चाइनीज रोबोट को अपना बताकर फंसी गलगोटिया यूनिवर्सिटी, समिट से बाहर

Manya Jain | Feb 18, 2026, 14:28 IST
galgotias university ai summit controversy
दिल्ली एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक चाइनीज रोबोटिक डॉग को अपना आविष्कार बता दिया। जब यह फर्जीवाड़ा सामने आया, तो सरकार ने उन्हें इवेंट से बाहर कर दिया।

नई दिल्ली की एआई इम्पैक्ट समिट में बड़ा हंगामा हुआ है। नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एआई समिट से बाहर कर दिया गया। यूनिवर्सिटी ने एक चाइनीज रोबोटिक डॉग को अपनी खोज बता कर पेश किया था।



उसका वीडियो वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही सरकार ने यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।



विवाद की जड़: रोबोटिक डॉग 'ओरियन' या 'यूनिट्री Go2'?

सोशल मीडिया पर प्रोफेसर नेहा सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे एक रोबोटिक डॉग का शोकेस कर रही थीं। प्रोफेसर ने इस रोबोट का नाम 'ओरियन' बताया। उन्होंने दावा किया कि इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने बनाया है। वे इसे कैंपस की सुरक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि मानती हैं।



हालांकि वीडियो वायरल होतेही उनके दावों की पोल खुल गई। टेक एक्सपर्ट्स ने बताया कि यह रोबोट चीन का है। यह असल में यूनिट्री कंपनी का 'Go2' मॉडल है।



यह मॉडल पूरी दुनिया के बाजार में आसानी से उपलब्ध है। टेक एक्सपर्ट्स ने यूनिवर्सिटी के दावे को पूरी तरह गलत बताया है। नेटिजन्स अब इस वीडियो पर तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं।



क्या है यूनिट्री Go2 रोबोटिक डॉग?

यूनिट्री Go2 चीन का एक आधुनिक रोबोटिक डॉग (robotic machine) है। इसे यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी ने बनाया है। इसमें शानदार एआई (Artificial Intelligence) और स्मार्ट सेंसर लगे हैं। यह रोबोट अपने आसपास की जगह को पहचानता है।



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इसकी मदद से यह आसानी से सीढ़ियां चढ़ता है। रास्ते की बाधाओं से ये खुद को बचा लेता है। यह वॉयस कमांड पर भी काम करता है। इसका इस्तेमाल रिसर्च और फैक्ट्रियों में हो रहा है। भारत में इसकी कीमत दो से तीन लाख रुपए है।



यूनिवर्सिटी की सफाई

विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपनी सफाई पेश की। यूनिवर्सिटी ने कहा कि उन्होंने रोबोट बनाने का दावा नहीं किया। उनके मुताबिक यह रोबोट छात्रों के लिए सिर्फ एक क्लासरूम है। इससे छात्र नई तकनीक के बारे में आसानी से सीख सकते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी की बातें सच नहीं मानी गईं।



GALGOTIYA UNIVERSITY JUSTIFICATION


प्लेटफॉर्म एक्स ने उनकी इस सफाई पर कम्युनिटी नोट लगा दिया। नोट में कहा गया कि प्रोफेसर की बातें लोगों को गुमराह करती हैं। इसे यूनिवर्सिटी की अपनी खोज बताना पूरी तरह से गलत था।



मामले ने लिया राजनीतिक रूप

इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस (Congress) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर (ग्लोबल इंडिया एआई समिट) पर भारत का मजाक उड़ रहा है।



कांग्रेस के अनुसार, एआई समिट जैसे महत्वपूर्ण मंच पर चीनी प्रोडक्ट्स को भारतीय बताकर दिखाना देश के लिए शर्मिंदगी की बात है। राहुल गांधी ने भी इसे 'पीआर तमाशा' करार देते हुए भारत के डेटा और टैलेंट के सही इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।



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