धड़ाधड़ बंद हो रहे SIP अकाउंट, आपको क्या करना चाहिए समझें

Raj Singh | Mar 07, 2025, 11:33 IST
SIP ACCOUNT
भारत में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) का पंजीकरण रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, लेकिन कई निवेशक जल्द ही अपने खाते बंद कर रहे हैं। 2023 में 3.48 करोड़ SIP खाते खोले गए, लेकिन 2024 के अंत तक सिर्फ 1.82 करोड़ सक्रिय रहे, यानी लगभग 48% SIP खाते बंद हो गए।

SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में निवेश बढ़ रहा है, लेकिन निवेशक जल्द ही अपने खाते बंद कर रहे हैं। 2023 में रजिस्टर किए गए 3.48 करोड़ SIP खातों में से 48% केवल दो साल के भीतर बंद हो गए। इसका कारण फिनटेक प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती हिस्सेदारी और निवेशकों द्वारा पोर्टफोलियो में तेजी से बदलाव करना है।



SIP पंजीकरण में ऐतिहासिक उछाल

जल्दबाजी में बंद हो रहे SIP खाते

अगर हम 2022 के SIP डेटा को देखें, तो 2.57 करोड़ SIP खाते खोले गए थे, जिनमें से 42% खाते 2023 के अंत तक बंद हो गए। Association of Mutual Funds in India (AMFI) की रिपोर्ट के अनुसार, SIP निवेशकों की होल्डिंग अवधि तेजी से घट रही है, खासतौर पर फिनटेक प्लेटफॉर्म्स (Fintech Platforms) के जरिए किए गए निवेशों में।



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फिनटेक प्लेटफॉर्म्स से क्यों बदल रहा निवेशकों का व्यवहार?

  • ग्रो (Groww), जेरोधा (Zerodha) जैसे प्लेटफॉर्म्स निवेशकों को बिना कमीशन वाले डायरेक्ट प्लान (Direct Plans) ऑफर कर रहे हैं, जिससे निवेशक जल्दी बदलाव कर रहे हैं।
  • पारंपरिक बैंक वितरकों (Bank Distributors) और फाइनेंशियल एडवाइजर्स (Financial Advisors) की तुलना में, फिनटेक प्लेटफॉर्म्स के निवेशकों की होल्डिंग अवधि कम होती है।
  • मार्च 2024 तक, रेगुलर प्लान्स (Regular Plans) में 21.2% निवेश 5 साल से अधिक समय तक बरकरार था, जबकि डायरेक्ट प्लान्स (Direct Plans) में यह आंकड़ा सिर्फ 7.7% था।

बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों का बदलता रुझान

हाल ही में शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे नए SIP निवेश की रफ्तार धीमी हो गई है। 2024 में पहली बार सक्रिय SIP खातों की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंची, लेकिन शेयर बाजार में गिरावट के कारण निवेशक SIP बंद करने या संपादन (Edit) करने के विकल्प तलाश रहे हैं।



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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI MF) के उप प्रबंध निदेशक डीपी सिंह (D.P. Singh) के अनुसार, "SIP खातों के जल्दी बंद होने का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा तेजी से पोर्टफोलियो बदलना और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती पकड़ है।"



AMFI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पारंपरिक वितरकों (Traditional Distributors) द्वारा दी गई सलाह से निवेशकों में दीर्घकालिक निवेश की प्रवृत्ति बढ़ती है। लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Online Platforms) द्वारा "SIP Edit" जैसे विकल्प देने से निवेशक जल्दी निवेश बदल रहे हैं।



क्या निवेशकों को SIP में बदलाव करना चाहिए?

निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, SIP को लंबी अवधि तक बनाए रखना ही सही रणनीति है। अस्थिरता के बावजूद, इक्विटी SIP में निवेश करने का आदर्श समय कम से कम 3-5 साल माना जाता है।



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इस खबर से आम आदमी को निम्नलिखित बातें जरूर समझनी चाहिए:

  • SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में निवेश का ट्रेंड बढ़ा है, लेकिन इसे बनाए रखना जरूरी है
  • 2023 में रिकॉर्ड 3.48 करोड़ SIP खाते खुले, लेकिन 2024 के अंत तक 48% खाते बंद हो गए।
  • SIP को सफल निवेश के लिए लंबे समय तक जारी रखना जरूरी है।

निवेशक जल्दी-जल्दी अपने SIP बंद क्यों कर रहे हैं?

  • फिनटेक प्लेटफॉर्म्स (Fintech Platforms) जैसे Groww, Zerodha आदि के जरिये निवेश करना आसान हो गया है, लेकिन लोग बिना गहराई से सोचे-समझे निवेश बदल रहे हैं।
  • शेयर बाजार की अस्थिरता और छोटी अवधि में जल्दी मुनाफा कमाने की सोच से लोग SIP जल्द बंद कर रहे हैं।

लंबी अवधि तक SIP रखने के फायदे

  • SIP निवेश को 3-5 साल तक बनाए रखना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाव करता है।
  • SIP में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, जिससे ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है।

डायरेक्ट प्लान बनाम रेगुलर प्लान: होल्डिंग अवधि का अंतर

  • रेगुलर प्लान्स में निवेश अधिक समय तक बरकरार रहता है क्योंकि निवेशकों को फाइनेंशियल एडवाइजर्स की गाइडेंस मिलती है।
  • डायरेक्ट प्लान्स (Direct Plans) में होल्डिंग अवधि कम होती है क्योंकि निवेशक खुद ही फैसले लेते हैं और जल्दी बदलाव कर देते हैं।

SIP में जल्दबाजी नुकसानदायक हो सकती है

  • निवेशकों को जल्दी-जल्दी SIP बंद करने से बचना चाहिए और नियमित रूप से निवेश जारी रखना चाहिए।
  • SIP निवेश एक लंबी अवधि की योजना है, जिसे अचानक बंद करने से उसका लाभ कम हो सकता है।

सही निवेश रणनीति क्या होनी चाहिए?

  • जल्दी रिटर्न की बजाय लॉन्ग टर्म फोकस रखें।
  • बाजार में गिरावट या हलचल देखकर घबराकर SIP बंद न करें।
  • SIP को कम से कम 5 साल का समय दें, जिससे इसका पूरा फायदा मिल सके।
  • यदि पोर्टफोलियो में बदलाव करना हो, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से सलाह लें।

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