कुंभ, अर्धकुंभ, पूर्णकुंभ, महाकुंभ और सिंहस्थ में क्या अंतर है, जानें

Raj Singh | Jan 07, 2025, 16:01 IST
Share
Importance of kumbah
Importance of kumbah

कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो चार प्रमुख स्थानों पर आयोजित होता है हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन। इन स्थानों पर होने वाले कुंभ के पर्व की अवधि और आयोजन की स्थिति अलग-अलग होती है।

कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो चार प्रमुख स्थानों पर आयोजित होता है हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन। इन स्थानों पर होने वाले कुंभ के पर्व की अवधि और आयोजन की स्थिति अलग-अलग होती है। तो आइए जानते हैं इनके महत्व और आयोजन के बारे में विस्तार से.....

कुंभ क्या है?

कुंभ का अर्थ "घड़ा" या "कलश" होता है। हर तीन साल में कुंभ का आयोजन होता है, लेकिन उज्जैन को छोड़कर यह आयोजन अन्य तीन स्थानों पर ही होता है।

अर्धकुंभ क्या है?

"अर्ध" का अर्थ आधा होता है। हरिद्वार और प्रयाग में, दो कुंभ पर्वों के बीच छह साल के अंतराल पर अर्धकुंभ का आयोजन होता है।

पूर्णकुंभ क्या है?

पूर्णकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है। उदाहरण के लिए, जब उज्जैन में कुंभ होता है, तो उसके तीन साल बाद हरिद्वार, फिर प्रयाग और नासिक में कुंभ होते हैं। 12 साल बाद पुनः उज्जैन में कुंभ होगा, और इसे पूर्णकुंभ कहा जाएगा।

Mahakumbh-2025-1
Mahakumbh-2025-1


महाकुंभ क्या है?

महाकुंभ का आयोजन 144 वर्षों में एक बार प्रयागराज में होता है। 144 साल का अंतर 12 के गुणा 12 से आता है। इस आयोजन का महत्व अन्य कुंभ से कहीं अधिक होता है, और इसका आयोजन तब होता है जब चार कुंभों का चक्र पूरा होता है।

सिंहस्थ क्या है?

सिंहस्थ का आयोजन उज्जैन और नासिक में तब होता है जब बृहस्पति सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। इसे सिंहस्थ इसलिए कहा जाता है क्योंकि बृहस्पति सिंह राशि में होता है।

कुंभ मेले के चार प्रमुख स्थल

हरिद्वार: हरिद्वार में कुंभ का आयोजन तब होता है जब बृहस्पति कुंभ राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं।
प्रयागराज: प्रयागराज में कुंभ पर्व तब आयोजित होता है जब सूर्य मकर राशि में और बृहस्पति वृष राशि में प्रवेश करते हैं।
नासिक: नासिक में कुंभ का आयोजन गोदावरी नदी के तट पर होता है, जब बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं।
उज्जैन: उज्जैन में कुंभ तब होता है जब बृहस्पति सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं।

पौराणिक मान्यताएं और ज्योतिषीय विश्लेषण

कुंभ और अर्धकुंभ के आयोजन को लेकर पौराणिक ग्रंथों जैसे नारदीय पुराण, शिव पुराण और ब्रह्मा पुराण में भी ज्योतिषीय विश्लेषण दिए गए हैं। इन पर्वों का आयोजन हर तीन साल के अंतराल पर होता है, जहां हरिद्वार से शुरुआत होती है और फिर अन्य स्थानों पर होते हैं।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करे

Tags:
  • उज्जैन सिंहस्थ मेला
  • प्रयागराज
  • धर्म
  • हरिद्वार
  • सिंहस्थ 2028
  • उज्जैन सिंहस्थ
  • उज्जैन कुंभ
  • सिंहस्थ
  • सिंहस्थ कुंभ
  • कुंभ
  • कुंभ मेले का महत्व
  • अर्धकुंभ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा