गुजरात निकाय चुनाव में BJP ने सभी 15 नगर निगम जीते, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ
News In Short
- BJP ने सभी 15 नगर निगमों पर कब्जा बरकरार रखा।
- मोदी-शाह के बिना BJP गुजरात में 'आत्मनिर्भर' बनी।
- AAP ने नेता प्रतिपक्ष का पद भी गंवाया।
- 84 में से 73 नगर पालिका BJP के खाते में गईं।
- वडोदरा में 44 टिकट काटने के बाद भी BJP जीती।
News In Detail
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 (Gujarat Local Body Election 2026) में सत्तारूढ़ BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी ने बिना PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के प्रचार के सभी 15 महानगरपालिका पर एकतरफा कब्जा जमाया। कांग्रेस और AAP दोनों हाशिये पर सिमट गईं। गुजरात BJP यूनिट ने साबित कर दिया कि वह पूरी तरह 'आत्मनिर्भर' है।
BJP की 'आत्मनिर्भर' जीत
गुजरात निकाय चुनाव 2026 (Gujarat Municipal Election) में BJP ने एक नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने इन चुनावों में प्रचार नहीं किया था। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यस्तता के कारण केंद्रीय नेतृत्व ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद गुजरात BJP यूनिट ने शानदार प्रदर्शन किया।
पार्टी ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत सभी 15 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) पर जीत दर्ज की। यह जीत पार्टी की संगठनात्मक ताकत की बड़ी मिसाल है।
पटेल-संघवी ने थामी कमान
केंद्रीय नेतृत्व की अनुपस्थिति में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने चुनावी मोर्चा संभाला। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और संगठन मंत्री रत्नाकर ने मिलकर कई नई रणनीतियां अपनाईं।
वडोदरा में पार्टी ने कड़े विरोध के बावजूद 44 पार्षदों के टिकट काट दिए। इस साहसी फैसले के बाद भी BJP ने 76 में से 69 सीटें जीतीं। कांग्रेस को मात्र 6 सीटें मिलीं और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। यह जीत पार्टी की रणनीतिक परिपक्वता दर्शाती है।
शहर से गांव तक कमल खिला
BJP का दबदबा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी झंडे गाड़े। 84 नगर पालिकाओं (Nagar Palika) में से 73 पर BJP ने जीत हासिल की।
कांग्रेस को मात्र 6 नगर पालिकाएं मिलीं, जिनमें डभोई नगर पालिका भी शामिल है जो कांग्रेस ने BJP से छीनी। AAP के खाते में एक भी नगर पालिका नहीं आई। इसके अलावा गरुड़ेश्वर, वालिया, चिकड़ा, लालपुर और बगसरा तालुका पंचायतों में भी BJP की बड़ी जीत हुई।
AAP को बड़ा झटका
2021 में गुजरात की राजनीति में दस्तक देने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) को इस बार करारी शिकस्त मिली। सूरत जहां से AAP ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी, वहां भी पार्टी बुरी तरह पिछड़ गई।
AAP ने सूरत में अपने दिग्गज नेता मनोज सोरठिया को मेयर बनाने का दांव खेला, लेकिन सोरठिया चुनाव हार गए। इसके साथ ही AAP का नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) का पद भी छिन गया। यह AAP के लिए गुजरात में बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुआ।
393 निकायों में BJP का परचम
गुजरात में कुल 393 स्थानीय निकायों के चुनाव हुए। इनमें 15 नगर निगम, 84 नगर पालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तहसील पंचायत शामिल थीं। BJP ने लगभग सभी मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
PM मोदी ने पोस्टल बैलट (Postal Ballot) से वोट डाला, जबकि अमित शाह केवल मतदान के लिए आए। राज्य इकाई ने अपने दम पर यह चुनावी लड़ाई जीती, जो आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए शुभ संकेत है।
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