हिंदू छात्र को मिला कलमा पढ़ने का होमवर्क, परिजनों के साथ VHP का प्रदर्शन
समझें क्या है पूरा मामला
- एक निजी स्कूल में होमवर्क को लेकर विवाद हुआ।
- दूसरी कक्षा के छात्रों को कलमा पढ़ने का निर्देश मिला।
- कक्षा में एक हिंदू छात्र के परिवार ने आपत्ति जताई।
- स्कूल प्रबंधन ने महिला टीचर को नौकरी से हटाया।
- मामले को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन भी हुआ।
कलमा पर हंगामा
एक निजी स्कूल में कलमा पढ़ने को लेकर मिले होमवर्क पर हंगामा हुआ। दरअसल दूसरी कक्षा के छात्रों को कलमा पढ़ने का होमवर्क दिया गया था। कक्षा में सिर्फ एक छात्र हिंदू था। उसके परिवार ने इस पर आपत्ति जताई। स्कूल ने संबंधित टीचर को नौकरी से हटा दिया। ये पूरा मामला हैदराबाद के एक निजी स्कूल का है।
डीसीपी बोले- नीति का उल्लंघन
पुलिस के डीसीपी खरे किरण प्रभाकर ने गुरुवार को इस पर बयान दिया। उनके अनुसार यह घटना दो नियमों का उल्लंघन है। पहला नियम स्कूल का है। दूसरा नियम शिक्षा नीति का है। पुलिस ने यह भी साफ किया। अब तक कोई आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यानी मामला अभी शिकायत और जांच के स्तर पर ही है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
बुआ का आरोप, टीचर ने मानी गलती
इस विवाद से पहले बच्चे की बुआ स्कूल पहुंची थीं। उन्होंने टीचरों से इस बारे में सवाल किए। उनका आरोप था कि होमवर्क डायरी में कलमा पढ़ने का निर्देश लिखा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रिंसिपल ने इसे सबके लिए जरूरी बताया था।
उनके अनुसार यह निर्देश एक धार्मिक विषय के तौर पर दिया गया था। बाद में संबंधित टीचर ने अपनी गलती मान ली। उन्होंने कहा कि यह निर्देश गलती से डायरी में लिख दिया गया था।
उनके अनुसार धार्मिक विषय से जुड़ा होमवर्क सबको नहीं दिया जाना चाहिए। यह सिर्फ उन्हीं छात्रों को मिलना चाहिए, जिन्होंने खुद इसे चुना हो। परिवार पक्ष ने शिक्षा विभाग से इस मामले की जांच की मांग की।
परिवार ने माफी मंजूर की
गुरुवार को छात्र के परिजन स्कूल प्रिंसिपल से मिले। उन्होंने प्रिंसिपल को एक लिखित पत्र सौंपा। पत्र में लिखा था कि टीचर ने माफी मांग ली है। परिवार ने यह माफी स्वीकार कर ली। उन्होंने अपनी शिकायत वापस लेने की बात भी कही। हालांकि एक सवाल अब भी अनसुलझा है।
यह सवाल है टीचर की नौकरी वापस मिलने का। इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार बच्चे के माता-पिता ने भी संतोष जताया है। उनका कहना है कि स्कूल की कार्रवाई से वे खुश हैं। उनके मुताबिक अब मामला सुलझ चुका है।
स्कूल के बाहर प्रदर्शन
इस बीच मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। विश्व हिंदू परिषद यानी VHP (Vishwa Hindu Parishad) ने भी इसका विरोध किया।
दोनों पक्षों ने संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। गुरुवार को VHP कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई की।
30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर हिरासत खत्म कर दी गई।टीचर और स्कूल प्रशासन के बीच एक बहस हुई थी। इसका वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इससे यह मामला और सुर्खियों में आ गया।
फिलहाल परिवार की तरफ से शिकायत वापस ले ली गई है। लेकिन टीचर की नौकरी को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, यह भी देखने वाली बात होगी। स्कूल प्रबंधन की तरफ से अभी कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
फिलहाल यह साफ नहीं है कि टीचर की नौकरी बहाल होगी या नहीं। स्कूल प्रबंधन को इस पर फैसला लेना बाकी है। शिक्षा विभाग की तरफ से भी अभी कोई जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। निजी स्कूलों में धार्मिक होमवर्क को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
आमतौर पर स्कूल नियमों के अनुसार धार्मिक गतिविधियां वैकल्पिक रखी जाती हैं। किसी एक धर्म से जुड़ा काम सबको देना नियमों के खिलाफ माना जाता है। इसी वजह से इसे शिक्षा नीति का उल्लंघन बताया गया है।
परिवार ने शिकायत वापस ले ली है, इसलिए तनाव अभी कुछ कम हुआ है। लेकिन VHP और अन्य संगठनों की मांग अब भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में स्कूल पर स्पष्टीकरण का दबाव रह सकता है।
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