ईरान-इजराइल वॉर की आंच भारत तक, 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द, एयरपोर्ट जाने से पहले करें ये...

मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ने से भारतीय विमानन सेवाएं चरमरा गई हैं। इसका असर भारतीय विमान सेवाओं पर देखने को मिला है। दुबई जैसे गल्फ एयरपोर्ट्स पर भी कम से कम 9 भारतीय विमान फंसे हुए हैं।

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Aman Vaishnav
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News In Short

  • 28 फरवरी को भारत की कुल 410 उड़ानें रद्द की गईं थीं।
  • 1 मार्च को 444 उड़ानों के प्रभावित होने की बड़ी आशंका है।
  • एयर इंडिया ने गल्फ देशों की सभी सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
  • यात्रियों को मुफ्त रीशेड्यूलिंग और फुल रिफंड की सुविधा मिलेगी।

News In Detail

मध्य पूर्व संघर्ष से भारतीय विमानन सेवाएं प्रभावित

मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव तेज हो गया है। इस कारण से इराक, कुवैत, बहरीन और कतर जैसे देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इससे भारतीय एयरलाइंस की सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार 28 फरवरी को 410 उड़ानें रद्द हुईं थी। वहीं 1 मार्च को 444 उड़ानें प्रभावित होने की संभावना है।

प्रभावित एयरलाइंस और उड़ानें

एयर इंडिया और इंडिगो ने मध्य पूर्व की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। साथ ही एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर ने भी अपनी सभी उड़ाने रद्ध की हैं। एयर इंडिया ने 1 मार्च तक मध्य पूर्व के सभी रूट्स की उड़ानें रद्द कर दी हैं।

इसमें दिल्ली-लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस और टोरंटो जैसे प्रमुख रूट्स शामिल हैं। इंडिगो ने भी 1 मार्च शाम 6 बजे तक अपनी मध्य पूर्व सेवाएं रोक दी हैं। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी है कि गल्फ क्षेत्र की 110 फ्लाइट्स प्रभावित होंगी।

यात्रियों के लिए सहायता उपाय

डीजीसीए एयरलाइंस के साथ समन्वय कर रही है। साथ ही सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर संचालन सुनिश्चित कर रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्रियों को 5 मार्च तक मुफ्त रीशेड्यूलिंग या पूर्ण रिफंड की सुविधा दी है। ये सुविधा 28 फरवरी तक बुकिंग वाले यात्रियों के लिए है।

इंडिगो ने 28 फरवरी तक की बुकिंग पर 7 मार्च तक फुल रिफंड या रीशेड्यूलिंग की सुविधा दी है। मंत्रालय के पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम को 28 फरवरी को 216 शिकायतें मिलीं थी। इनमें से 105 का तुरंत समाधान किया गया है।

यात्रियों से अपील है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस चेक कर लें, क्योंकि हालात बदल रहे हैं। फ्लाइट रडार 24 के मुताबिक दुबई जैसे गल्फ एयरपोर्ट्स (खाड़ी देशों के हवाई अड्डे) पर कम से कम 9 भारतीय विमान फंसे हुए हैं।

क्या है अमेरिका, इजरायल- ईरान युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने शनिवार, 28 फरवरी को ईरान के प्रमुख शहरों पर हमला किया है। साथ ही ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल साइटों पर भी हमला किया है। इस ऑपरेशन को इजरायल ने रोअरिंग लायन नाम दिया है। वहीं अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का नाम दिया है। 

ईरानी सरकारी मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी पुष्टि की है। ईरान के सबसे बड़े नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई इन हमलों में मारे गए हैं। ईरान ने इस दुखद घटना के बाद पूरे देश में 40 दिनों का शोक घोषित किया है। 

ईरान ने इजरायल (खासकर तेल अवीव) और इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस हमले को ईरान ने ट्रुथफुल प्रॉमिस 4 नाम दिया है। 

इसलिए किया था हमला

अमेरिका और इजरायल का कहना है कि, ईरान तेजी से यूरेनियम को संवर्धित  कर रहा था। इससे वह परमाणु बम बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था। इजरायल इसे अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है। इस हमले के जरिए वह ईरान के परमाणु केंद्रों को पूरी तरह तबाह करना चाहता है। 

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपना तर्क दिया है। इस हमले का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। साथ ही उसकी मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह से खत्म करना है। अमेरिका का कहना है कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा था, जो यूरोप और जल्द ही अमेरिका तक पहुंच सकती थी। 

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