फेक न्यूज रोकने के लिए ओपनएआई का बड़ा ऐलान, इलेक्शन में नहीं कर सकेंगे AI का इस्तेमाल
Pratibha Rana | Jan 17, 2024, 11:31 IST
फेक न्यूज रोकने के लिए ओपनएआई का बड़ा ऐलान, इलेक्शन में नहीं कर सकेंगे AI का इस्तेमाल
भारत में आम चुनाव से पहले अमरीका के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ओपनएआई ने कहा कि वह एआई का इस्तेमाल चुनावी अभियानों में नहीं होने देगा।
BHOPAL. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म चैटबॉट ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने एक बड़ा फैसला लिया है। चुनाव में अब भारत में AI का इस्तेमाल नहीं होगा। ओपनएआई इसपर रोक लगाएगी। दरअसल हाल ही में ओपनएआई ने ऐलान किया है कि 2024 के चुनावों में राजनेताओं और उनके अभियानों को कंपनी के एआई टूल का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। फेक न्यूज रोकने के खातिर ओपनएआई ने ऐसा फैसला लिया है। ओपनएआई ने कहा कि इसके लिए वह ऐसे टूल लाएगी, जिससे डीपफेक वीडियोज, फोटोज और फेक न्यूज को पूरी तरह से रोका जा सके।
OpenAI एक अमेरिकी कंपनी है जो मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के विकास और अध्ययन करती है। यह गोपनीयता-मुक्त एआई और एआई के उपयोग को बढ़ावा देती है। इसका इस्तेमाल दुनिया को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह जिम्मेदारी से विकसित और उपयोग किया जाना चाहिए।
ओपनएआई की स्थापना 2015 में एलन मस्क, सैम अल्टमैन, इलॉन मस्क, पियरे ओमिडायार, सैम एलिट्ज, और अन्य द्वारा की गई थी। ओपनएआई का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में है। कंपनी के दुनिया भर में कार्यालय भी हैं, जिनमें न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो, और सिंगापुर शामिल हैं।
ओपनएआई एक एआई कंपनी है। यह एआई के कई क्षेत्रों पर अनुसंधान करती है, जिनमें मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, कंप्यूटर दृष्टि, और रोबोटिक्स शामिल हैं। कंपनी अपने अनुसंधान के परिणामों को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करती है और एआई के विकास में शामिल अन्य कंपनियों और संस्थानों के साथ सहयोग करती है।
ओपनएआई का उद्देश्य एआई को सुरक्षित और लाभकारी बनाना है। कंपनी का मानना है कि एआई एक शक्तिशाली उपकरण है जिसका उपयोग दुनिया को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।
OpenAI कर सकती है ये बदलाव
- यूजर्स ChatGPT के जरिए रियल-टाइम जानकारी हासिल कर सकेंगे। चैटबॉट ने सूचना कहां से ली है, इसके लिए वो लिंक्स भी अटैच करेगी। कंटेट को इस्तेमाल करने के लिए कंपनी CNN, फॉक्स न्यूज, टाइम और ब्लूमबर्ग समेत कई मीडिया संस्थानों के साथ चर्चा कर रही है।
- OpenAI ऐसा टूल तैयार करवाएगी, जिससे AI से जेनरेट फोटो को आसानी से पता चल सकेगा। कंपनी फोटोज को एनकोड करना शुरू करेगी। इससे यूजर्स को फोटो बनाने वाले और बनाने के समय समेत कई अन्य जानकारियां मिलेंगी। आसानी से पता चल सकेगा कि कोई फोटो असली है या उसे कंप्यूटर की मदद से तैयार किया गया है।
ओपनएआई क्या है?
ओपनएआई की स्थापना कब हुई?
ओपनएआई क्या करता है?
ओपनएआई एआई के कई क्षेत्रों पर अनुसंधान करती है, जिनमें शामिल हैं:
- मशीन लर्निंग
- प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण
- कंप्यूटर दृष्टि
- रोबोटिक्स
- एआई के सुरक्षा और नैतिकता
क्या ओपनएआई एक एआई कंपनी है?
क्या ओपनएआई का उद्देश्य एआई को सुरक्षित और लाभकारी बनाना है?
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