राहुल गांधी ने निभाया प्रियंका से किया वादा: बचपन में खराब हुई थी आंख, दिल्ली बुलाकर कराया इलाज; पहली बार फ्लाइट से लौटी घर
Arohi Raj | Sootr Creatives | Nov 03, 2026, 12:36 IST
राहुल गांधी की मदद से मध्य प्रदेश के सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के पाड़छा गांव की रहने वाली प्रियंका के आंखों का इलाज हुआ।
कहते हैं किसी को उम्मीद देना आसान है, लेकिन उस उम्मीद को हकीकत में बदलना बड़ी बात होती है। इंदौर के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी से मिली आदिवासी छात्रा प्रियंका सेंगर के लिए यह मुलाकात जिंदगी का खास पल बन गई। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं... चलिए बताते हैं।
दरअसल, प्रियंका ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने बताया था कि बचपन में उनकी दाईं आंख में चूना गिर गया था। इससे उनकी आंख खराब हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए इलाज नहीं हो सका। तब राहुल गांधी ने मदद का भरोसा दिया था। अब प्रियंका को इलाज के लिए दिल्ली बुलाया गया। वहां उनकी आंख का इलाज कराया गया। इलाज के बाद प्रियंका पहली बार फ्लाइट से घर लौटीं। उनका वीडियो भी सामने आया है। इस तरह राहुल गांधी ने अपना वादा निभाया।
इंदौर में 19 सितंबर 2026 को छात्रों की गूंज कार्यक्रम हुआ था। इसमें राहुल गांधी ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की थी। शिक्षा, रोजगार और उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई थी। कार्यक्रम में सेंधवा के पाड़छा गांव की प्रियंका सेंगर भी पहुंची थीं। उन्होंने आदिवासी छात्राओं की पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं बताईं। साथ ही, सरकारी हॉस्टलों की परेशानियां भी सामने रखीं।
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रियंका की आंख के बारे में पूछा। प्रियंका ने बताया कि तीन साल की उम्र में हादसा हुआ था। गलती से खाने वाला चूना उनकी दाईं आंख में चला गया। इससे उनकी आंख खराब हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए इलाज नहीं हो पाया। प्रियंका के मुताबिक, राहुल गांधी ने मदद का भरोसा दिया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर INC नेशनल स्पोक्स पर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने ट्टीट किया। उन्होंने वीडियो शेयर कर इसे भरोसे और उम्मीद की निशानी बताया है।
राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान प्रियंका ने आंख के इलाज की जो उम्मीद जताई थी, वह अब पूरी होती दिखाई दे रही है। उन्हें दिल्ली बुलाकर इलाज कराया गया। इसके बाद पहली बार हवाई सफर कर घर लौटने का उनका वीडियो सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, प्रियंका ने एमएसडब्ल्यू (MSW) की पढ़ाई पूरी कर ली है। फिलहाल वह इंदौर में रहकर प्रोफेसर बनने के लिए NET-SET की तैयारी कर रही हैं।
प्रियंका खुद सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी हैं। इसलिए वह छात्राओं की परेशानियां समझती हैं। इसी वजह से उन्होंने राहुल गांधी के सामने अपनी और दूसरी छात्राओं की समस्याएं रखीं।
खबरों के मुताबिक, प्रियंका ने कार्यक्रम में बताया था कि उन्होंने पहली से 12वीं तक पढ़ाई की। इस दौरान वह सरकारी हॉस्टल में रह रहीं थी। वहां उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।उनके मुताबिक, कई बार हॉस्टल में अच्छा खाना नहीं मिलता था। ऐसे में उन्हें घर से लाई लाल मिर्च की चटनी खानी पड़ती थी। वह इसी के साथ रोटी खाकर गुजारा करती थीं। प्रियंका ने वार्डन पर भी आरोप लगाए। उनके मुताबिक, वार्डन छात्राओं से काम करवाती थीं।
जानकारी के मुताबिक, प्रियंका ने राहुल गांधी को बताया था कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसके बावजूद उनके माता-पिता ने पढ़ाई नहीं रुकने दी। कभी मां के जेवर तो कभी पिता का खेत गिरवी रखकर पढ़ाई का खर्च जुटाया गया। प्रियंका ने यह भी बताया कि पैसों की कमी से कई छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी।
प्रियंका ने कार्यक्रम में आदिवासी इलाकों और बड़े शहरों में सरकारी हॉस्टलों की संख्या और सीटें बढ़ाने की मांग भी रखी थी। उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए कई छात्राओं को सरकारी हॉस्टल नहीं मिल पाता। मजबूरी में किराए के कमरों में रहना पड़ता है। किराया हर महीने देना होता है, जबकि सरकार की ओर से आवास भत्ता साल के अंत में तय राशि के रूप में मिलता है। यह राशि वास्तविक किराए से कम होती है।
FAQs
इंदौर में राहुल गांधी से हुई थी प्रियंका की मुलाकात
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रियंका की आंख के बारे में पूछा। प्रियंका ने बताया कि तीन साल की उम्र में हादसा हुआ था। गलती से खाने वाला चूना उनकी दाईं आंख में चला गया। इससे उनकी आंख खराब हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए इलाज नहीं हो पाया। प्रियंका के मुताबिक, राहुल गांधी ने मदद का भरोसा दिया था।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने किया पोस्ट
आपको याद होगा इंदौर के ‘छात्रों की गूँज’ का कार्यक्रम, जहाँ एक छात्रा प्रियंका सेंगर ने @RahulGandhi जी को अपनी आँख की दिक़्क़त बताई थीबचपन में आँख में चूना गिरने से उसकी आँख में समस्या आ गई थी. पर परिवार में आर्थिक तंगी के चलते इलाज संभव नहीं हो पाया लेकिन राहुल गांधी अपना वादा नहीं भूले, प्रियंका को दिल्ली बुला कर इलाज कराया प्रियंका के स्वस्थ होकर पहली बार जहाज से घर लौटने वाला यह वीडियो इस देश के भरोसे और उम्मीद की निशानी है - जो भरोसा और उम्मीद राहुल गांधी ने जगाया है
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) November 3, 2026
इलाज के बाद पहली बार फ्लाइट से घर लौटीं प्रियंका
प्रोफेसर बनना चाहती हैं प्रियंका
प्रियंका खुद सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी हैं। इसलिए वह छात्राओं की परेशानियां समझती हैं। इसी वजह से उन्होंने राहुल गांधी के सामने अपनी और दूसरी छात्राओं की समस्याएं रखीं।
चटनी-रोटी खाकर गुजारे दिन
पढ़ाई के लिए परिवार को गिरवी रखने पड़े जेवर और खेत
राहुल गांधी के सामने उठाया था हॉस्टलों की कमी का मुद्दा
FAQs
- प्रियंका सेंगर ने राहुल गांधी से कब और कहाँ मुलाकात की थी?
प्रियंका ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। - प्रियंका सेंगर की आंख कैसे खराब हुई थी?
प्रियंका के अनुसार, जब वह तीन साल की थीं, तब गलती से खाने वाला चूना उनकी दाईं आंख में चला गया था, जिसके कारण उनका इलाज नहीं हो पाया। - प्रियंका सेंगर ने राहुल गांधी के सामने कौन-सी समस्याएं रखी थीं?
प्रियंका ने सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी, खराब भोजन, छात्राओं से काम करवाने और कॉलेज की पढ़ाई के लिए हॉस्टल नहीं मिलने जैसी समस्याएं उठाईं।
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