/sootr/media/media_files/2026/01/05/winter-blues-mental-exhaustion-2026-01-05-19-10-28.jpg)
इन पांच प्वाइंट में समझें पूरा मामला
- सर्दियों में होने वाली सुस्ती और उदासी को महज आलस न समझें, यह 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' हो सकता है।
- कम धूप मानसिक तनाव बढ़ाती है, इसलिए दिन में कुछ समय प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा में जरूर बिताएं।
- रोज उन बातों को लिखने की आदत डालें जिनके लिए आप शुक्रगुजार हैं, इससे मानसिक सकारात्मकता बढ़ती है।
- घर में पौधे लगाना या हरियाली के बीच समय बिताना एक नेचुरल थेरेपी की तरह मूड को तुरंत बूस्ट करता है।
- शारीरिक व्यायाम और सामाजिक मेलजोल को कम न होने दें, क्योंकि अकेलापन मानसिक थकान को और बढ़ा देता है।
health update. जैसे-जैसे पारा गिरता है, कई लोगों के मूड में भी गिरावट दर्ज की जाने लगती है। अगर आप भी इन दिनों बिना किसी ठोस वजह के उदासी, थकान और काम में मन न लगने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए।
यह सिर्फ आलस नहीं है, बल्कि एक साइकोलोजिस्ट स्थिति है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्दियों में होने वाली इस मानसिक परेशानी को विंटर ब्लूज कहा जाता है। कुछ गंभीर मामलों में यह समस्या सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर का रूप ले लेती है, जिससे निपटना बेहद जरूरी है।
क्या है विंटर ब्लूज?
कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रवि शाह बताते हैं कि, सर्दियों के दौरान लोग अक्सर खुद को सुस्त और थका हुआ महसूस करते हैं।
इस मौसम में हमारी सामान्य गतिविधियों और चीजों में दिलचस्पी काफी कम हो जाती है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर और मन दोनों ही ऊर्जा की कमी महसूस करने लगते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...सावधान! दिनभर गर्म पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानें नुकसान
सुस्ती बढ़ने का मुख्य कारण क्या है
सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप कम मिलती है। इसके साथ ही हमारी शारीरिक गतिविधि और सामाजिक मेलजोल भी काफी घट जाता है। डॉ. शाह के अनुसार, लगातार उदासी महसूस होना, पसंदीदा शौक से दूर होना, भूख या वजन में अचानक बदलाव और हर समय छाई रहने वाली सुस्ती इसके मेन लक्षण हैं। जब हम बाहर कम निकलते हैं, तो हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ता है।
ये खबर भी पढ़ें...आंखों से जानिए शरीर में होने वाले बदलाव, किस बीमारी की ओर करती हैं ये इशारा
स्वस्थ रहने के लिए थेरेपी जरूरी
अगर आप घर के भीतर कैद महसूस कर रहे हैं, तो पौधे और प्रकृति आपके लिए बेहतरीन थेरेपी का काम कर सकते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि प्रकृति का हमारे मूड पर गहरा सकारात्मक असर होता है।
घर में कुछ हरा-भरा देखना या सुंदर प्राकृतिक दृश्यों के करीब रहना ही आपको खुश और ऊर्जावान बनाने के लिए काफी है। सर्दी।mental health
सर्दियों की सुस्ती दूर करने के 5 प्रभावी तरीके...
रोजाना उन बातों को नोट करें जो आपको खुशी देती हैं।
सर्दियों में जितना हो सके धूप में समय बिताएं।
घर के अंदर ही सही, लेकिन फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।
घर में पौधे लगाएं या किसी पार्क में टहलने जाएं।
अकेलेपन से बचने के लिए दोस्तों या परिवार से बातचीत करते रहें।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us