हेट स्पीच केस: महुआ मोइत्रा को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कह दी ये बड़ी बात...
समझें क्या है पूरा मामला...
- महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली कोई राहत।
- हेट स्पीच केस में अब पुलिस के सामने पेशी तय।
- कोर्ट बोला, सांसद होकर अंडों से क्यों डर रही हैं।
- मोइत्रा के वकील ने खुद वापस ली याचिका।
- हाईकोर्ट के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उन्हें हेट स्पीच केस में 15 अगस्त को थाने बुलाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसमें दखल देने से मना कर दिया। मोइत्रा के वकील ने खुद ही याचिका वापस ले ली।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच ने साफ कहा कि वह हाईकोर्ट के आदेश में दखल नहीं देना चाहती। मोइत्रा की तरफ से सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने वर्चुअल पेशी का अधिकार मांगा था।
वकील ने कोर्ट में क्या दलील दी
वकील ने बताया कि पुलिस के नोटिस के मुताबिक मोइत्रा को अपने संसदीय क्षेत्र के थाने जाना होगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार वहां जाने पर मोइत्रा को अंडे फेंकने की धमकी मिली थी। दूसरी बार सच में उन पर अंडे फेंके गए थे। इसी आधार पर वर्चुअल पेशी की मांग की गई थी।
कोर्ट की तीखी टिप्पणी
बेंच ने इस दलील पर मौखिक टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि मोइत्रा एक सांसद हैं। कोर्ट ने पूछा कि राजनीति में आकर वह अंडों से क्यों डर रही हैं। बेंच ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने सीने पर गोलियां खाई थीं।
कोर्ट ने कहा कि ऐसी अर्जियां अदालत के सामने आनी ही नहीं चाहिए। इसके बाद वकील ने खुद याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने मामला वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट का पहले क्या आदेश था
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को मोइत्रा को अंतरिम राहत दी थी। यह राहत 5 अक्टूबर तक सख्त कार्रवाई से बचाती है। मोइत्रा का दावा है कि यह केस झूठे आरोपों पर बना है। यह मामला नदिया जिले के होगलबेरिया थाने में दर्ज है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मोइत्रा को 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि मोइत्रा पर लगी बीएनएस (BNS – Bharatiya Nyaya Sanhita) धाराओं में सजा सात साल से कम है। इसलिए जांच में सहयोग करने पर उन्हें राहत मिल सकती है। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को तय है।
FAQ
- सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर क्या फैसला दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से भी मना कर दिया। - महुआ मोइत्रा को अब क्या करना होगा?
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होना है। थाने में पुलिस के सामने भी पेशी तय है। - यह हेट स्पीच केस कहां दर्ज है?
यह मामला पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के होगलबेरिया थाने में दर्ज है। मोइत्रा इसे झूठे आरोपों पर आधारित बताती हैं।
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