ग्रैच्युटी नियम 2026: अब 1 साल की नौकरी पर भी मिलेगी ग्रैच्युटी, जानें फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए नया कानून
Pawan Modiya | Apr 05, 2026, 17:15 IST
Photograph: (the sootr)
अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 5 साल का इंतजार नहीं करना होगा। सिर्फ 1 साल की नौकरी पर भी ग्रैच्युटी मिलेगी। यह बदलाव उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो प्रोजेक्ट-बेस्ड जॉब, कॉन्ट्रैक्ट जॉब या सीमित अवधि के रोजगार में काम करते हैं।
भारत में कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। ग्रैच्युटी नियम (Gratuity Rule) में संशोधन के बाद अब कर्मचारियों को ग्रैच्युटी पाने के लिए 5 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खास तौर पर फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (Fixed Term Employees) के लिए यह नियम काफी राहत देने वाला है।
नए लेबर कोड (Labour Code) के लागू होने के बाद यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट (Fixed Term Contract) पर काम करता है और उसकी सेवा कम से कम 1 साल की हो जाती है, तो वह भी ग्रैच्युटी (Gratuity) पाने का हकदार होगा। यह बदलाव खासकर उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रोजेक्ट-बेस्ड जॉब, कॉन्ट्रैक्ट जॉब या सीमित अवधि के रोजगार में काम करते हैं।
ग्रैच्युटी (Gratuity) एक वित्तीय लाभ है जो कंपनी अपने कर्मचारी को उसकी लंबी सेवा के सम्मान में देती है। यह राशि आमतौर पर कर्मचारी के रिटायरमेंट, इस्तीफा देने या नौकरी समाप्त होने पर दी जाती है।
पहले Payment of Gratuity Act, 1972 के तहत किसी भी कर्मचारी को ग्रैच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की लगातार सेवा करनी पड़ती थी। लेकिन नए श्रम कानूनों में यह नियम बदल दिया गया है।
फिक्स्ड-टर्म रोजगार (Fixed Term Employment) वह व्यवस्था है जिसमें किसी कर्मचारी को एक निश्चित समय अवधि के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया जाता है।
उदाहरण के लिए:
लेकिन अब नए नियम के अनुसार:
नए ग्रैच्युटी नियम (New Gratuity Rule) के अनुसार:
✔ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब 5 साल का इंतजार नहीं करना होगा
✔ सिर्फ 1 साल की लगातार सेवा के बाद ग्रैच्युटी मिलेगी
✔ कर्मचारी जितना समय काम करेगा, उसी हिसाब से ग्रैच्युटी दी जाएगी
मान लीजिए किसी कर्मचारी का कॉन्ट्रैक्ट 1 साल 3 महीने का है तो उसे पूरे 15 महीने की ग्रैच्युटी मिलेगी। यदि किसी ने 1 साल 5 महीने काम किया है तो उसे लगभग 17 महीने की ग्रैच्युटी का लाभ मिल सकता है।
सरकार ने यह बदलाव खास तौर पर उन कर्मचारियों को ध्यान में रखकर किया है जो प्रोजेक्ट-बेस्ड जॉब (Project Based Job) करते हैं। कॉन्ट्रैक्ट जॉब (Contract Job) पर काम करते हैं। स्टार्टअप और आईटी कंपनियों में अल्पकालिक रोजगार करते हैं।
पहले ऐसे कर्मचारियों को कई साल काम करने के बाद भी ग्रैच्युटी नहीं मिलती थी क्योंकि वे 5 साल की सेवा पूरी नहीं कर पाते थे।
नए नियम से:
नए लेबर कोड (Labour Code) के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया गया है।
नियम के अनुसार:
नए नियम के अनुसार कंपनियों को अब कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (Full & Final Settlement) बहुत जल्दी करना होगा।
कर्मचारी के इस्तीफा देने पर, नौकरी से निकाले जाने पर या कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर कंपनी को 48 घंटे के भीतर उसका ग्रैच्युटी, बकाया वेतन और अन्य भुगतान करना होगा। पहले यह प्रक्रिया 30 से 60 दिन तक चलती थी।
हां, नए ग्रैच्युटी नियम (Gratuity Rule) के तहत यदि कोई कर्मचारी फिक्स्ड-टर्म रोजगार (Fixed Term Employment) में कम से कम 1 साल तक काम करता है, तो वह ग्रैच्युटी पाने का हकदार होगा। पहले इसके लिए 5 साल की सेवा जरूरी थी।
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (Fixed Term Employees) को उनकी कॉन्ट्रैक्ट अवधि के अनुसार ग्रैच्युटी मिलेगी। उदाहरण के लिए यदि किसी ने 1 साल 4 महीने काम किया है, तो उसी अवधि के हिसाब से ग्रैच्युटी का भुगतान किया जाएगा।
नया ग्रैच्युटी नियम (New Gratuity Rule) खासकर कॉन्ट्रैक्ट और प्रोजेक्ट-बेस्ड कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें कम अवधि की नौकरी में भी वित्तीय सुरक्षा और अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
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नए लेबर कोड (Labour Code) के लागू होने के बाद यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट (Fixed Term Contract) पर काम करता है और उसकी सेवा कम से कम 1 साल की हो जाती है, तो वह भी ग्रैच्युटी (Gratuity) पाने का हकदार होगा। यह बदलाव खासकर उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रोजेक्ट-बेस्ड जॉब, कॉन्ट्रैक्ट जॉब या सीमित अवधि के रोजगार में काम करते हैं।
ग्रैच्युटी क्या होती है? (What is Gratuity)
पहले Payment of Gratuity Act, 1972 के तहत किसी भी कर्मचारी को ग्रैच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की लगातार सेवा करनी पड़ती थी। लेकिन नए श्रम कानूनों में यह नियम बदल दिया गया है।
फिक्स्ड-टर्म रोजगार क्या होता है? (Fixed Term Employment)
उदाहरण के लिए:
- 1 साल का कॉन्ट्रैक्ट
- 18 महीने का प्रोजेक्ट
- 2 साल की तय अवधि वाली नौकरी
लेकिन अब नए नियम के अनुसार:
- उन्हें सीधे कंपनी के पेरोल (Company Payroll) पर रखा जाएगा
- उनकी सैलरी, छुट्टियां और भत्ते (Allowances) स्थायी कर्मचारियों के समान होंगे
नए ग्रैच्युटी नियम में क्या बदलाव हुआ?
✔ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब 5 साल का इंतजार नहीं करना होगा
✔ सिर्फ 1 साल की लगातार सेवा के बाद ग्रैच्युटी मिलेगी
✔ कर्मचारी जितना समय काम करेगा, उसी हिसाब से ग्रैच्युटी दी जाएगी
उदाहरण से समझें
नए ग्रैच्युटी नियम की मुख्य बातें
- कम से कम 1 साल की सेवा जरूरी
- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
- 5 साल की अनिवार्यता समाप्त
- कॉन्ट्रैक्ट अवधि के हिसाब से भुगतान
- 48 घंटे में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट
ग्रैच्युटी नियम में बदलाव क्यों किया गया?
पहले ऐसे कर्मचारियों को कई साल काम करने के बाद भी ग्रैच्युटी नहीं मिलती थी क्योंकि वे 5 साल की सेवा पूरी नहीं कर पाते थे।
नए नियम से:
- कर्मचारियों को काम का उचित रिवॉर्ड मिलेगा
- रोजगार में सुरक्षा और भरोसा बढ़ेगा
बेसिक सैलरी से जुड़ा नया नियम
नियम के अनुसार:
- कर्मचारी की बेसिक सैलरी (Basic Salary) कुल CTC का कम से कम 50% होनी चाहिए
- भत्ते जैसे HRA, ट्रैवल अलाउंस आदि 50% से अधिक नहीं हो सकते
इसका फायदा
- ग्रैच्युटी राशि बढ़ेगी
- PF (Provident Fund) का योगदान भी बढ़ेगा
48 घंटे में होगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट
कर्मचारी के इस्तीफा देने पर, नौकरी से निकाले जाने पर या कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर कंपनी को 48 घंटे के भीतर उसका ग्रैच्युटी, बकाया वेतन और अन्य भुगतान करना होगा। पहले यह प्रक्रिया 30 से 60 दिन तक चलती थी।
कर्मचारियों को होने वाले फायदे
- जल्दी मिलेगा ग्रैच्युटी का लाभ
- कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बराबरी का दर्जा
- बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रैच्युटी ज्यादा
- 48 घंटे में भुगतान की सुविधा
FAQs
1. क्या अब 1 साल की नौकरी पर भी ग्रैच्युटी मिलेगी?
2. फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को ग्रैच्युटी कैसे मिलेगी?
3. नया ग्रैच्युटी नियम कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
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