फर्जी IAS ने की करोड़ों की ठगी, 4 गर्लफ्रेंड बनाकर 3 को किया प्रेग्नेंट, SDM को जड़ा थप्पड़
Uttar Pradesh. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पकड़े गए फर्जी IAS अधिकारी के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। इसने अपने झूठे रुतबे से न सिर्फ लोगों को ठगा, बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दिया है।
खुद को IAS अधिकारी बताने वाले गौरव कुमार सिंह के कारनामे चौंकाने वाले हैं। इसके जालसाजी का नेटवर्क चार राज्यों में फैला था। इन राज्यों में मध्य प्रदेश भी शामिल था। आइए जानते हैं उसके कुछ ऐसे राज, जिन्हें जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
कोचिंग से शुरू की थी पहली धोखाधड़ी
4 गर्लफ्रेंड्स बनाकर 3 को किया प्रेग्नेंट
अंडरग्राउंड रहते हुए गौरव ने एक लड़की से प्यार का नाटक किया। फिर वह लड़की के साथ मंदिर में शादी कर भाग गया। इसके बाद, उसने अपने साले अभिषेक की मदद से ठगी शुरू की। वह लोगों को नौकरी और सरकारी ठेका दिलाने का झांसा देता था।
गौरव ने सोशल मीडिया पर फर्जी IAS प्रोफाइल बनाई और लड़कियों से दोस्ती की। पुलिस को उसके मोबाइल से लंबी चैट मिली, जिसमें चार गर्लफ्रेंड्स का खुलासा हुआ। इन लड़कियों में से तीन प्रेग्नेंट थीं। इन्हें गौरव के फर्जी IAS होने और शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी।
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फर्जी आईएएस अधिकारी की खबर
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SDM को जड़ा थप्पड़
फर्जी IAS अधिकारी गौरव कुमार सिंह एक बार बिहार के भागलपुर गांव में दौरा करने पहुंचा था। यहां उसकी मुलाकात असली एसडीएम से हो गई थी। असली अधिकारी ने उसकी बैच और रैंक को लेकर सवाल उससे सवाल पूछ लिए।
ऐसे में गौरव ने अपना आपा खो दिया। उसने एसडीएम को दो थप्पड़ जड़ दिए। आश्चर्य की बात यह रही कि एसडीएम ने इसको लेकर कोई शिकायत भी नहीं की।
99 लाख की ठगी में फर्जी IAS गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस ने बिहार चुनाव के दौरान 99 लाख रुपए की जांच में गौरव कुमार सिंह को पकड़ा था। पुलिस को पता चला कि गौरव ने फर्जी पेपर्स के जरिए बड़े कारोबारियों को सरकारी ठेके दिलाने का झांसा दिया था।
उसने करोड़ों की ठगी की थी। सर्विलांस से यह भी सामने आया कि वह चार राज्यों में जालसाजी का नेटवर्क चला रहा था। इसमें बिहार, यूपी, झारखंड और मध्य प्रदेश शामिल थे।
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450 करोड़ के ठेके के लिए 5 करोड़ की रिश्वत
यह जालसाज बड़े बिल्डरों और कारोबारियों को सरकारी ठेके दिलाने का ऑफर देता था। वह AI की मदद से फर्जी पेपर बनाकर लोगों को विश्वास में लेता था। इसके बाद वह करोड़ों की ठगी करता था।
उसने एक कारोबारी को 450 करोड़ रुपए का टेंडर दिलाने का झांसा देकर 5 करोड़ रुपए और दो इनोवा कार रिश्वत में ले ली। गौरव ने अपने साले अभिषेक की मदद से फर्जी IAS आईडी और नेम प्लेट बनवाई थी। अभिषेक ने सॉफ्टवेयर की पढ़ाई की थी।
पुलिस जांच में हो सकते हैं और भी चौंकाने वाले खुलासे
गोरखपुर के एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गौरव एक बड़े जालसाजी नेटवर्क का हिस्सा था। उनकी जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस अब बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश पुलिस से भी संपर्क कर रही है, ताकि इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।