नेपाल में कौन बनेगा PM: लाइट मैन' या पहली महिला चीफ जस्टिस, किसकी होगी कुर्सी
नेपाल में सोशल मीडिया बैन होने के कारण हजारों लोगों के सड़कों पर उतरने के बाद हिंसा भड़क गई (Gen Z आंदोलन नेपाल) जिसके बाद राजधानी काठमांडू में कर्फ्यू लगाना पड़ा और सेना को पूरे देश में तैनात किया गया।
नेपाल में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों और भारी राजनीतिक दबाव के (Nepal Gen-Z Protest ) चलते प्रधानमंत्री ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पहले पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का नाम सामने आया, फिर 'लाइट मैन' कहे जाने वाले कुलमान घीसिंग के नाम पर भी चर्चा हुई।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश थीं, और वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने सख्त रुख के लिए जानी जाती हैं, जिसके कारण उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री पद का एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सुशीला कार्की ने भारत के प्रसिद्ध बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की है।
सत्ता के दबाव के बावजूद वह न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए खड़ी रहीं, जिसके कारण उन्हें जनता का समर्थन भी मिला।
कुलमान घीसिंग का जन्म 1970 में नेपाल के रोल्पा जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई नेपाल में ही की, जिसके बाद उन्होंने भारत के एनआईटी कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया।
कुलमान घीसिंग को नेपाल में बिजली कटौती की समस्या को खत्म करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को घाटे से बाहर निकालकर मुनाफे में ला दिया।
उन्होंने कई उद्योगपतियों का बिजली बिल माफ करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। इस कदम ने उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया।