मेमोरी चिप की बढ़ती लागत ने बिगाड़ा मोबाइल ब्रांड्स का खेल, आसमान छू रही हैं स्मार्टफोन की कीमतें
Smartphone Price Hike: आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपने गौर किया कि नए मोबाइल फोन की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं? दरअसल, ग्लोबल मार्केट में सेमीकंडक्टर चिप की भारी किल्लत चल रही है। बड़ी कंपनियां अब सामान्य फोन चिप के बजाय एआई चिप्स (AI Chips) बनाने पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।
इसके अलावा, दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे युद्ध और तनाव ने कच्चा माल भी काफी महंगा कर दिया है। सैमसंग, वीवो, ओपो और शाओमी जैसे ब्रांड्स ने दाम बढ़ा दिए हैं। कुछ मॉडल्स की कीमतों में तो 40% तक का उछाल आया है। आइए जानें...
चिप की कमी और AI का नया क्रेज
फोन महंगे होने की सबसे बड़ी वजह चिप की किल्लत है। आजकल पूरी दुनिया में एआई (AI) का जबरदस्त क्रेज चल रहा है। बड़ी चिप बनाने वाली फैक्ट्रियां अब फोन की जगह एआई चिप बना रही हैं।
एनवीडिया (Nvidia) जैसी कंपनियां अपना पूरा फोकस एआई चिप्स पर लगा रही हैं। इससे मोबाइल फोन में लगने वाली जनरल चिप्स कम पड़ गई हैं। जब सामान कम होता है, तो उसके दाम अपने आप बढ़ जाते हैं। पिछले तीन महीनों में मेमोरी चिप के दाम 120% तक बढ़े हैं।
युद्ध का बाजार पर सीधा असर
सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि ग्लोबल टेंशन भी एक बड़ा कारण है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से कच्चा माल महंगा हुआ है। फोन बनाने में यूज होने वाले पार्ट्स की सप्लाई चेन टूट गई है।
सामान समय पर नहीं पहुंचने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। अब कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं। आईडीसी के मुताबिक, पिछले साल करोड़ों फोन इन कंपनियों ने बेचे थे। लेकिन अब बढ़ती माइक्रोचिप कीमहंगाई ने ग्राहकों के हाथ रोक दिए हैं।
मोबाइल कंपनियों का बदला हुआ रुख
मार्केट एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कंपनियों (Automobile Market) पर भारी दबाव बना हुआ है। फोन की कुल लागत में चिप का हिस्सा अब 40% हो गया है। पहले ये हिस्सा मात्र 18% हुआ करता था। रियलमी ने अपने कुछ मॉडल्स के दाम तो 50% तक बढ़ा दिए हैं।
वहीं शाओमी के स्मार्टफोन्स भी 32% तक महंगे हो गए हैं। ग्राहकों को उम्मीद थी कि शायद अगले साल दाम कम होंगे। लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो 2027 तक राहत के आसार नहीं हैं। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने इसकी कन्फर्मेशन की है।
सेकंड हैंड फोन का बढ़ता हुआ ट्रेंड
अब जब नए फोन बजट से बाहर हैं, तो लोग क्या कर रहे हैं? मार्केट में अब सेकंड हैंड फोन का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग नया फोन खरीदने के बजाय पुराने को रिपेयर करा रहे हैं। या फिर वे अच्छी कंडीशन वाले पुराने फोन को तरजीह दे रहे हैं।
स्मार्टफोन (स्मार्टफोन्स होंगे महंगे) की बिक्री में इस साल 10% की गिरावट देखी जा सकती है। अब लोग सिर्फ उन्हीं चीजों पर खर्च कर रहे हैं जो जरूरी हैं। महंगे फोन की खरीदारी अब लोगों की प्राथमिकता से बाहर हो रही है।
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