Aadhaar Card देने वाले नंदन नीलेकणि कर रहे हैं देश में बड़ी क्रांति लाने की तैयारी, जानिए उनका प्लान

Sourabh Bhatnagar | Sept 14, 2024, 10:35 IST
देश में कुछ बड़ा करने वाले है Nandan Nilekani
आधार कार्ड का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाले इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि अब देश में बिजली सेक्टर के लिए एक सिस्टम तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह इलेक्ट्रिसिटी ट्रांजेक्शन में बदलाव लाने का सिस्टम बनाने में जुट गए हैं।

भारत को आधार कार्ड, यूपीआई, फास्टैग, जीएसटी जैसी टेक्नोलॉजी देकर देश में डिजिटल इंडिया की बुनियाद रखने वाले नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani) अब बिजली के सेक्टर में कुछ बड़ा करने की योजन बना रहे हैं।



पद्म भूषण से सम्मानित नंदन निलेकणि ने कहा कि वह इलेक्ट्रिसिटी ट्रांजेक्शन में बदलाव लाने का सिस्टम बनाने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि यह सिस्टम रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के सेक्टर के लिए तैयार हो रहा है।



नीलेकणि को लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भारत को बहुत फायदा मिल सकता है। आपको बता दें कि नंदन नीलेकणि इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर भी हैं।



ये भी पढ़ें...काम की खबर : टोल नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब 20 किलोमीटर तक नहीं देना होगा टोल टैक्स



हर घर में होगा रूफटॉप सोलर

मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नंदन नीलेकणि ने बेंगलुरु में अयोजित एक इवेंट के दौरान कहा कि भारत में अब तक बिजली का उत्पादन बड़े प्लांट के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिर इसके डिस्ट्रीब्यूशन के लिए दाम तय कर दिए जाते हैं।



उनका कहना है कि रिन्यूएबल एनर्जी के सेक्टर में जो सिस्टम तैयार किया जा रहा है उससे भारत के मौजूदा सिस्टम में तेजी से बदलाव होगा। इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर का दावा है कि आने वाले समय में भारत में हर घर में बैटरी, एक फोर व्हीलर बैटरी और रूफटॉप सोलर देखने को मिलेगा।



ये खबर पढ़िए ...Narayana Murthy : इंफोसिस के चेयरमैन नारायण मूर्ति के अरबपति पोते ने कमाए 4 करोड़



हर कोई करना चाहता है बिजली का उत्पादन

AI बना सकता है लोगों का जीवन आसान

इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि का दावा है कि देश में AI लैंग्वेज मॉडल पर अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अलग अलग तरह की भाषाएं बोली जाती हैं। ऐसे में भाषा के सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से हम देश में लोगों का जीवन आसान बना सकते हैं।



ये भी पढ़ें...नारायण मूर्ति की यह सीख आपके परिवार का जीवन बदल सकती है, फैमिली बॉन्डिंग भी बढ़ेगी



कौन हैं नंदन नीलेकणि?

बेंगलुरु में जन्मे नंदन नीलेकणी एक प्रभावशाली भारतीय उद्यमी, इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व अध्यक्ष हैं। नीलेकणी देश में डिजिटल इंडिया की बुनियाद रखने वाले प्रमुख चहरों में से एक हैं। नीलेकणी ने अपना करियर 1978 में पाटनी कंप्यूटर सिस्टम्स से शुरू किया था, जहां उनकी मुलाकात इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति से हुई थी। नारायण मूर्ति के साथ कि उन्होंने 1981 में इंफोसिस की सह-स्थापना की थी। आपको बता दें कि उन्होंने 1978 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली थी।



Thesootr links

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें



Tags:
  • आधार कार्ड
  • Infosys company
  • फास्टैग
  • बेंगलुरु समाचार
  • नारायण मूर्ति
  • फास्टैग सिस्टम
  • डिजिटल इंडिया
  • यूआईडीएआई
  • Infosys
  • डिजिटल इंडिया मिशन
  • यूआईडीएआई आधार कार्ड अपडेट