झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: सिर्फ कपड़े उठाना रेप अटेम्प्ट नहीं, आरोपी की सजा रद्द

Manya Jain | Sept 09, 2026, 15:20 IST
Share
jharkhand hc attempt to rape verdict
jharkhand hc attempt to rape verdict

झारखंड हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि सिर्फ रात में घर में घुसना और कपड़े पकड़ना रेप की कोशिश साबित नहीं करता। कोर्ट ने आरोपी की चार साल की सजा रद्द कर दी।

झारखंड हाईकोर्ट ने रेप के प्रयास यानी अटेम्प्ट टू रेप से जुड़े करीब 26 साल पुराने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि केवल रात में महिला के घर में घुसना, उसके कपड़े उठाना और उसे पकड़ लेना, अपने आप में रेप के प्रयास का अपराध साबित नहीं करता। कोर्ट के मुताबिक जब तक रेप करने की दिशा में कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष कृत्य सामने न आए, तब तक मौजूद सबूत इस अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माने जाएंगे।

जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने निचली अदालत के फैसले में बड़ा बदलाव करते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता यानी IPC की धारा 376/511 के तहत मिली चार साल की सश्रम कारावास की सजा को रद्द कर दिया। अदालत ने इस मामले को महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से किए गए हमले, यानी धारा 354 IPC के तहत माना।

कोर्ट ने आरोपी के कृत्य को माना अश्लील

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता की पूरी गवाही को देखने पर आरोपी की तरफ से ऐसा कोई खास प्रत्यक्ष कृत्य सामने नहीं आता। जिसे रेप करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सके।

हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि आरोपी का आचरण अश्लील हमला था। जिससे महिला की लज्जा भंग होने की आशंका थी। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को धारा 376/511 के बजाय धारा 354 के तहत दोषी माना।

कब और कैसे हुई थी यह घटना

यह मामला 27 दिसंबर 1999 की देर रात का है, जब पूर्वी सिंहभूम जिले के एक गांव में यह वारदात हुई थी। आरोपों के मुताबिक महिला अपने घर में सो रही थी और उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। आधी रात के करीब आरोपी कथित तौर पर दरवाजा खोलकर कमरे में दाखिल हुआ और महिला के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। आरोप है कि उसने महिला के कपड़े उठाकर उसके साथ छेड़छाड़ की थी।

ऐसे ही और मामलों में भी उठे सवाल

यह पहली बार नहीं है जब किसी हाई कोर्ट के इस तरह के फैसले पर सवाल उठे हों। इसी साल पटना हाई कोर्ट ने भी एक फैसले में कहा था कि महिला का सलवार उतारना और उससे छेड़छाड़ करना रेप की कोशिश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि फैसले से पहले पर्याप्त शोध नहीं किया गया।

इससे पहले मार्च 2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का एक फैसला भी विवादों में रहा था। एक नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में जज ने कहा था कि छाती पकड़ना और पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणी पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसमें संवेदनशीलता और मानवीयता की पूरी कमी झलकती है। कोर्ट ने इसे तत्काल रोक दिया था।

इन दोनों मामलों में महिला और बाल अधिकार संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि ऐसी टिप्पणियां समाज को गलत संदेश देती हैं।

कानून क्या कहता है

भारतीय कानून में रेप की कोशिश और यौन उत्पीड़न के बीच एक बारीक रेखा है। रेप की कोशिश साबित करने के लिए यह दिखाना जरूरी होता है कि आरोपी ने सिर्फ तैयारी नहीं, बल्कि उससे आगे का ठोस कदम उठाया था।

यही वजह है कि कई मामलों में अदालतें आरोपों को कम गंभीर धारा में बदल देती हैं। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इस तरह की व्याख्या पीड़ितों का भरोसा कमजोर करती है।

ये भी पढ़ें...

सिंगापुर पीएम की सैलरी 64 फीसदी बढ़ी, भ्रष्टाचार रोकने का सरकार का नया प्लान

ट्रेनों में खाने की जगह मिल रही बीमारी, भरी गंदगी के बीच पक रहा यात्रियों का भोजन

सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का नया प्लान, क्या है नया ड्राइविंग लाइसेंस रुल

EPS Pension Formula: खुद कैलकुलेट करें अपना मंथली पेंशन, जानें आसान

Tags:
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट
  • हाई कोर्ट
  • रेप
  • यौन उत्पीड़न
  • कानून
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...

By Sandeep Kumar

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...
Rajasthan Top News: 3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस

By Ashish Bhardwaj

Rajasthan Top News: 3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस
EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी

By Arun Tiwari

EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी
13 से 16 अक्टूबर तक होगी सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा, जानें कब मिलेगा एडमिट कार्ड

By Ashish Bhardwaj

13 से 16 अक्टूबर तक होगी सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा, जानें कब मिलेगा एडमिट कार्ड
CG Top News : खरोरा अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री पर बवाल, बालोद में एसिड अटैक और हाईकोर्ट का अहम फैसला समेत पढ़े छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें

By Umeshwari Baghel

CG Top News : खरोरा अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री पर बवाल, बालोद में एसिड अटैक और हाईकोर्ट का अहम फैसला समेत पढ़े छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें
राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान पुलिस की ऐतिहासिक पहल, हाइटेक होगी बीट पुलिसिंग, पहले चरण में 9 जिलों में होगी लागू
जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर

By Raghvendra Singh Rathore

जवाहर सर्किल के सब-वे की 20 दुकानें बनीं कबाड़घर: दो बार नीलामी फेल, अब बिजली पर ₹19.97 लाख का नया टेंडर