देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम, जानिए कहां-कहां विराजते है विघ्नहर्ता गणपती बप्पा
Ganesh Chaturthi: देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जहां हर शहर अपनी अनूठी परंपराओं और भव्य पंडालों के लिए प्रसिद्ध है। मुंबई, पुणे, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बडोदरा जैसे स्थानों पर गणेश जी का आगमन विशाल मूर्तियों और रंगीन उत्सवों के साथ होता है।
मुंबई में गणेश चतुर्थी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, जहां लालबागचा राजा, गिरगांव चौपाटी और अंधेरी जैसे स्थानों पर भव्य गणेश मूर्तियों का आगमन होता है। लोग पंडालों में जाकर दर्शन करते हैं और विसर्जन के दौरान भव्य प्रदर्शन होता है।
पुणे भी गणेश चतुर्थी का एक प्रमुख केंद्र है, जहां का कसबा गणपति और श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। यहां का गणेश आगमन हर साल बहुत ही शानदार होता है।
हैदराबाद में भी गणेश चतुर्थी (भगवान गणेश का दिन) का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां के बालापुर गणेश और खैरताबाद गणेश बहुत प्रसिद्ध हैं। खैरताबाद का गणेश हर साल दुनिया का सबसे बड़ा गणेश मूर्ति बनाता है।
हैदराबाद में गणेश चतुर्थी के दौरान एक कलाकार ने ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित पंडाल तैयार किया, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल की झलक भी देखने को मिली। यह पंडाल बेहद अनोखा और आकर्षक था।
कोलकाता में गणेश चतुर्थी को बंगाली शैली में मनाया जाता है, खासकर उत्तर कोलकाता में। यहां के पंडालों में गणेश जी की मूर्तियों को भव्य रूप से सजाया जाता है और यहां का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और रंगीन होता है।
चेन्नई के कई शहरों में गणेश चतुर्थी बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। यहां पर इस त्योहार की विशेष धूम होती है और हर स्थान पर भव्य पंडाल और विशाल गणेश मूर्तियों का प्रदर्शन किया जाता है।
बडोदरा (गुजरात) में गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां के पंडालों में विशाल गणेश मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से पूजा करते हैं। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है, जो शहर के वातावरण को और भी जीवंत बना देते हैं।
दिल्ली में भी गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर छतरपुर मंदिर और पंडित पार्क जैसे प्रसिद्ध स्थानों पर। इन स्थानों पर पंडाल बेहद भव्य होते हैं और यहां हर साल भारी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं।