Gen-Z आंदोलनः सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला PM, मानीं प्रदर्शनकारियों की पांच शर्तें
नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ( Gen Z आंदोलन नेपाल) के बीच सुशीला कार्की को देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ 'Gen Z आंदोलन' (protest) के कारण नेपाल में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री बनाया गया।
Gen z शुरूआत में काठमांडू के मेयर बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने यह पद लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सुशीला कार्की को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
सुशीला कार्की अपनी ईमानदार और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ वाली छवि के लिए जानी जाती हैं। इसी कारण वह नेपाल की कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी कानूनी विशेषज्ञता और न्याय के प्रति अपनी लगन साबित की है, जो उनकी विश्वसनीयता को और मजबूत करती है।
सुशीला कार्की ने आंदोलनकारियों की एक बहुत महत्वपूर्ण मांग को मान लिया है। उन्होंने वादा किया है कि वे 6 महीने के भीतर नेपाल में आम चुनाव करवाएंगी, ताकि जनता नई सरकार चुन सके।
आंदोलनकारी चाहते थे कि नेपाल की संसद को भंग कर दिया जाए, ताकि नए सिरे से शुरुआत हो सके। उनकी इस बड़ी मांग को स्वीकार कर लिया गया है, जो कि उनकी जीत मानी जा रही है।
सुशीला कार्की ने आंदोलनकारियों की एक और अहम मांग को माना है। उन्होंने पुराने नेताओं की संपत्ति की जांच करने के लिए एक न्यायिक आयोग बनाने का वादा किया है, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।