हल्का सिर दर्द है तो न करें लापरवाही, जा सकती है आंखों की रोशनी
पांच प्वाइंट में समझें पूरा मामला
- ग्लूकोमा एक ऐसी आंखों की बीमारी है, जो खामोशी से आंखों की रोशनी छीन सकती है।
- समय पर ग्लूकोमा का पता लगाना ही इसका सबसे अच्छा इलाज है।
- ओपन एंगल ग्लूकोमा में साइड विजन धीरे-धीरे कम होता है।
- बच्चों में ग्लूकोमा के लक्षण आमतौर पर सफेद पुतली, रोशनी से घबराहट और आंखों से पानी आना होते हैं।
- ग्लूकोमा के लक्षणों को नजरअंदाज करने से आपकी विजन हमेशा के लिए जा सकती है, इसलिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ग्लूकोमा, जिसे हम आमतौर पर काला मोतिया के नाम से जानते हैं। यह आंखों की एक गंभीर स्थिति है। इसे साइलेंट थीफ ऑफ साइट भी कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी चेतावनी के आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे छीन सकता है। ग्लूकोमा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल जनवरी में ग्लूकोमा अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है।
ग्लूकोमा के लक्षण क्या हैं?
ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी (eye disease) है, जो चुपचाप शुरू होती है। आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण महसूस नहीं होते। रोगी को न तो आंखों में कोई दर्द होता है और न ही कोई विजन में बदलाव महसूस होता है। इसके कारण मरीज अक्सर तब डॉक्टर के पास जाता है, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।
यही कारण है कि ग्लूकोमा को गंभीर माना जाता है, क्योंकि एक बार विजन का नुकसान हो जाने के बाद, उसे फिर से ठीक नहीं किया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यदि समय रहते ग्लूकोमा की जांच हो गई, तो इस पर काबू पाया जा सकता है
ग्लूकोमा को लेकर डॉक्टर क्या सलाह दे रहे
ग्लूकोमा के लक्षण अलग-अलग प्रकार के होते हैं, और इनकी पहचान सही समय पर कर पाना बेहद जरूरी है। मैक्स मल्टी स्पेशलिटी सेंटर पंचशील पार्क में ऑप्थैल्मोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. देवेंद्र सूद ने इस बारे में विस्तार से बताया है। साथ ही उनने ये भी तबाया है कि किस प्रकार से आप ग्लूकोमा (Glaucoma screening)के लक्षणों को पहचान सकते हैं।
ओपन एंगल ग्लूकोमा
यह ग्लूकोमा का सबसे सामान्य प्रकार है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। इसके लक्षण शुरुआत में न के बराबर होते हैं-
- शुरुआत में कोई लक्षण नहीं: इस प्रकार के ग्लूकोमा में शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन धीरे-धीरे आंखों के चश्मे का नंबर बदलने लगता है।
- शाम के समय समस्या: शाम के समय कुछ मरीजों को आंखों में भारीपन, हल्का सिरदर्द या भौंहों के पास दबाव महसूस हो सकता है। कम रोशनी में देखने में भी समस्या हो सकती है।
- विजन का नुकसान: सबसे पहले साइड विजन कमजोर होने लगता है। अगर इलाज न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे सामने देखने की क्षमता को भी खत्म कर सकता है।
- नॉर्मल टेंशन ग्लूकोमा: इस प्रकार के ग्लूकोमा में आंखों का दबाव सामान्य रहता है, लेकिन फिर भी ऑप्टिक नर्व डैमेज हो जाती है।
एंगल क्लोजर ग्लूकोमा
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और अचानक हमला करता है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- अचानक आंखों में तेज दर्द और भयानक सिरदर्द होना।
- बल्ब या रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे दिखाई देना।
- विजन का अचानक धुंधला होना और आंखों का लाल होना।
- आंखों के दबाव के कारण जी मिचलाना या उल्टी होना।
बच्चों में ग्लूकोमा
ग्लूकोमा कभी-कभी बच्चों में भी हो सकता है, और इसके लक्षण अलग होते हैं:
- आंख की पुतली या कॉर्निया का धुंधला या सफेद दिखाई देना।
- बच्चों का तेज रोशनी से घबराना।
- आंखों से लगातार पानी आना और आंखों का बड़ा दिखना।
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