AI डेटासेंटर में पानी की खपत विवाद, सैम ऑल्टमैन बोले, बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहे मामला
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने AI डेटा सेंटरों में पानी की खपत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह चिंता बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही है। ऑल्टमैन के अनुसार एक बादाम उगाने में जितना पानी लगता है, उतना ChatGPT के 38 हजार सवालों में खर्च होता है। यह बयान उन्होंने एक पॉडकास्ट में दिया। अमेरिका में इन दिनों नए डेटा सेंटरों का विरोध तेज हो रहा है।
क्यों उठ रहा है पानी की खपत पर सवाल
आजकल AI मॉडल चलाने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग डेटा सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले पानी और बिजली को लेकर चिंतित हैं। लोगों का मानना है कि ChatGPT जैसे टूल्स इस्तेमाल करने से भारी मात्रा में पानी खर्च होता है। इसी चिंता पर जवाब देते हुए सैम ऑल्टमैन ने सोर्सेस पॉडकास्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सुनना ज्यादा मायने रखता है कि AI ने किसी बीमारी का इलाज खोजने में मदद की।
बादाम और ChatGPT सवालों की तुलना
ChatGPT को-फाउंडर सैम ऑल्टमैन ने दावा किया कि AI मॉडल को असल में बहुत कम पानी चाहिए होता है। उन्होंने इसकी तुलना बादाम उगाने से की। उनके अनुसार हर 38 हजार ChatGPT सवालों में उतना ही पानी खर्च होता है, जितना कैलिफोर्निया में एक बादाम उगाने में लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग एक बार में 12 बादाम खा लेते हैं, वे शायद ही इसे पानी की बर्बादी मानते हैं।
एक सवाल में कितना पानी लगता है
ऑल्टमैन ने साफ किया कि यह आंकड़ा उन्होंने अपनी याददाश्त के आधार पर बताया है। उन्होंने कहा इसमें थोड़ा फर्क हो सकता है, लेकिन यह असली आंकड़ों के करीब है। इस साल जून में उन्होंने बताया था कि ChatGPT के एक सवाल में 0.32 मिलीलीटर पानी खर्च होता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे यानी USGS (United States Geological Survey) से जुड़े शोधकर्ताओं की 2019 की एक स्टडी में पाया गया था कि कैलिफोर्निया में एक बादाम उगाने में औसतन 3.56 लीटर पानी लगता है। इन आंकड़ों के हिसाब से एक बादाम में उतना पानी लग सकता है, जितना करीब 11 हजार ChatGPT सवालों में लगता है।
डेटा सेंटरों को लेकर बढ़ रहा विरोध
ऑल्टमैन के मुताबिक एक बड़े और आधुनिक डेटा सेंटर में सिंक और टॉयलेट जैसे रोजमर्रा के कामों में उतना ही पानी लगता है, जितना किसी ऑफिस बिल्डिंग में लगता है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता यह दावा किसी जांच में गलत साबित होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में नए डेटा सेंटरों का विरोध बढ़ रहा है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार मई में हुए गैलप सर्वे में सामने आया कि 71 प्रतिशत अमेरिकी अपने घर के पास डेटा सेंटर बनाने का विरोध करते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत लोगों ने पर्यावरण पर असर, आधे लोगों ने संसाधनों के इस्तेमाल और 18 प्रतिशत लोगों ने खासतौर पर पानी की खपत को लेकर चिंता जताई।
एक्सपर्ट कोट्स
सैम ऑल्टमैन ने सोर्सेस पॉडकास्ट पर कहा कि उनके लिए यह सुनना कहीं ज्यादा मायने रखता है कि AI की मदद से किसी गंभीर बीमारी का इलाज खोजा जा सका, बजाय इसके कि लोग यह चिंता करें कि ChatGPT दुनिया भर का पानी खत्म कर रहा है।
सैम ऑल्टमैन ने यह भी कहा कि जो लोग एक बार में करीब 12 बादाम खा लेते हैं, उन्हें अक्सर यह एहसास नहीं होता कि वे पानी के लिहाज से कुछ नुकसानदेह कर रहे हैं।
FAQ
- सैम ऑल्टमैन ने पानी की खपत को लेकर क्या दावा किया?
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि 38 हजार ChatGPT सवालों में उतना पानी खर्च होता है, जितना एक बादाम उगाने में लगता है। उन्होंने डेटा सेंटर की चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया। - ChatGPT के एक सवाल में कितना पानी खर्च होता है?
ऑल्टमैन के अनुसार एक सवाल में करीब 0.32 मिलीलीटर पानी खर्च होता है। यह आंकड़ा उन्होंने जून में साझा किया था। उन्होंने कहा यह असली आंकड़ों के करीब है। - अमेरिका में डेटा सेंटरों का विरोध क्यों हो रहा है?
गैलप सर्वे के अनुसार 71 प्रतिशत अमेरिकी घर के पास डेटा सेंटर बनाने के खिलाफ हैं। इनमें ज्यादातर लोग पर्यावरण पर असर को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोगों ने पानी की खपत को भी वजह बताया।
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