टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी AI स्टार्टअप्स दे रहे विदेशी मॉडल्स को टक्कर

भारत का स्वदेशी AI स्टैक वैश्विक स्तर पर धूम मचा रहा है। Sarvam AI से लेकर Qure.ai तक, जानें कैसे भारतीय स्टार्टअप्स हेल्थकेयर और बिजनेस में क्रांति ला रहे हैं।

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Manya Jain
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा में अब भारत का नाम गूंज रहा है। साल 2026 तक पूरी तस्वीर ही बदल चुकी है। भारत अब AI का केवल इस्तेमाल ही नहीं करता। अब हम खुद अपनी तकनीक तैयार कर रहे हैं।

भारत का अपना स्वदेशी AI सिस्टम अब तैयार है। हमारे स्टार्टअप्स दुनिया की बड़ी कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं। ये स्टार्टअप्स भारतीय भाषाओं के लिए सटीक समाधान लाए हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हल भी अब आसान हो गया है। आइए जानते हैं कौन से भारतीय स्टार्टअप्स हेल्थकेयर और बिजनेस में क्रांति ला रहे हैं।

भारत का स्वदेशी LLM  

भारत के बिजनेस और लिंगविस्टिक एनवायरनमेंट को समझने के लिए विदेशी मॉडल अक्सर संघर्ष करते हैं, लेकिन भारतीय स्टार्टअप्स ने इस कमी को पूरा किया है।

1. Sarvam AI: भारत का पहला स्वदेशी LLM

Sarvam AI ने भारत की तकनीकी ताकत साबित की है। इसने विश्व-स्तरीय एआई मॉडल बनाकर इतिहास रच दिया है। olmOCR बेंचमार्क पर इसे 84.3% स्कोर मिला है।

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OmniDocBench पर भी इसने 93.28% अंक हासिल किए। यह कई मामलों में जेमिनी और चैटजीपीटी से आगे है। भारत के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे देश का अपना एआई सिस्टम मजबूत होगा।

2. Fractal Analytics: AI क्षेत्र का पहला IPO

Fractal Analytics इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह भारत की पहली लिस्टेड AI कंपनी बनने जा रही है। कंपनी ने करीब 29 हजार करोड़ रुपए का IPO फाइल किया है।

Fractal's GenAI Powered Smart-Search | Fractal

इसकी वैल्यूएशन 3.5 बिलियन डॉलर से अधिक आंकी गई है। इसने साबित किया कि भारतीय AI (ArtificialIntelligence) कंपनियां वैश्विक स्तर की हैं। अब भारतीय कंपनियां दुनिया भर में अपनी धाक जमा रही हैं।

3. Gnani.ai: भारतीय उच्चारण की गहरी समझ

Gnani ने भारत के लिए 'Vachana STT' बनाया है। यह तकनीक हमारे शोरगुल वाले माहौल को समझती है। यह अलग-अलग क्षेत्रीय उच्चारणों को आसानी से पहचानती है।

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इसे 10 लाख घंटे के वॉयस डेटा पर ट्रेन किया गया है। यह 10 से अधिक भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करती है। यह सिस्टम अब बोलचाल की भाषा को टेक्स्ट में बदलेगा।

हेल्थकेयर में भारतीय AI

भारतीय मेडिकल AI healthcare स्टार्टअप्स आज दुनिया के सबसे भरोसेमंद नाम बन चुके हैं। वे लैब टेस्ट से लेकर कैंसर डिटेक्शन तक सब कुछ आसान बना रहे हैं।

स्टार्टअप का नामप्रमुख उपलब्धि (Major Achievement)वैश्विक प्रभाव (Global Impact)
Qure.ai19 FDA क्लियरेंस और 65+ CE मार्क105+ देशों की 5,200 साइट्स पर सक्रिय
NiramaiThermalytix (बिना रेडिएशन की जांच)3 लाख+ महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर जांच
SigtupleAI100 (ऑटोमेटेड माइक्रोस्कोपी)US FDA 510(k) मंजूरी पाने वाला पहला भारतीय समाधान
Intelehealthओपन-सोर्स टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म80+ केयर प्रोटोकॉल के साथ डिजिटल सहायता

Niramai का थर्मल इमेजिंग सिस्टम न केवल सस्ता है, बल्कि यह पूरी तरह से गैर-आक्रामक (Non-invasive) है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी बिना किसी हिचकिचाहट के कैंसर की जांच करा पा रही हैं।

क्यों जरूरी है स्वदेशी AI?

भारत की डिजिटल सुरक्षा के लिए स्वदेशी एआई स्टार्टअप जरूरी हैं। स्थानीय स्तर पर डेटा प्रोसेस करना बहुत सुरक्षित रहता है। भारतीय भाषाओं पर बने मॉडल अधिक सटीक परिणाम देते हैं।

हेल्थकेयर क्षेत्र में सिगटुपल (Sigtuple) जैसे स्टार्टअप कमाल कर रहे हैं। ये लैब जांच को बहुत तेज और सटीक बना रहे हैं। भारतीय तकनीक अब दुनिया भर में नए मानक बना रही है।

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