कनाडा में बसने का है प्लान, तो आज ही शुरू करें फ्रेंच की पढ़ाई

कनाडा में स्थायी निवास पाने के लिए फ्रेंच भाषा अब सबसे आसान रास्ता बन चुका है। कम CRS स्कोर और एक्सप्रेस एंट्री ड्रा में ज्यादा मौकों के लिए आज ही फ्रेंच सीखना शुरू करें।

author-image
Kaushiki
New Update
canada-pr

Canada PR: अगर आप भी कनाडा जाना चाहते हैं, तो अब अपनी स्ट्रेटेजी बदलें। अब सिर्फ IELTS या अंग्रेजी पर ध्यान न दें। कनाडा ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। अब फ्रेंच जानने वालों को गोल्डन टिकट मिल रहा है। 

जहां सिर्फ अंग्रेजी वालों को बहुत हाई CRS स्कोर चाहिए, वहीं फ्रेंच जानने वाले कम मेहनत में बाजी मार रहे हैं। बहुत से इंडियन स्टूडेंट्स अब TEF/TCF की पढ़ाई कर रहे हैं क्योंकि फ्रेंच ड्रॉ में कट-ऑफ बहुत कम जा रहा है।

ये भाषा सिर्फ एक स्किल नहीं, बल्कि आपकी परमानेंट रेजीडेंसी (PR) की पक्की चाबी है। अगर आप भी 2026 तक कनाडा में सेटल होना चाहते हैं, तो आज ही फ्रेंच सीखना शुरू कर दें। ये भाषा आपको भीड़ से अलग करेगी। यह आपके कनाडा जाने का सपना पूरा कर सकती है।

कनाडा कैसे जाएं

कनाडा PR के सपने को सच करने के लिए IELTS (International English Language Testing System) और TEF/TCF (Test d'Evaluation de French) टेस्ट देना होता है। आइए जानें क्या है ये:

  • लैंग्वेज टेस्ट: 

    जैसे अंग्रेजी के लिए IELTS (International English Language Testing Syste) जरूरी है, वैसे ही फ्रेंच के लिए TEF या TCF (Test d'Evaluation de French) टेस्ट देना होता है।

  • दो अलग संस्थाएं: 

    TEF (सीसीआई पेरिस) और TCF (एफईआई) द्वारा कराए जाते हैं। दोनों ही कनाडा सरकार (IRCC) को मान्य हैं।

  • दो अलग-अलग रास्ते: 

    पढ़ाई (Study Abroad) के लिए एकेडमिक टेस्ट होता है, जबकि जॉब और PR के लिए जनरल टेस्ट दिया जाता है।

  • एक्स्ट्रा पॉइंट्स का फायदा: 

    अंग्रेजी के साथ फ्रेंच टेस्ट देने से CRS (Comprehensive Ranking System) स्कोर में 50+ बोनस पॉइंट्स का बड़ा उछाल आता है।

  • चारों स्किल्स की जांच:

    दोनों ही टेस्ट में में चार मॉड्यूल होते हैं—Listening (सुनना), Reading (पढ़ना), Writing (लिखना) और Speaking (बोलना)।

  • स्कोर और वैलिडिटी: 

    इनमें 0 से 9 के बीच बैंड या पॉइंट्स मिलते हैं, जिनका रिजल्ट सिर्फ 2 साल के लिए मान्य रहता है।

क्या है कनाडा सरकार की नई पॉलिसी

कनाडा सरकार की 2026 की नई पॉलिसी के तहत अब फ्रेंच बोलने वाले भारतीय स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स उनकी सबसे पहली पसंद बन गए हैं।

अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी है और आप फ्रेंच भी सीख लेते हैं, तो आपको 50 एक्स्ट्रा बोनस पॉइंट्स मिलते हैं। ये आपको भीड़ से सीधा टॉप पर पहुंचा देते हैं। आइए कुछ पॉइंट्स से समझें की कनाडा का इमिग्रेशन सिस्टम कितना बदल गयाा है:-

  • एक्सप्रेस एंट्री का बदलता स्वरूप

    Canada का इमिग्रेशन सिस्टम अब काफी बदल चुका है। सरकार अब चुनिंदा कैटेगरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इसमें फ्रेंच भाषा को सबसे ऊपर रखा गया है। हाल के ड्रा में इसके नतीजे साफ दिखे हैं। फ्रेंच कैटेगरी में कट-ऑफ स्कोर बहुत कम रहा है।

  • फ्रेंच भाषा: पीआर के लिए गोल्डन टिकट

    एक्सपर्ट्स फ्रेंच को गोल्डन टिकट कह रहे हैं। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कई ड्रा हुए। इनमें फ्रेंच बोलने वालों का स्कोर सबसे कम था। दिसंबर में यह स्कोर गिरकर 399 तक पहुंच गया। इतने कम स्कोर पर PR मिलना एक चमत्कार है।

  • CRS स्कोर में मिलता है बड़ा फायदा

    फ्रेंच सीखने का दोहरा फायदा मिलता है। अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी है और फ्रेंच भी आती है। तो आपको अतिरिक्त 50 पॉइंट्स मिल सकते हैं। यह पॉइंट्स आपकी रैंकिंग को बहुत ऊपर ले जाते हैं। इससे आपकी प्रोफाइल पूल में सबसे अलग दिखती है।

  • अन्य कैटेगरी में बढ़ता मुकाबला

    कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास (Canadian Experience Class) में बहुत भीड़ है। यहां कट-ऑफ स्कोर अभी भी 500 के पार है। भारतीय छात्रों के बीच यहां कड़ी कॉम्पिटिशन चल रही है। मास्टर्स और PhD वाले उम्मीदवार यहां ज्यादा स्कोर कर रहे हैं। डिप्लोमा धारकों के लिए यहां राह थोड़ी मुश्किल है।

  • ऑक्यूपेशन बेस्ड ड्रा के विकल्प

    हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में भी अच्छे मौके हैं। लेकिन यहां काम करने के लिए लाइसेंस जरूरी है। विदेशी डिग्रियों को कनाडा में मान्यता लेनी पड़ती है। इसमें काफी समय और पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए फ्रेंच सीखना सबसे सरल और सस्ता रास्ता है।

  • PNP अब बना बैकअप प्लान

    प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (Provincial Nominee Program) अब केवल बैकअप है। इसमें समय बहुत ज्यादा लगता है और खर्च भी। इसमें नौकरी का ऑफर होना भी जरूरी होता है। इसके मुकाबले फ्रेंच ड्रा बहुत तेज और आसान हैं। यही वजह है कि लोग अब फ्रेंच पढ़ रहे हैं।

  • भारतीयों में बढ़ रहा है फ्रेंच का क्रेज

    हजारों भारतीय (how to go to Canada) अब लंच ब्रेक में फ्रेंच पढ़ रहे हैं। वर्क परमिट खत्म होने से पहले वे PR चाहते हैं। कई युवा अब इसी रास्ते पर हैं। उन्हें पता है कि भाषा ही उन्हें बचाएगी। कनाडा सरकार का लक्ष्य अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

  • 2026-28 के लिए सरकार की नई रणनीति

    ओटावा सरकार ने अपना नया प्लान जारी किया है। वे टेम्परेरी रेजिडेंट्स की संख्या कम करना चाहते हैं। लेकिन सालाना 3.8 लाख स्थायी निवास (Permanent Residency) देने का लक्ष्य स्थिर है। इसका मतलब है कि चुनाव अब बहुत सोच-समझकर होगा। फ्रेंच इसमें सबसे बड़ी प्रॉयोरिटी बनकर उभर रही है।

तो अगर आप भारी भीड़ और ऊंचे कट-ऑफ से बचना चाहते हैं, तो फ्रेंच सीखकर 50 बोनस पॉइंट्स हासिल करना सबसे समझदारी भरा और तेज रास्ता है। Canada India Relation

ये खबरें भी पढ़ें...

ग्लोबल कंपनियों में हाई-सैलरी जॉब के लिए कैसे सीखें फ्रेंच बोलना, यहां से लें हेल्प

फ्री में कैसे सीखें कोरियन बोलना, ये यूट्यूब चैनल्स आपको बनाएंगे प्रोफेशनल एक्सपर्ट

अमेरिका-यूरोप के ग्लोबल मार्केट में करियर बनाने के लिए कैसे सीखें स्पेनिश भाषा

लग्जरी ब्रांड्स, डिजाइनिंग और फूड इंडस्ट्री में जॉब के लिए कैसे सीखें Italian Language

how to go to Canada कनाडा कैसे जाएं Canada कनाडा Canada India Relation Study Abroad
Advertisment