दिल्ली में मुलाकातें बढ़ीं, MP BJP में खामोशी क्यों? क्या पक रहा है अंदरखाने?

Ramanand Tiwari | Aug 11, 2026, 23:38 IST
Share
दिल्ली में मुलाकातें बढ़ीं, MP BJP में खामोशी क्यों
Photograph: (THESOOTR)

BHOPAL. दतिया उपचुनाव के बाद MP BJP में समीक्षा का दौर है। दिल्ली में नेताओं की मुलाकातों के बीच संगठन और सत्ता बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। शिवराज से लेकर विधानसभा अध्यक्ष तक PM मोदी से मुलाकातें चर्चा में है।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • दतिया हार के बाद भाजपा में समीक्षा का दौर जारी।
  • शिवराज और अन्य नेताओं की दिल्ली मुलाकातें चर्चा में।
  • संगठन और सत्ता बदलाव पर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं।
  • भाजपा नेताओं की खामोशी बनी राजनीतिक चर्चा का विषय।
  • अगले फैसलों से साफ होगी दिल्ली मुलाकातों की अहमियत।
मध्य प्रदेश भाजपा में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा किसी बयान की नहीं, बल्कि खामोशी की है। दतिया उपचुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर समीक्षा की बातें उठीं। इसी बीच दिल्ली में भाजपा के प्रमुख नेताओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकातों का सिलसिला भी सामने आया।

पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मिले। फिर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा की मुलाकात चर्चा में आई। अब मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष की प्रधानमंत्री से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

सवाल सीधा है, क्या दिल्ली में सिर्फ संवाद चल रहा है या मध्य प्रदेश भाजपा के सत्ता-संगठन को लेकर कोई बड़ा राजनीतिक आकलन भी हो रहा है? फिलहाल किसी फेरबदल का ठोस संकेत नहीं है, लेकिन मुलाकातों की टाइमिंग और दतिया के नतीजे ने इस सवाल को जरूर जिंदा कर दिया है।

असली कहानी मुलाकातों से ज्यादा खामोशी की है

राजनीति में दिल्ली की मुलाकातें सामान्य प्रक्रिया हो सकती हैं, लेकिन जब ऐसी मुलाकातें किसी चुनावी झटके के तुरंत बाद चर्चा में आएं, तो उनका राजनीतिक वजन बढ़ जाता है।

दतिया में भाजपा की हार ने पार्टी के सामने स्थानीय संगठन, चुनावी रणनीति और सरकार की जमीनी पकड़ को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में दिल्ली से आने वाली हर राजनीतिक गतिविधि को भोपाल में अलग नजर से देखा जा रहा है।

शिवराज की मुलाकात का मतलब सिर्फ संगठन नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं ने जोर पकड़ा था, लेकिन इस मुलाकात को सीधे संगठनात्मक असंतोष से जोड़ना सही तस्वीर नहीं होगी।

शिवराज ने प्रदेश से जुड़े मुद्दों के साथ कृषि और किसानों से संबंधित विषय भी प्रधानमंत्री के सामने रखे थे। यानी इस मुलाकात के राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों पहलू हो सकते हैं। फिर भी इसकी टाइमिंग ने प्रदेश की राजनीति को एक नया सवाल जरूर दे दिया।

वीडी शर्मा ने कयासों पर लगाया था ब्रेक

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की प्रधानमंत्री से मुलाकात भी सुर्खियों में आई थी। दतिया उपचुनाव को लेकर चर्चा की अटकलें चलीं, लेकिन बीडी शर्मा ने इसे सामान्य मुलाकात बताया और दतिया से जुड़ी विशेष चर्चा की बात को खारिज किया। यानी भाजपा के भीतर से ही संकेत मिल चुका है कि हर दिल्ली मुलाकात को बदलाव की पटकथा मानना सही नहीं होगा।

विधानसभा अध्यक्ष की मुलाकात क्यों बनी चर्चा?

मंगलवार की मुलाकात ने इसलिए राजनीतिक हलचल बढ़ाई क्योंकि यह दतिया के नतीजे के बाद हुई है। यही टाइमिंग इसे सामान्य मुलाकात से ज्यादा चर्चा का विषय बना रही है।

क्या केंद्र मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को लेकर फीडबैक ले रहा है? क्या दतिया के परिणाम की समीक्षा व्यापक स्तर पर हो रही है? या फिर यह महज सामान्य राजनीतिक संवाद है? इन तीनों संभावनाओं में से फिलहाल किसी एक को अंतिम सच मानना जल्दबाजी होगी।

भाजपा की सबसे बड़ी रणनीति- फिलहाल चुप रहना?

दतिया के बाद भाजपा के भीतर जिन नेताओं की सक्रियता को लेकर चर्चाएं थीं, उनमें से कई अब सार्वजनिक तौर पर बेहद संयमित नजर आ रहे हैं। पहले सरकार और संगठन को लेकर मुखर दिखने वाले कुछ चेहरे भी फिलहाल ज्यादा बयानबाजी से बच रहे हैं।

यह चुप्पी क्या रणनीति है?

या फिर पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल किसी भी तरह की सार्वजनिक खींचतान पर विराम लगा दिया है? यही सवाल मध्य प्रदेश की राजनीति को दिलचस्प बना रहा है।

दतिया हार का असर कितना गहरा?

दतिया की हार को भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट का नुकसान मानना आसान होगा, लेकिन राजनीति में उपचुनाव अक्सर बड़े संदेश भी छोड़ते हैं।

भाजपा अब यह देखना चाहेगी कि हार की वजह स्थानीय समीकरण थे, संगठनात्मक कमजोरी थी या सरकार के प्रति कोई जमीनी नाराजगी। इस समीक्षा का असर संगठनात्मक रणनीति पर पड़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तुरंत नेतृत्व परिवर्तन या मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव तय हैं।

अभी बदलाव से ज्यादा समीक्षा का दौर

मौजूदा तस्वीर में सबसे मजबूत संकेत फेरबदल का नहीं, समीक्षा का दिखाई देता है। केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए अलग-अलग स्तरों पर संवाद कर सकता है।

इसका अंतिम परिणाम क्या होगा, यह आने वाले फैसलों से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल कोई ऐसा सार्वजनिक संकेत नहीं है, जिसके आधार पर सत्ता या संगठन में बड़े बदलाव को तय माना जा।

अगला बड़ा संकेत कहां से आएगा?

अब नजर दिल्ली की अगली मुलाकात पर नहीं, बल्कि भोपाल के अगले फैसले पर होगी। अगर आने वाले दिनों में संगठन में नियुक्तियां बदलती हैं, मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है या सरकार की कार्यशैली में कोई बड़ा बदलाव दिखाई देता है, तभी इन मुलाकातों की असली राजनीतिक अहमियत सामने आएगी।

और अगर सब कुछ यथावत रहता है, तो माना जाएगा कि दिल्ली का संवाद सिर्फ संवाद ही था। इसलिए फिलहाल मध्य प्रदेश भाजपा की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट कोई बदलाव नहीं, बल्कि बदलाव की अटकलों के बीच बनी हुई खामोशी है।

ये खबरें भी पढ़ें...

दतिया जीत के बाद कांग्रेस का बड़ा रीसेट प्लान! जल्द बदलेगा संगठन का चेहरा

एमपी पीडब्ल्यूडी टेंडर आदेश: अब अफसरों की तय होगी जवाबदेही, टेंडर सिस्टम पर लगाम

लाड़ली बहना योजना का होगा रियलिटी चेक, 1.25 करोड़ महिलाओं पर सरकार कराएगी सर्वे

अब जनता बताएगी स्कूलों की हकीकत, ओपन फोरम में कमिश्नर करेंगे सीधा संवाद



Tags:
  • शिवराज सिंह चौहान
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • वीडी शर्मा
  • मंत्रिमंडल
  • दतिया उपचुनाव
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा