ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, रात में खाई थी मैगी, फूड पॉइजनिंग की आशंका
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 17, 2026, 13:28 IST
मैगी खाने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
ग्रेटर नोएडा में एक साथ पांच लोगों की मौत से इलाके में हलचल मच गई है। एक ही परिवार के पति-पत्नी और तीन बच्चे शनिवार सुबह मृत मिले। बताया जा रहा है कि परिवार ने शुक्रवार रात मैगी नूडल्स खाए थे। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका है। ग्रेटर नोएडा डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही कारण साफ होगा।
यह घटना शुक्रवार रात की है। पुलिस के हवाले से बताया गया कि पांचों सदस्य बिस्तर पर मृत मिले। मृतकों में 37 साल का पुरुष और 35 साल की महिला हैं। तीनों बच्चों की उम्र 11, सात और तीन साल बताई गई है।
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस को एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एंबुलेंस और फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम को भी बुलाया गया।
पुलिस के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्यों ने रात करीब 10 बजे मैगी नूडल्स खाए थे और फिर सोने चले गए। सुबह जब कोई नहीं उठा, तो लोगों को शक हुआ। जांच करने पर परिवार के पांचों सदस्य बिस्तर पर मृत मिले।
घटना के बाद घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम ने मौके से वैज्ञानिक सबूत जुटाए। पांचों शवों का पंचनामा भी तैयार किया गया, यानी शवों की स्थिति का लिखित ब्योरा दर्ज किया गया।
इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम भी खाद्य पदार्थों के सैंपल और सबूत जुटा रही है।
ग्रेटर नोएडा
प्रारंभिक जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। यानी दूषित खाना खाने से शरीर पर जहर या संक्रमण का असर पड़ना। आसपास के लोगों ने बताया कि परिवार ने रात में नूडल्स खाए थे। मृतक पुरुष की मां ने भी यही बात कही।
हालांकि, ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है। इसलिए पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस ने अभी तक मौत की असली वजह साफ नहीं की है। यानी नूडल्स खाने से फूड पॉइजनिंग होने की बात अभी जांच में साबित नहीं हुई है। पोस्टमार्टम और दूसरी जांचों के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौत की असली वजह तीन रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगी। इनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच रिपोर्ट और खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट शामिल हैं।
पोस्टमार्टम में मौत की वजह जानने के लिए शव की चिकित्सकीय जांच की जाती है। इससे मौत के असली कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है। पुलिस का कहना है कि मौत की वजह की पुष्टि होने के बाद ही कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है।
इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच खाद्य पदार्थों के 483 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 247 नमूनों में गड़बड़ी मिली। यानी करीब 51 प्रतिशत खाद्य पदार्थ तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। सबसे ज्यादा मिलावट दूध से बनी चीजों में मिली। इनमें पनीर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाई गई। इसके अलावा मसाले, अनाज, रिफाइंड और खोया में भी मिलावट मिली।
खबर में यह भी बताया गया है कि इसी इलाके में पहले भी ऐसा मामला सामने आया था। उस समय फ्रीज से निकला पपीता खाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, जांच में मिले इन नमूनों का उस मामले से कोई संबंध है या नहीं, यह अभी साबित नहीं हुआ है।
सुबह पुलिस को मिली जानकारी
पुलिस के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्यों ने रात करीब 10 बजे मैगी नूडल्स खाए थे और फिर सोने चले गए। सुबह जब कोई नहीं उठा, तो लोगों को शक हुआ। जांच करने पर परिवार के पांचों सदस्य बिस्तर पर मृत मिले।
घटना के बाद घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौके पर फोरेंसिक टीम ने क्या जुटाया?
इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीम भी खाद्य पदार्थों के सैंपल और सबूत जुटा रही है।
ग्रेटर नोएडा फूड पॉइजनिंग का सवाल
हालांकि, ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है। इसलिए पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
नूडल्स फूड पॉइजनिंग पर पुलिस का रुख
जांच में अब आगे क्या होगा?
पोस्टमार्टम में मौत की वजह जानने के लिए शव की चिकित्सकीय जांच की जाती है। इससे मौत के असली कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है। पुलिस का कहना है कि मौत की वजह की पुष्टि होने के बाद ही कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है।
खाद्य नमूनों की रिपोर्ट क्या बताती है?
खबर में यह भी बताया गया है कि इसी इलाके में पहले भी ऐसा मामला सामने आया था। उस समय फ्रीज से निकला पपीता खाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, जांच में मिले इन नमूनों का उस मामले से कोई संबंध है या नहीं, यह अभी साबित नहीं हुआ है।
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