दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, जल बोर्ड केस में ACB का एक्शन

Pawan Modiya | Aug 18, 2026, 21:50 IST
Share
सत्येंद्र जैन
सत्येंद्र जैन

दिल्ली एसीबी ने कथित जल बोर्ड टेंडर घोटाले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया। पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय सहित पांच अन्य भी पकड़े गए। मामला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के 1,943 करोड़ रुपए के टेंडरों से जुड़ा है।

        समझें क्या है पूरा मामला

        • एसीबी ने सत्येंद्र जैन सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
        • मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज प्लांट टेंडरों से जुड़ा है।
        • टेंडरों की कुल कीमत करीब 1,943 करोड़ रुपए बताई गई।
        • जांच एजेंसी ने टेंडर शर्तों में हेरफेर का आरोप लगाया है।
        • आम आदमी पार्टी पहले आरोपों को राजनीतिक बता चुकी है।
        दिल्ली सरकार की एसीबी (Anti-Corruption Branch) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले से जुड़ी है। मामला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के विस्तार और सुधार से संबंधित है।

        एक अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उनके अनुसार जांच में मिले तथ्यों के बाद कार्रवाई हुई। गिरफ्तारी के बावजूद सभी आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी आरोपी का दोष अदालत ही तय करेगी।

        किन लोगों की गिरफ्तारी हुई

        एसीबी ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन को गिरफ्तार किया है। वह पिछली दिल्ली सरकार में जल मंत्री रह चुके हैं। जैन दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे हैं। जांच एजेंसी उनकी तत्कालीन भूमिका की जांच कर रही है। दूसरी गिरफ्तारी उदित प्रकाश राय की हुई है। वह आईएएस (Indian Administrative Service) अधिकारी हैं।

        उदित प्रकाश राय दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया के दौरान उनकी भूमिका जांच के घेरे में है। पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव भी गिरफ्तार किए गए हैं। वह दिल्ली जल बोर्ड के साथ काम कर चुके हैं।

        तीन निजी व्यक्तियों को भी एसीबी ने पकड़ा है। इनमें नागेंद्र यादव और राजा कुमार कुर्रा शामिल हैं। नागेंद्र यादव एएन एंटरप्राइजेज के मालिक बताए गए हैं। राजा कुमार कुर्रा यूरोटेक एनवायरनमेंट कंपनी से जुड़े हैं।

        पंकज वर्मा भी गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं। वह सृजनहार नामक कंपनी के मालिक बताए गए हैं। इस तरह एसीबी ने कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक पूर्व मंत्री और दो पूर्व अधिकारी शामिल हैं।

        किस एफआईआर में कार्रवाई

        एसीबी ने 11 मई 2024 को मामला दर्ज किया था। यह एफआईआर (First Information Report) सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर हुई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून की धाराएं लगाई गई थीं। भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं भी जोड़ी गई थीं।

        आरोपों में रिश्वत और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। आपराधिक विश्वासघात और साजिश के आरोप भी लगाए गए हैं।शिकायत में बड़े स्तर पर टेंडर गड़बड़ी का आरोप था। टेंडर शर्तों में जानबूझकर बदलाव का दावा किया गया। एसीबी के अनुसार इन बदलावों से चुनिंदा कंपनियों को लाभ मिला। आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिकाओं की जांच अलग-अलग की गई।

        टेंडर मामला क्या है

        मामला डीजेबी (Delhi Jal Board) के सीवेज प्लांटों से जुड़ा है। दिल्ली में दस प्लांटों का विस्तार और सुधार प्रस्तावित था।इन कामों को चार टेंडर पैकेजों में बांटा गया था। परियोजनाएं दिल्ली के सात अलग क्षेत्रों में स्थित थीं। इनमें पप्पनकलां और निलोठी के सीवेज प्लांट शामिल थे। नजफगढ़ और केशोपुर के प्लांट भी योजना में थे।

        नरेला और रोहिणी में भी काम प्रस्तावित था। कोंडली का सीवेज प्लांट भी इसमें शामिल था। इस पूरी परियोजना की शुरुआती लागत 1,546 करोड़ रुपए बताई गई। बाद में लागत बढ़कर करीब 1,943 करोड़ रुपए हो गई। यह रकम परियोजना के टेंडरों की कुल कीमत बताती है। इसे पूरा कथित नुकसान मानना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

        जांच एजेंसियां वास्तविक आर्थिक नुकसान की अलग गणना कर रही हैं। रिश्वत और गलत लाभ के आरोप भी अलग हैं।

        कैसे बदलीं टेंडर शर्तें

        जांच एजेंसी ने टेंडर शर्तों में हेरफेर का दावा किया है। आरोप है कि तकनीकी नियम बेहद सीमित बनाए गए। इन शर्तों से केवल चुनिंदा कंपनियां योग्य बन सकती थीं। बाकी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन हो गई। विशेष तकनीक को टेंडर में अनिवार्य किया गया था। इससे यूरोटेक एनवायरनमेंट को कथित लाभ मिलने का दावा है।

        जांच में एक अन्य गंभीर दावा भी सामने आया। कई कंपनियों ने समान अनुभव प्रमाणपत्र जमा किया था। यह प्रमाणपत्र ताइवान की एक परियोजना से जुड़ा बताया गया। आरोप है कि इसकी पर्याप्त जांच नहीं हुई। सफल कंपनियों ने बाद में मुख्य काम दूसरी कंपनी को सौंपा। यह काम यूरोटेक एनवायरनमेंट को दिया गया था।

        एजेंसियां अब इस पूरी व्यवस्था की वैधता जांच रही हैं। भुगतान और उप-ठेकों का रिकॉर्ड भी खंगाला गया है।

        ईडी ने भी की जांच

        ईडी (Enforcement Directorate) ने एसीबी की एफआईआर पर जांच शुरू की। यह जांच कथित मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित थी। ईडी ने जुलाई 2024 में कई शहरों में छापे मारे। दिल्ली के अलावा अहमदाबाद और मुंबई में कार्रवाई हुई।

        हैदराबाद के कई ठिकानों को भी जांच में शामिल किया गया। छापों में दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिलने का दावा हुआ। एजेंसी ने 41 लाख रुपए नकद मिलने की जानकारी दी थी। रकम किससे जुड़ी थी, इसकी जांच आगे बढ़ाई गई।

        ईडी ने दिसंबर 2025 में अदालत में शिकायत दाखिल की। इसमें सत्येंद्र जैन सहित 14 आरोपी बनाए गए। मामला पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत दर्ज है। ईडी ने 17.70 करोड़ रुपए की संदिग्ध आय बताई।

        एजेंसी ने 6.73 करोड़ रुपए की अवैध कमीशन का दावा किया। यह रकम बैंक और नकद माध्यमों से देने का आरोप है।कुछ भुगतान कथित फर्जी बिलों के जरिए दिखाए गए। कुछ रकम हवाला माध्यमों से भेजने का दावा हुआ। ईडी के अनुसार यूरोटेक को 9.96 करोड़ रुपए का गलत लाभ मिला। कंपनी और आरोपियों ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया। जांच के दौरान 15.36 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क हुईं। इनमें चल और अचल संपत्तियां शामिल बताई गईं।

        दिल्ली की राजनीति पर असर

        सत्येंद्र जैन आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह अरविंद केजरीवाल सरकार में कई विभाग संभाल चुके हैं।उनकी गिरफ्तारी से दिल्ली की राजनीति फिर गर्म हो सकती है। भाजपा इस मामले पर जवाबदेही मांग सकती है।

        आम आदमी पार्टी जांच एजेंसियों पर पहले सवाल उठाती रही है। पार्टी ने पुराने मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। इस मामले में अंतिम सच अदालत की प्रक्रिया से सामने आएगा। अभी जांच एजेंसियों के आरोपों की न्यायिक जांच बाकी है। राजनीतिक दावों और कानूनी तथ्यों को अलग रखना जरूरी है। जनता को अपुष्ट सूचनाओं से भी सावधान रहना चाहिए।

          जरूरी FAQ

          सत्येंद्र जैन को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?

          सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले में गिरफ्तार किया गया। मामला दस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के विस्तार और सुधार से जुड़ा है। एसीबी ने टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया है।

          सत्येंद्र जैन के साथ और कौन गिरफ्तार हुआ?

          पूर्व जल बोर्ड सीईओ उदित प्रकाश राय भी गिरफ्तार हुए हैं। पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव को भी पकड़ा गया। निजी व्यक्तियों में नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।

          क्या 1,943 करोड़ रुपए का पूरा घोटाला हुआ है?

          1,943 करोड़ रुपए परियोजना के टेंडरों की कुल कीमत है। इसे पूरा कथित नुकसान कहना सही नहीं होगा। ईडी ने अलग जांच में 17.70 करोड़ रुपए की संदिग्ध आय का दावा किया है। अंतिम रकम और दोष अदालत तय करेगी।

          ये खबरें भी पढ़ें...

          Top News: खबरें काम की... फिलीपींस के स्कूल में छात्र ने की फायरिंग, 4 की मौत, 9 घायल

          सीईओ से मंत्रालय तक नई जिम्मेदारी, CGPSC परीक्षा नियंत्रक का प्रभार भी बदला

          शिवराज सिंह चौहान की MP में सक्रियता: नई राजनीति या पुरानी जमीन बचाने की रणनीति?

          दिल्ली में मुलाकातें बढ़ीं, MP BJP में खामोशी क्यों? क्या पक रहा है अंदरखाने?

          Tags:
          • आम आदमी पार्टी
          • अरविंद केजरीवाल
          • दिल्ली
          • सत्येंद्र जैन
          • गिरफ्तारी
          • टेंडर
          • दिल्ली जल बोर्ड
          गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
          mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

          By Sanjay Dhiman

          mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
          झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

          By Sanjay Gupta

          झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
          बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

          By Arun Tiwari

          बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

          By Jitendra Shrivastava

          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

          By Jitendra Shrivastava

          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

          By Jitendra Shrivastava

          Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
          मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

          By VINAY VERMA

          मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती