भारत सस्ता कर्ज देकर बेचेगा हथियार, 20 देशों में भेजे डिप्लोमैट, जानें किन हथियारों की डिमांड
भारत, एक प्रमुख हथियार आयात करने वाला देश होने के साथ-साथ अब एक बड़े हथियार बेचने वाले देश के रूप में भी उभर रहा है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अब विदेशों में हथियार बेचने में भी सक्रिय हो गया है। यह कदम उन देशों को आकर्षित करने के लिए उठाया जा रहा है जो रूस और पश्चिमी देशों पर निर्भर थे और अब उन्हें नए विकल्पों की आवश्यकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने इस बदलाव को और तीव्र कर दिया है और भारत इसके लाभ को भुना रहा है।
EXIM बैंक के माध्यम से देंगे सस्ता कर्ज
भारत ने अपने हथियार निर्यात को बढ़ाने के लिए EXIM बैंक (Export-Import Bank of India) का सहारा लिया है। इस बैंक के माध्यम से भारत उन देशों को सस्ते ब्याज दरों पर कर्ज देने का प्रस्ताव दे रहा है, जो रूस और पश्चिमी देशों से हथियार खरीदते रहे हैं। इन देशों में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कई देश शामिल हैं, जो राजनीतिक अस्थिरता और कम क्रेडिट रेटिंग के कारण महंगे कर्ज लेने से बचते हैं। EXIM बैंक की मदद से इन देशों को कम ब्याज दरों पर लंबी अवधि के कर्ज मुहैया कराए जा रहे हैं, ताकि वे भारत से हथियार खरीद सकें।
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भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग
भारत ने ब्राजील में EXIM बैंक की एक शाखा खोलने के बाद, यहां आकाश मिसाइल प्रणाली बेचने के लिए बातचीत शुरू की है। इस प्रक्रिया को भारत के रक्षा निर्यात रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ब्राजील के अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने साओ पाओलो में अपनी एक नई शाखा खोली है, जो आकाश मिसाइलों के उत्पादन और बिक्री में मदद करेगी। यह मिसाइल प्रणाली भारत के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात उत्पाद बन चुकी है।
क्या है EXIM बैंक, कैसे काम करता है
EXIM बैंक विशेष रूप से भारतीय निर्यातकों को ऋण (Loan) प्रदान करता है, जिससे वे अपनी वस्तुएं और सेवाएं विदेशों में बेच सकें। इसके अलावा, यह आयातकों को भी मदद करता है, ताकि वे भारत में उत्पादों को सस्ते दरों पर मंगवा सकें। EXIM बैंक विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए भी कई सेवाएं देता है। यह बैंक भारतीय कंपनियों को विदेशों में अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए लंबी अवधि के कर्ज पर सस्ती ब्याज दरें प्रदान करता है। इसके अलावा, EXIM बैंक कुछ देशों को सस्ता कर्ज भी देता है ताकि वे भारतीय उत्पाद खरीद सकें, जो भारतीय व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करता है। इस प्रकार, EXIM बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध का भारत को फायदा
रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक हथियार आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। अमेरिका और रूस दोनों देशों ने इस संघर्ष में भारी मात्रा में हथियार भेजे हैं, जिसके कारण उन देशों को विकल्प की तलाश थी, जो रूस और अमेरिका पर निर्भर थे। भारत ने इस अवसर का लाभ उठाया और इन देशों से संपर्क बढ़ाया, जो अब भारत से अपने रक्षा सामान की आपूर्ति चाहते हैं।
हथियारों का उत्पादन और निर्यात में वृद्धि
भारत ने 2023-24 में लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपए के हथियार बनाए, जो कि पिछले कुछ सालों में 62% अधिक है। भारत की रक्षा उद्योग में यह बढ़ोतरी देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारत ने अगले कुछ वर्षों में अपने रक्षा निर्यात को 6 बिलियन डॉलर (लगभग 50,000 करोड़ रुपए ) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
भारतीय हथियार जिनकी विदेशों में सबसे ज्यादा मांग...
1. ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos Missile)...
नाम: भारत की ब्रह्मोस और रूस की मकोरका नदी से लिया गया
निर्माण: भारत की DRDO और रूस की NPO मशीनीनिर्माण ने मिलकर बनाया
रेंज: 600km, जमीन, समुद्र, हवा और पंडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है
लक्ष्य: साउथ-ईस्ट एशिया, अफ्रीका, अमेरिका
2. पिनाका मटली - बैरल रॉकेट लांचर (Pinaka Multiple Barrel Rocket Launcher)...
नाम: भगवान शिव के धनुष पिनाका से लिया गया
निर्माण: भारत का स्वदेशी मटली बैरल रॉकेट लांचर सिस्टम
प्रथम उपयोग: 1999 कारगिल युद्ध में पहली बार इस्तेमाल
रेंज: 75km, 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दाग सकता है
लक्ष्य: यूरोपीय बाजार के लिए फ्रांस ने शॉर्टलिस्ट किया
3. आकाश मिसाइल (Akash Missile)...
नाम: जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल
निर्माण: DRDO ने विकसित किया, भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) बनाती है
रेंज: 25km, एक साथ कई टार्गेट को निशाना बना सकती है
स्पीड: मच-2.5, लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम
लक्ष्य: फिलीपींस, UAE, ब्राजील, मिस्र, और विटनाम
4. तेजस लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (Tejas Light Combat Aircraft)...
नाम: रडार की पकड़ में नहीं आता, इसीलिए लोकप्रिय
निर्माण: एयरोनॉटिकल डिजाइन एजेंसी (ADA) द्वारा डिजाइन किया
विशेषताएं: सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों की कैटेगरी में सबसे छोटा और हल्का विमान है
रेंज: 1.8 मच, 52 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है
लक्ष्य: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, फिलीपींस
5. 155mm तोपखाने के गोले (155mm Artillery Shells)
निर्माण: म्युनिशन इंडिया लिमिटेड (MIL), अडानी डिफेंस बनाती है
भारतीय रक्षा राजनयिकों का नेटवर्क विस्तार
भारत ने अपने रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में नए सैन्य राजनयिकों को नियुक्त करने की योजना बनाई है। यह कदम भारत के रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, भारत मार्च 2026 तक 20 नए सैन्य राजनयिकों को विदेशों में तैनात करेगा। इन राजनयिकों का मुख्य कार्य भारतीय हथियारों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ इन देशों की रक्षा जरूरतों का अध्ययन करना होगा। देश दुनिया न्यूज