FASTags की गड़बड़ी से Toll Plaza पर होने वाली किचकिच अब होगी दूर, NHAI ने किया बड़ा ऐलान
Dolly patil | Jun 14, 2024, 11:57 IST
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भारत सरकार एक नया सिस्टम लागू करने जा रही है, जिससे नेशनल हाईवे पर यात्रा करते समय रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जल्द ही इस नए टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरे देश में लागू करने वाला है।
भारत में ज्यादातर लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस दौरान उनका सामना टोल प्लाजा पर होने वाली भीड़, विवाद और भी कई तरह की समस्याओं से होता है।
लेकिन अब ये रोज-रोज की झंझट दूर की कौड़ी बन जाएंगे। दरअसल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने सैटेलाइट बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ( Electronic toll collection ) प्रणाली को लागू करने के लिए दुनिया भर से टेंडर और अभिरुचि पत्र ( Expression of Interest ) आमंत्रित किए हैं।
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक NHAI ने FASTag के जरिए टैक्स के लेनदेन को यात्रियों के लिए परेशानी मुक्त बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए टोल प्लाजा पर IT सिस्टम और हार्डवेयर की तैनाती में एक बड़े बदलाव का आदेश दिया है। एजेंसी इस काम में उन्ही कंपनियों को मौका देगी जिनके पास इस काम का विस्तृत अनुभव होगा।
इस काम का टेंडर पाने वाली कंपनी को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय द्वारा प्रमाणित निर्माताओं से ही अपने उपकरण खरीदने होंगे।
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टोल प्रबंधन के लिए जिम्मेदार NHAI की यूनिट IHMCL द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक उसके साथ काम करने के लिए कंपनी के पास एंटीना के साथ RFID रीडर, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर, Toll Lane कंट्रोलर और Toll Plaza सर्वर समेत अपनी सभी उपकरणों के लिए STQC सर्टिफिकेशन यानी प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
नए निर्देशों के अनुसार, सिस्टम इंटीग्रेटर्स को IHMCL को एक वचन देना होगा कि यदि उपकरण के कारण उन्हें निर्दिष्ट टोल प्लाजा पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो एजेंसी को पैनल को तुरंत सस्पेंड करने और उसकी बैंक गारंटी जब्त करने का अधिकार होगा।
NHAI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम ( GNSS ) पर आधारित इस व्यवस्था से राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले लोगों को बिना रुके टोल देने का नायाब और बेहतरीन अनुभव मिलेगा।
NHAI की इस पहल का मकसद राजमार्गों पर मौजूदा टोल बूथ प्रणाली को खत्म करना है। एजेंसी के एक अधिकृत बयान के मुताबिक देश के सभी नेशनल हाईवेज का इस्तेमाल करने वालों को बाधा-रहित टोल संग्रह अनुभव देने और टोल संचालन की दक्षता तथा पारदर्शिता बढ़ाने के
लिए, NHAI की कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ( IHMCL ) ने भारत में GNSS-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के विकास और उसे लागू करने के लिए योग्य कंपनियों से EOI मंगाया है।
जानकारी के मुताबिक इस बयान में कहा गया है कि NHAI मौजूदा फास्टैग व्यवस्था के भीतर ही GNSS आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ( ETC ) सिस्टम लागू करने की योजना बना रहा है।
शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक मिश्रित मॉडल को अपनाने की योजना है। जिसमें RFID आधारित ETC और GNSS आधारित ETC, दोनों एक साथ काम करेंगे।
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लेकिन अब ये रोज-रोज की झंझट दूर की कौड़ी बन जाएंगे। दरअसल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने सैटेलाइट बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ( Electronic toll collection ) प्रणाली को लागू करने के लिए दुनिया भर से टेंडर और अभिरुचि पत्र ( Expression of Interest ) आमंत्रित किए हैं।
TOI की रिपोर्ट में क्या कहा
TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक NHAI ने FASTag के जरिए टैक्स के लेनदेन को यात्रियों के लिए परेशानी मुक्त बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए टोल प्लाजा पर IT सिस्टम और हार्डवेयर की तैनाती में एक बड़े बदलाव का आदेश दिया है। एजेंसी इस काम में उन्ही कंपनियों को मौका देगी जिनके पास इस काम का विस्तृत अनुभव होगा।
इस काम का टेंडर पाने वाली कंपनी को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय द्वारा प्रमाणित निर्माताओं से ही अपने उपकरण खरीदने होंगे।
नहीं करें चिंता, बजट में मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना का रखा है पूरा ध्यान
गलती की गुंजाइश नहीं
टोल प्रबंधन के लिए जिम्मेदार NHAI की यूनिट IHMCL द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक उसके साथ काम करने के लिए कंपनी के पास एंटीना के साथ RFID रीडर, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर, Toll Lane कंट्रोलर और Toll Plaza सर्वर समेत अपनी सभी उपकरणों के लिए STQC सर्टिफिकेशन यानी प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
नए निर्देशों के अनुसार, सिस्टम इंटीग्रेटर्स को IHMCL को एक वचन देना होगा कि यदि उपकरण के कारण उन्हें निर्दिष्ट टोल प्लाजा पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो एजेंसी को पैनल को तुरंत सस्पेंड करने और उसकी बैंक गारंटी जब्त करने का अधिकार होगा।
सैटेलाइट से कटेगा टोल
NHAI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम ( GNSS ) पर आधारित इस व्यवस्था से राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले लोगों को बिना रुके टोल देने का नायाब और बेहतरीन अनुभव मिलेगा।
Toll बूथ सिस्टम खत्म होगा
NHAI की इस पहल का मकसद राजमार्गों पर मौजूदा टोल बूथ प्रणाली को खत्म करना है। एजेंसी के एक अधिकृत बयान के मुताबिक देश के सभी नेशनल हाईवेज का इस्तेमाल करने वालों को बाधा-रहित टोल संग्रह अनुभव देने और टोल संचालन की दक्षता तथा पारदर्शिता बढ़ाने के
लिए, NHAI की कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ( IHMCL ) ने भारत में GNSS-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के विकास और उसे लागू करने के लिए योग्य कंपनियों से EOI मंगाया है।
जानकारी के मुताबिक इस बयान में कहा गया है कि NHAI मौजूदा फास्टैग व्यवस्था के भीतर ही GNSS आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह ( ETC ) सिस्टम लागू करने की योजना बना रहा है।
शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक मिश्रित मॉडल को अपनाने की योजना है। जिसमें RFID आधारित ETC और GNSS आधारित ETC, दोनों एक साथ काम करेंगे।
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