बाबा का ये कैसा लॉजिक : MP के इस कथावाचक पर मीम की बाढ़, बिस्किट में विष होता है क्या?
Sandeep Kumar | Jun 25, 2024, 12:53 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-06-25T123231.436.jpg
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य देश के सबसे महंगे कथावाचकों में से एक हैं। हाल ही में अनिरुद्धाचार्य बिस्कुट पर ऐसा बयान दिया है जिसकी चौतरफा चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं क्या है वो बयान...
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य इन दिनों अपने बयानों को लेकर खूब चर्चा में हैं। इनकी चर्चा इस कदर है कि कथावाचक पर लगातार मीम की बाढ़ आ गई है। दरअसल हाल के वायरल बयान में अनिरुद्धाचार्य ने बिस्कुट को जहरीला बता दिया था उन्होंने कहा था कि आप बिस्कुट ज्यादा खाते हैं बिस्कुट का मतलब क्या है? विष की कीट, विष मतलब? जहर की किट। जिसमें जहर कूट के भरा हो... आप लोग चाय और बिस्कुट खूब खाते हैं। बिस्कुट में मैदा और शक्कर के अलावा और क्या है? अब बाबा के इस बयान पर उनको लोग ट्रोल रहे हैं।
अनिरुद्धाचार्य के महिलाओं के बारे में कई ऐसे बयान हैं जो आपत्तिजनक हैं। बात कर लेते है साल अक्टूबर 2022 में उनके ऐसे ही एक बयान पर खूब बवाल हुआ। उन्होंने अपनी एक सभा में माता सीता और द्रौपदी को लेकर विवादित बयान दिया था द्रौपदी की भरी सभा में साड़ी क्यों खींची गई, क्योंकि द्रौपदी भी जरूरत से ज्यादा सुंदर थीं। सीता का हरण इसलिए हुआ क्योंकि वो जरुरत से ज्यादा से अधिक सुंदर थीं। बाबा अपने इस बयान पर खूब ट्रोल हुए। यहां तक की लोगों ने बाबा को अपमानजनक और गलत अवधारणा पेश करने वाला भी बता डाला।
लोगों ने बाबा अनिरुद्धाचार्य पर कई तरह के सवाल उठाए। हिंदी कवि कुमार विश्वास ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि यानी माता सीता के हरण, दुशासन द्वारा याज्ञसेनी के चीर-हरण के लिए वे पापी नहीं, हमारी माताएं दोषी थीं? कैसी प्रचंड मूर्खता है?
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से 9 किलोमीटर दूर रेवझ गांव में हुआ। उन्होंने वृंदावन में रहकर वेद पुराण और शास्त्रों का अध्ययन किया। यहीं पर उन्हें रामानुजाचार्य संप्रदाय से आने वाले संत गिरिराज शास्त्री से दीक्षा मिली। इसके बाद अनिरुद्धाचार्य ने अपनी जन्मस्थली पर ही पहली बार कथावाचन किया।
साल 2019 के मई महीने में वृंदावन में ही उन्होंने अपने आश्रम की नींव डाली। नाम दिया गया- गौरी गोपाल आश्रम काम बन गया उनकी कथा सुनने हजारों लोगों की भीड़ पहुंचने लगी। सोशल मीडिया का सहारा मिला तो और पॉपुलर हुए। कथा सुनने आए लोग अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी समस्याओं को लेकर इन तक पहुंचने लगे। लोग से बातचीत और उनको सुझाए गए समाधान के वीडियो वायरल होने लगे।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
![sandeep mishr]()
महिलाओं पर बाबा दें चुके हैं ये बयान
अनिरुद्धाचार्य के महिलाओं के बारे में कई ऐसे बयान हैं जो आपत्तिजनक हैं। बात कर लेते है साल अक्टूबर 2022 में उनके ऐसे ही एक बयान पर खूब बवाल हुआ। उन्होंने अपनी एक सभा में माता सीता और द्रौपदी को लेकर विवादित बयान दिया था द्रौपदी की भरी सभा में साड़ी क्यों खींची गई, क्योंकि द्रौपदी भी जरूरत से ज्यादा सुंदर थीं। सीता का हरण इसलिए हुआ क्योंकि वो जरुरत से ज्यादा से अधिक सुंदर थीं। बाबा अपने इस बयान पर खूब ट्रोल हुए। यहां तक की लोगों ने बाबा को अपमानजनक और गलत अवधारणा पेश करने वाला भी बता डाला।
कुमार विश्वास ने दी प्रतिक्रिया
लोगों ने बाबा अनिरुद्धाचार्य पर कई तरह के सवाल उठाए। हिंदी कवि कुमार विश्वास ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि यानी माता सीता के हरण, दुशासन द्वारा याज्ञसेनी के चीर-हरण के लिए वे पापी नहीं, हमारी माताएं दोषी थीं? कैसी प्रचंड मूर्खता है?
यानि माता सीता के हरण, दुशासन द्वारा याज्ञसेनी के चीर-हरण के लिए वे पापी नहीं हमारी माताएँ दोषी थीं ? कैसी प्रचंड मूर्खता है?पर समस्या ये है कि हमारे तथाकथित धर्म-संस्कृति रक्षक भी इस पर कुछ नहीं बोलेंगें क्यूँकि उनकी भावनायें भी बस अपने विपक्षी राजनैतिक ख़ेमों पर ही आहत होती हैं pic.twitter.com/6CIEnvaOTc
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) October 13, 2022
कौन हैं कथावाचक अनिरुद्धाचार्य
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से 9 किलोमीटर दूर रेवझ गांव में हुआ। उन्होंने वृंदावन में रहकर वेद पुराण और शास्त्रों का अध्ययन किया। यहीं पर उन्हें रामानुजाचार्य संप्रदाय से आने वाले संत गिरिराज शास्त्री से दीक्षा मिली। इसके बाद अनिरुद्धाचार्य ने अपनी जन्मस्थली पर ही पहली बार कथावाचन किया।
साल 2019 के मई महीने में वृंदावन में ही उन्होंने अपने आश्रम की नींव डाली। नाम दिया गया- गौरी गोपाल आश्रम काम बन गया उनकी कथा सुनने हजारों लोगों की भीड़ पहुंचने लगी। सोशल मीडिया का सहारा मिला तो और पॉपुलर हुए। कथा सुनने आए लोग अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी समस्याओं को लेकर इन तक पहुंचने लगे। लोग से बातचीत और उनको सुझाए गए समाधान के वीडियो वायरल होने लगे।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
sandeep mishr
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman