पुरी के जगन्नाथ मंदिर से सुनाई देती रहस्यमयी आवाजें, क्या छिपा है खजाने में?

Sandeep Kumar | Apr 14, 2026, 19:36 IST
jagannath temple
48 साल बाद ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार खोला गया। इसमें सोने-चांदी और बहुमूल्य रत्नों का भंडार मिला। मंदिर में खुफिया चैम्बर्स और सुरंगों का भी जिक्र किया गया है।

News in Short

  • ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 48 साल बाद खोला गया।
  • मंदिर में सोने, चांदी, हीरे और बहुमूल्य रत्न पाए गए।
  • मंदिर में कई खुफिया सुरंगों और चैम्बरों का रहस्य है।
  • पुजारी बासुदेव के अनुसार, इन रत्नों से मंदिर की सजावट होती थी।
  • मंदिर की गुप्त परंपराओं और रहस्यमयी आवाजों का अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला।

News in Detail

ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple ) का रत्न भंडार 48 साल बाद खोला गया है। इस रहस्यमयी खजाने में सोने, चांदी और हीरे जैसे बहुमूल्य रत्न मौजूद हैं। पुजारियों का दावा है कि मंदिर में कई खुफिया चैम्बर हैं, जहां और भी खजाना छिपा हुआ हो सकता है। इन चैम्बर्स में एक सुरंग भी है, जिसका रहस्य आज भी अनसुलझा है।



2018 में मिली खुफिया सुरंग

2018 में कुछ लोग अंधेरे रास्ते से होकर एक खुफिया तहखाने तक पहुंचे थे। इस तहखाने का दरवाजा कई दशकों से बंद था और दरवाजे के पीछे एक प्राचीन खजाना होने का दावा किया जाता है। हालांकि उस समय चाबी नहीं मिल सकी। लेकिन अब जुलाई 2024 में इस खुफिया चैम्बर का दरवाजा खोल दिया गया है। फिर भी इसके अंदर से क्या निकला, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।



सोने और चांदी का अथाह भंडार

मंदिर के पुजारी बासुदेव के अनुसार यह खजाना पुराने राजाओं का था, जिन्होंने अपनी जीती हुई संपत्ति इस रत्न भंडार में रखा था। सोने के मुकुट, सिंहासन, हीरे और बहुमूल्य आभूषण इस भंडार का हिस्सा थे। पुजारियों के अनुसार, रघुनाथ शृंगार के दौरान इन रत्नों से मंदिर की झांकी सजाई जाती थी।



जगन्नाथ मंदिर की रक्षा

इतिहास में यह भी उल्लेख मिलता है कि जगन्नाथ मंदिर को 18 बार लूटने की कोशिश की गई थी। लेकिन हर बार मंदिर के प्रतिहारियों ने ठाकुर जी की प्रतिमा को सुरक्षित बचाया। प्रतिहारियों के वंशज बताते हैं कि वे प्रतिमा को लेकर मंदिर के भीतर बनी खुफिया सुरंग में जाते थे। यहां आज भी अथाह संपत्ति होने का दावा किया जाता है।



मंदिर की परंपराएं और रहस्य

जगन्नाथ मंदिर की परंपराएं सख्त हैं और यहां हर 12 साल में भगवान की मूर्तियां बदली जाती हैं। जब मूर्तियां बदली जाती हैं, तो मंदिर को बंद कर दिया जाता है, और पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर यह काम करते हैं। इस दौरान रत्न भंडार से कई रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं, जैसे सांपों का गर्जन और अन्न की हांडी का रहस्य।



रहस्यमयी आवाजों का रहस्य

पुजारी बासुदेव का कहना है कि वे कई बार रत्न भंडार के पास काम करते हुए रहस्यमयी आवाजें सुन चुके हैं। वहां एक अन्न की हांडी रखी जाती है, जो रहस्यमयी रूप से गायब हो जाती है। 15 दिनों तक काम करते हुए वे कई अजीब आवाजें सुनते हैं, जिनका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता।



जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

भगवान जगन्नाथ का मंदिर सातवीं शताब्दी का है और इसका ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि इसके रहस्यों और परंपराओं ने इसे पूरी दुनिया में एक अद्भुत स्थान दिलवाया है। मंदिर की गुप्त सुरंगें और खजाने का रहस्य आज भी दुनिया भर के भक्तों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए हैं।



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