नासा बनाएगा नए सिस्टम वाला रॉकेट, अब मंगल तक पहुंचने में 2 साल नहीं लगेगा सिर्फ इतना समय
Pratibha ranaa | May 23, 2024, 07:29 IST
nasa
नासा का कहना है कि पीपीआर का प्रोपल्शन सिस्टम अत्याधुनिक होगा। रॉकेट को न्यूक्लियर फ्यूजन पावर सिस्टम के जरिए ऊर्जा मिलेगी। एटम तोडऩे पर भारी ऊर्जा पैदा होगी, जिससे रॉकेट तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा।
अंतरिक्ष यान को अभी पृथ्वी से मंगल ग्रह पर पहुंचने में लगभग 22 से 24 महीने लगते हैं। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट ( Pulsed Plasma Rocket ) नाम से एक ऐसा रॉकेट बनाने जा रही है, जो सिर्फ दो महीने में मंगल ग्रह तक पहुंचा देगा। इस रॉकेट के बनने के बाद गहरे अंतरिक्ष में किसी भी तरह का मिशन करना ज्यादा आसान हो पाएगा।
नासा ने इस रॉकेट पर काम करने के लिए Howe Industries को फंडिंग दी है। यह रॉकेट हाई स्पेसिफिक इंपल्स या lsp पर उड़ान भरेगा। पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट में न्यूक्लियर फिजन पावर सिस्टम लगा होगा। इसके जरिए रॉकेट को ऊर्जा मिलेगी। इसमें एटम को तोड़ा जाएगा। एटम को तोड़ने पर भारी एनर्जी पैदा होगी, जिससे रॉकेट तेजी से आगे की ओर बढ़ेगा, लेकिन पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट छोटा होगा, सिंपल होगा और कई तरह के रॉकेट्स की तुलना में किफायती होगा।
पल्स्ड प्रोपल्शन रॉकेट सिस्टम
नासा का नया रॉकेट सिस्टम ना सिर्फ इंसानों बल्कि कार्गो मिशन को भी तेजी से मंगल ग्रह पर भेजने के काबिल होगा। अमेरिका के रिजोना स्थित होवे इंडस्ट्रीज पल्स्ड प्रोपल्शन रॉकेट सिस्टम (PPR) को बना रही है। कम समय में हाई वेलोसिटी तक पहुंचने के लिए पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट न्यूक्लियर फिजन का इस्तेमाल करेगा। एटम के अलग होने से एनर्जी निकलेगी और थ्रस्ट यानी जोर पैदा करने के लिए प्लाज्मा के पैकेट बनेंगे। वहीं नासा के मुताबिक पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट छोटा, आसान और ज्यादा किफायती है।
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
NASA की प्लाज्मा रॉकेट बनाने की प्लानिंग
नासा ने इस रॉकेट पर काम करने के लिए Howe Industries को फंडिंग दी है। यह रॉकेट हाई स्पेसिफिक इंपल्स या lsp पर उड़ान भरेगा। पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट में न्यूक्लियर फिजन पावर सिस्टम लगा होगा। इसके जरिए रॉकेट को ऊर्जा मिलेगी। इसमें एटम को तोड़ा जाएगा। एटम को तोड़ने पर भारी एनर्जी पैदा होगी, जिससे रॉकेट तेजी से आगे की ओर बढ़ेगा, लेकिन पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट छोटा होगा, सिंपल होगा और कई तरह के रॉकेट्स की तुलना में किफायती होगा।
पल्स्ड प्रोपल्शन रॉकेट सिस्टम
नासा का नया रॉकेट सिस्टम ना सिर्फ इंसानों बल्कि कार्गो मिशन को भी तेजी से मंगल ग्रह पर भेजने के काबिल होगा। अमेरिका के रिजोना स्थित होवे इंडस्ट्रीज पल्स्ड प्रोपल्शन रॉकेट सिस्टम (PPR) को बना रही है। कम समय में हाई वेलोसिटी तक पहुंचने के लिए पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट न्यूक्लियर फिजन का इस्तेमाल करेगा। एटम के अलग होने से एनर्जी निकलेगी और थ्रस्ट यानी जोर पैदा करने के लिए प्लाज्मा के पैकेट बनेंगे। वहीं नासा के मुताबिक पल्स्ड प्लाज्मा रॉकेट छोटा, आसान और ज्यादा किफायती है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari