रविष्टियों में सुधार करा सकते हैं। पता बदलने वाले नागरिक भी संबंधित आवेदन कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी आवश्यक मामलों में सत्यापन कर सकते हैं। संबंधित निर्वाचन अधिकारी दावों और आपत्तियों की जांच करते हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है। इससे मतदाताओं को अपनी प्रविष्टियां जांचने का अवसर मिलता है।
एसआईआर और एसएसआर में क्या फर्क है?
वहीं, एसएसआर में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मौजूदा प्रविष्टियों में सामान्य सुधार करने पर जोर दिया जाता है। एसआईआर में बूथ लेवल ऑफिसर मतदाताओं के पते पर जाकर सत्यापन करते हैं। वे देखते हैं कि मतदाता अब भी उस पते पर रहता है या नहीं। यह भी जांचते हैं कि कोई नया नागरिक मतदान के लिए पात्र हुआ है या नहीं। यानी इस प्रक्रिया में सत्यापन के लिए केवल मतदाता की पहल का इंतजार नहीं किया जाता।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी, पर्यटक देख सकेंगे वन्यजीवों का रोमांच
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ पुलिस में 12 DSP को प्रमोशन, अब ASP की कुर्सी, गृह विभाग ने जारी किया आदेश, नई पोस्टिंग का इंतजार
By VINAY VERMA
भोपाल की लोअर लेक में अवैध निर्माण और सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, चार सप्ताह में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
By Sumit Kumar
आयुर्वेद परिषद चुनाव में वोट चोरी के आरोप, अब नतीजे घोषित; सरगुजा में डाक मतपत्रों पर उठे थे सवाल, जांच पर नजर
By VINAY VERMA
डांगी पर आरोप सही, चार्जशीट जारी; पीड़िता की आपत्ति पर बदले अफसर, अब IPS पारुल माथुर रखेंगी पक्ष
By VINAY VERMA
नक्सल खत्म हुआ, अब निशानियां मिटाएंगे, अमित शाह बोले, कांग्रेस ने बस्तर को कुछ नहीं दिया
By Arun Tiwari
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें...जबलपुर से इंदौर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, MP SI भर्ती में फॉर्म भरने का फिर मिला मौका
By Sandeep Kumar