हरदीप पुरी की बेटी ने दिल्ली हाईकोर्ट से एपस्टीन से जुड़े कंटेंट को हटाने की याचिका दायर की

Sandeep Kumar | Mar 16, 2026, 19:13 IST
hardeeppuri daughter
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी, हिमायनी पुरी ने मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाली झूठी सामग्री सोशल मीडिया पर फैल रही है। वह 10 करोड़ रुपये का मुआवजा मांग रही हैं।

News in short

  • हिमायनी पुरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की।
  • 10 करोड़ रुपए का मानहानि मुकदमा भी दायर किया गया।
  • आरोप था कि उन्हें जेफरी एपस्टीन से जोड़ा गया।
  • झूठे आरोपों को फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर सामग्री डाली गई।
  • प्रतिवादियों से बिना शर्त माफी की मांग की गई।

News in Detail

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी, हिमायनी पुरी ने मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाली झूठी सामग्री सोशल मीडिया पर फैल रही है। वह 10 करोड़ रुपए का मुआवजा मांग रही हैं।



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मानहानि का मुकदमा

हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा दायर किया। इसमें उन्होंने 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ) आदेश की मांग की ताकि उस सामग्री को हटाया जा सके। उनके अनुसार, विभिन्न प्रतिवादियों ने कई डिजिटल, सोशल मीडिया और मध्यस्थ प्लेटफॉर्म पर उनके बारे में झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान प्रकाशित किए। उन्होंने इन कृत्यों में शामिल लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की भी मांग की। मुकदमे के अनुसार, प्रतिवादियों द्वारा एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियान चलाया गया, जिसका मकसद उन्हें जेफरी एपस्टीन और उसकी आपराधिक गतिविधियों से जोड़ना है।



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क्या है पूरा मामला ?

22 फरवरी 2026 से झूठी, भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित की गई। इन पोस्टों में वीडियो, लेख और डिजिटल सामग्री शामिल हैं। इनमें 'X' (पहले ट्विटर), YouTube, Instagram, Facebook, LinkedIn और अन्य प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। पुरी को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उनकी छवि को खराब करना है। उन्होंने कहा कि विवादित प्रकाशन अभी भी सोशल मीडिया पर हैं। इन तक पहुंच संभव है और ये बड़े पैमाने पर प्रसारित हो रहे हैं। इससे उनकी प्रतिष्ठा को लगातार नुकसान हो रहा है।



मुकदमे में कहा गया कि प्रतिवादियों ने झूठे आरोप लगाए। इनमें यह आरोप भी था कि उनका जेफरी एपस्टीन से संबंध था। यह आरोप था कि उन्हें या उनकी फर्म को एपस्टीन से काला धन मिला था। यह भी कहा गया कि मिस्टर रॉबर्ट मिलार्ड ने उनके साथ मिलकर साजिश रची। साजिश का संबंध लेहमैन ब्रदर्स के पतन से था।



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आरोप पूरी तरह से झूठे

यह आरोप पूरी तरह से झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं। प्रतिवादियों ने इन आरोपों को सनसनीखेज तरीके से फैलाया। इसमें एडिट किए गए वीडियो, गुमराह करने वाले कैप्शन और छेड़छाड़ किए गए थंबनेल शामिल हैं। इनका उद्देश्य जनता के गुस्से को भड़काना था। इनका मकसद वादी की प्रतिष्ठा को अधिकतम नुकसान पहुंचाना था।



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