धोनी की याचिका पर पूर्व IPS अफसर को सजा, IPL मैच फिक्सिंग का लगाया था आरोप
Rahul Garhwal | Dec 16, 2023, 24:00 IST
धोनी की याचिका पर पूर्व IPS अफसर को सजा, IPL मैच फिक्सिंग का लगाया था आरोप
धोनी की याचिका पर पूर्व IPS अफसर को सजा हुई है। धोनी पर IPL मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था।
CHENNAI. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की याचिका पर शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट ने रिटायर्ड IPS अफसर जी संपत कुमार को 15 दिनों की कैद की सजा सुनाई है। हालांकि सजा को 30 दिनों के लिए स्थगित रखा है। इससे वे फैसले के खिलाफ अपील कर सकेंगे।
धोनी पर लगाया था मैच फिक्सिंग का आरोप
2013 में जी संपत कुमार तमिलनाडु पुलिस के CID के अफसर थे। उन्होंने 2013 IPL सट्टेबाजी मामले की शुरुआती जांच की थी। उन पर सट्टेबाजों को छोड़ने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा था। इसलिए उन्हें केस से हटा दिया गया था। संपत ने इस केस में धोनी का नाम भी शामिल किया था। इस पर धोनी ने जी संपत कुमार और एक टेलीविजन चैनल ग्रुप के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था।
सुप्रीम कोर्ट का क्या मकसद था ?
धोनी ने संपत के खिलाफ अवमानना याचिका भी दायर की थी। इस याचिका में संपत की ओर से सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों का हवाला दिया था। संपत कुमार ने कथित रूप से दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 IPL में मैच फिक्सिंग पर जस्टिस मुदiल समिति की रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सीलबंद कवर में रखने का फैसला किया और इसे विशेष जांच दल को नहीं सौंपा। धोनी ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि संपत के अनुसार सीलबंद लिफाफे को रोकने के पीछे सुप्रीम कोर्ट का एक मकसद था।
धोनी पर लगाया था मैच फिक्सिंग का आरोप
2013 में जी संपत कुमार तमिलनाडु पुलिस के CID के अफसर थे। उन्होंने 2013 IPL सट्टेबाजी मामले की शुरुआती जांच की थी। उन पर सट्टेबाजों को छोड़ने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगा था। इसलिए उन्हें केस से हटा दिया गया था। संपत ने इस केस में धोनी का नाम भी शामिल किया था। इस पर धोनी ने जी संपत कुमार और एक टेलीविजन चैनल ग्रुप के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया था।
सुप्रीम कोर्ट का क्या मकसद था ?
धोनी ने संपत के खिलाफ अवमानना याचिका भी दायर की थी। इस याचिका में संपत की ओर से सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों का हवाला दिया था। संपत कुमार ने कथित रूप से दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 IPL में मैच फिक्सिंग पर जस्टिस मुदiल समिति की रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सीलबंद कवर में रखने का फैसला किया और इसे विशेष जांच दल को नहीं सौंपा। धोनी ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि संपत के अनुसार सीलबंद लिफाफे को रोकने के पीछे सुप्रीम कोर्ट का एक मकसद था।
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