विदेशी फंडिंग पर सरकार की सख्ती, NGO पर जुर्माना बढ़ा, कई नई शर्तें भी लागू
समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र सरकार ने FCRA के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
- गृह मंत्रालय ने सोमवार को नई अधिसूचना जारी की है।
- NGO के लिए जुर्माने की राशि अब बढ़ा दी गई है।
- अब NGO को सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देनी होगी।
- NGO को कम से कम 10 लाख रुपए खर्च करना जरूरी होगा।
गृह मंत्रालय की नई अधिसूचना
केंद्र सरकार ने विदेशी चंदा लेने वाली संस्थाओं के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक राजपत्र अधिसूचना जारी की। यह बदलाव विदेशी अनुदान नियमन कानून (FCRA, Foreign Contribution Regulation Act) के तहत किया गया है। मंत्रालय ने एक्ट की धारा 41(1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया है।
यह बदलाव दो अलग अधिसूचनाओं के जरिए लाया गया है। पहली अधिसूचना में जुर्माने की रकम बढ़ाई गई है। दूसरी अधिसूचना में रजिस्ट्रेशन और कामकाज से जुड़े नियम बदले गए हैं। दोनों ही बदलाव पारदर्शिता बढ़ाने के मकसद से किए गए हैं।
प्रशासनिक खर्च पर सख्ती
नए नियमों के मुताबिक प्रशासनिक खर्च की सीमा पार करने पर सख्त जुर्माना लगेगा। मौजूदा कानून के तहत कोई भी संस्था विदेशी चंदे का 20 प्रतिशत से ज्यादा प्रशासनिक खर्च पर नहीं लगा सकती। अब इस सीमा को पार करने पर 1 लाख रुपए या खर्च की गई अतिरिक्त रकम का 5 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। इसमें जो भी रकम ज्यादा होगी, वही जुर्माने के तौर पर वसूली जाएगी।
गलत इस्तेमाल पर भारी जुर्माना
विदेशी पैसों का गलत इस्तेमाल करने पर भी अब भारी जुर्माना तय किया गया है। अगर कोई संस्था तय मकसद के अलावा किसी और काम में पैसा खर्च करती है तो 1 लाख रुपए या खर्च की गई रकम का 30 प्रतिशत जुर्माना देना होगा। यही जुर्माना उन मामलों में भी लगेगा जहां पैसा सट्टा या जोखिम भरे निवेश में लगाया जाता है। अगर रजिस्ट्रेशन से बाहर के राज्यों में पैसा खर्च होता है तो भी यही नियम लागू होगा।
सोशल मीडिया डिटेल जरूरी
अब हर NGO को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी भी देनी होगी। यह जानकारी रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल के समय देना जरूरी होगा। इसके अलावा अगर पैसा किसी बीच के माध्यम या डोनर एडवाइज्ड फंड से आता है तो असली दानदाता का नाम भी बताना होगा। इससे विदेशी चंदे के स्रोत का पता लगाना आसान होगा।
गतिविधियों की रिपोर्ट देना होगा
NGO को हर साल अपनी रिपोर्ट में अब गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा भी देना होगा। यह जानकारी वित्तीय रिपोर्ट के साथ देनी होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि संस्था ने पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया है। सरकार का मकसद विदेशी पैसों के इस्तेमाल पर पूरी निगरानी रखना है।
पुरानी संस्थाओं के लिए एक साल
जिन संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन 2026 से पहले हुआ है, उन्हें भी एक साल का समय दिया गया है। इस दौरान उन्हें अपने काम का मकसद और जिन राज्यों में काम होता है, उसकी जानकारी देनी होगी। यह जानकारी एक तय सूची से ही चुननी होगी। इस सूची में धार्मिक, शिक्षा, सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं।
धर्म परिवर्तन पर रोक बरकरार
नियमों में धार्मिक गतिविधियों को भी जगह दी गई है। इसमें धार्मिक स्थलों के निर्माण और रखरखाव जैसे काम शामिल हैं। लेकिन साफ कहा गया है कि धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी। यह शर्त खासतौर पर धार्मिक शिक्षा और धर्म से जुड़ी अन्य गतिविधियों पर लागू होगी।
किस्त के लिए नई शर्त
जिन संस्थाओं को प्रायर परमिशन के तहत पैसा मिलता है, उनके लिए भी नई शर्त जोड़ी गई है। अगली किस्त तभी मिलेगी जब पिछली किस्त का 75 प्रतिशत खर्च हो चुका हो। सरकार इसकी पुष्टि के लिए फील्ड जांच भी कर सकती है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पैसा सही तरीके से खर्च हो रहा है।
मुख्य पदाधिकारी की नई परिभाषा
नियमों में की-फंक्शनरी यानी मुख्य पदाधिकारी की परिभाषा भी बढ़ाई गई है। अब इसमें कंपनी के डायरेक्टर, फर्म के पार्टनर, ट्रस्टी और हिंदू अविभाजित परिवार के कर्ता भी शामिल होंगे। साथ ही प्रबंधन पर नियंत्रण रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस दायरे में आएगा। यह बदलाव जिम्मेदारी तय करने के लिए किया गया है।
विदेशी पदाधिकारी पर रोक
जिन संस्थाओं में भारतीय मूल के अलावा कोई विदेशी नागरिक मुख्य पदाधिकारी है, उन्हें आम तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा। हालांकि सरकार खास मामलों में इसमें छूट भी दे सकती है। यह छूट सरकार के आदेश के जरिए ही संभव होगी। समाचार और करंट अफेयर्स से जुड़ी संस्थाओं पर पहले जैसी रोक जारी रहेगी। उन्हें अपने प्रमुख पदाधिकारियों की किताबों और लेखों की जानकारी भी देनी होगी।
जरूरी FAQ
FCRA के नए नियम कब लागू हुए हैं?
गृह मंत्रालय ने यह नई अधिसूचना सोमवार, 22 जून 2026 को जारी की है। यह अधिसूचना FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act, 2010 की धारा 41(1) के तहत जारी की गई है।
नए नियमों में जुर्माने की राशि कितनी बढ़ाई गई है?
प्रशासनिक खर्च सीमा पार करने पर 1 लाख रुपए या अतिरिक्त खर्च का 5 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। गलत मकसद में पैसा खर्च करने या सट्टा निवेश पर 1 लाख रुपए या रकम का 30 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। इनमें जो रकम ज्यादा होगी, वही वसूली जाएगी।
NGO के लिए रजिस्ट्रेशन बनाए रखने की नई शर्त क्या है?
NGO को पिछले दो वित्तीय वर्षों में कम से कम 10 लाख रुपए विदेशी फंडिंगकी रकम खर्च करनी होगी। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देना और असली दानदाता का नाम बताना भी जरूरी होगा।
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