Summer Sleep Tips: गर्मियों में रातभर करवटें बदलते हैं आप, एक्सपर्ट से जानें अच्छी नींद के उपाए
Summer Sleep Tips: क्या आपने ध्यान दिया है कि गर्मियों में रात को देर से नींद आती है? फिर भी सुबह बहुत जल्दी अचानक से आपकी आंख खुल जाती है। पूरे दिन शरीर में थकान, भारीपन और चिड़चिड़ापन बना रहता है। यह कोई सामान्य बात नहीं है बल्कि इसके पीछे एक बड़ा वैज्ञानिक कारण है।
साइंस जर्नल नेचर की एक रिपोर्ट के मुताबिक तापमान का नींद से सीधा संबंध है। जैसे-जैसे गर्मी और उमस बढ़ती है, हमारी नींद की अवधि घटने लगती है। हर 10 डिग्री तापमान बढ़ने पर नींद की कमी का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं मेडिकल एक्सपर्ट्स
गर्मियों में हाई टेम्परेचर के कारण हम गहरी नींद में नहीं पहुंच पाते हैं। इसे विज्ञान की भाषा में नींद की तीसरी स्टेज यानी डीप स्लीप कहा जाता है।
जब शरीर को डीप स्लीप नहीं मिलती, तो मसल्स की मरम्मत नहीं हो पाती। यही वजह है कि रात भर सोने के बाद भी थकान महसूस होती है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हमारा शरीर रात में खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है।
इसके लिए हमारा इंटरनल बॉडी क्लॉक यानी सर्केडियन रिद्म काम करता है। यह क्लॉक रात को शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा कम कर देता है। लेकिन जब कमरा बहुत गर्म होता है, तो शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
क्यों जरूरी है नींद की चारों स्टेज को पूरा करना?
इंसान की नींद के कुल चार चरण यानी चार अलग-अलग स्टेज होती हैं।
- पहली स्टेज N1 होती है, जिसमें हम जागने से हल्की नींद में जाते हैं।
- दूसरी स्टेज N2 होती है, जिसमें धड़कन और सांसें थोड़ी धीमी होने लगती हैं। हमारा सबसे ज्यादा समय इसी सामान्य नींद की स्टेज में ही बीतता है।
- तीसरी स्टेज N3 होती है, जिसे सबसे खास यानी गहरी नींद कहते हैं। इसी समय हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर की मरम्मत होती है।
- चौथी स्टेज को REM यानी रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहा जाता है। इस स्टेज में हमें सबसे ज्यादा सपने आते हैं और दिमाग एक्टिव रहता है।
मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन हो जाता है स्लो
Tips to Sleep: गर्मियों की बेचैनी हमें N3 और REM स्टेज तक पहुंचने ही नहीं देती। हम रात भर सिर्फ हल्की नींद में ही करवटें बदलते रह जाते हैं। नींद पूरी न होने का सीधा असर हमारे पेट और हाजमे पर पड़ता है।
गर्मियों में हमारा मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन पहले से ही थोड़ा स्लो होता है। कम सोने से स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ता है जो एसिडिटी और कब्ज पैदा करता है।
इससे हमारी रोग रेजिस्टेंस कैपेसिटी यानी इम्यूनिटी भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। इसके अलावा दिमाग की परफॉर्मेंस और फोकस करने की क्षमता भी घट जाती है। आप दिन भर खुद को थका हुआ और ऊर्जा से कम महसूस करते हैं।
स्लीप हॉर्मोन पर कैसे पड़ता है गर्मी का असर
हमारे दिमाग से मेलाटोनिन नाम का एक बहुत जरूरी हॉर्मोन निकलता है। इसे स्लीप हॉर्मोन भी कहते हैं जो हमें गहरी नींद दिलाने में मदद करता है।
मेलाटोनिन का निकलना पूरी तरह से अंधेरे और ठंडे तापमान पर निर्भर करता है। रात को जब अंधेरा होता है और शरीर ठंडा होता है, तब यह बढ़ता है। लेकिन गर्मियों में रात के समय भी कमरा बहुत ज्यादा गर्म रहता है।
इस वजह से मेलाटोनिन का लेवल शरीर में सही तरीके से नहीं बन पाता। इसके साथ ही डिहाइड्रेशन और पसीना आना इस समस्या को और बढ़ा देते हैं।
पानी की कमी होने से मांसपेशियों में अचानक तेज ऐंठन होने लगती है। रात को बार-बार गला सूखता है जिससे हमारी नींद बीच में ही टूट जाती है। पसीने के कारण बिस्तर और कपड़ों में असहजता चिपचिपाहट पैदा करती है।
गर्मियों में गहरी नींद पाने के आसान टिप्स
- रात को सोने से पहले अपने कमरे का तापमान हमेशा कंट्रोल में रखें।
- कमरे में वेंटिलेशन यानी हवा आने-जाने का रास्ता अच्छा होना चाहिए।
- सोने से कम से कम दो घंटे पहले हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
- दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- रात को सोने से पहले चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक बिल्कुल न पिएं।
- डिनर में भारी, तैलीय और ज्यादा मसालेदार चीजों से दूरी बना लें।
- सोने से एक घंटे पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप देखना बंद कर दें।
- रात को हमेशा ढीले और सूती (कॉटन) के कपड़े पहनकर ही सोएं।
- अपने सोने और जागने का एक फिक्स टाइम यानी रूटीन तय करें।
- शाम के समय एक्सरसाइज करने से बचें, सुबह वर्कआउट करना बेहतर है।
- सोने से पहले पैर के तलवों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोएं।
- डाइट में छाछ, दही, पुदीना और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
खाली पेट न सोए
अक्सर लोग रात को सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं। यह एक बड़ी गलती है क्योंकि इससे रात को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। कुछ लोग डिनर स्किप कर देते हैं जिससे रात को भूख से नींद खुलती है।
खाली पेट सोने से पेट में गैस और जलन की समस्या बढ़ जाती है। गर्मियों में दोपहर के समय लंबी नींद लेने से भी बचना चाहिए। दोपहर में सिर्फ 20 मिनट की पावर नैप लें, जिससे रात की नींद खराब न हो।
अपनी इन छोटी-छोटी आदतों को बदलकर आप गर्मियों में भी चैन से सो सकते हैं। सही लाइफस्टाइल और अच्छी डाइट ही सेहतमंद रहने की असली चाबी है। hot summer | danger of heat stroke in summer | summer season | गर्मियों का मौसम | गर्मियों में पानी खूब पीएं
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