टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मात्र 34 हजार में दी गई थी हत्या की सुपारी, पुलिस का दावा, सुपारी किलर गिरफ्तार
Kaushiki | Oct 20, 2026, 09:09 IST
मुंबई पुलिस की कार्रवाई से 15 घंटे में खुलासा, गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम आया
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले तीनों आरोपी सोमवार (19 अक्टूबर) को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए। मुंबई पुलिस की कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुई और 15 घंटे में खुलासा हो गया। कोटा एसपी तेजस्वी गौतम के मुताबिक तीनों आरोपी बालिग हैं। उनकी उम्र 18 से 22 साल के बीच है। रिहान और फूलसिंह हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। रितिक बिहार के बेगूसराय का है। पुलिस के मुताबिक टाइगर श्रॉफ की हत्या की सुपारी सिर्फ 34 हजार रुपए में ली गई थी। कथित गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया है। आरोपी 48 घंटे के पुलिस रिमांड पर हैं।
ट्रेन में बाल काटे, कपड़े भी बदले
सूरत से उन्होंने पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर शुरू किया। तीनों अलग-अलग सीट पर बैठे थे। Tiger Shroff firing case में यही रास्ता पुलिस के लिए कड़ी बना। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में ही बाल काटे। कपड़े भी बदल लिए थे। पुलिस को इनसे पिस्टल नहीं मिली है।
कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
इस Mumbai police arrest में दो राज्यों की पुलिस ने मिलकर काम किया। कोटा पुलिस ने स्टेशन पर 36 जवानों की छह टीमें तैनात कीं। पुणे-जयपुर एक्सप्रेस सुबह 10:17 बजे स्टेशन पहुंची। उसी समय एक आरोपी को ट्रेन से नीचे उतरते दिखें। पुलिस ने उसे दबोच लिया। दो और आरोपी कोच के अंदर से पकड़े गए।
तीन आरोपी, तीन भूमिकाएं
पुलिस के मुताबिक रिहान ने ही ज्यादा गोलियां चलाईं। रितिक कुर्मी अंधेरी वेस्ट में रैपिडो टैक्सी चलाता है। वह एक महीने से रेकी (किसी जगह की पहले से जानकारी जुटाना) कर रहा था।
हमले के वक्त वह बाइक पर बैठा था। फूलसिंह ने कार के शीशे पर पिस्टल सटाकर गोली चलाने की कोशिश की। पिस्टल जाम हो गई। इसी वजह से टाइगर बच गए। तीनों एक महीने से मुंबई में ही थे।
गैंगस्टर अनिल पंडित पर आरोप
अमेरिका से पेमेंट, फोन पर लाइव
फायरिंग के वक्त वह मोबाइल पर रिहान से लाइव जुड़ा था। यह भी पुलिस सूत्रों का दावा है। तीनों कथित सुपारी किलर गिरफ्तार हो चुके हैं। पर साजिश का कथित सूत्रधार अमेरिका में बताया जा रहा है।
टाइगर श्रॉफ को धमकी से आगे
आरोपियों को 48 घंटे के लिए पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। रिमांड (अदालत की इजाजत से पुलिस हिरासत) में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर सकती है। बता दें कि पुलिस को इनसे पिस्टल नहीं मिली है। इसलिए हथियार कहां गया, यह सवाल अभी खुला है। टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच की दिशा इसी पर टिकी है।
यह खबर क्यों जरूरी है
कानून का राज हर नागरिक की सुरक्षा की गारंटी है, चाहे वह मशहूर हो या आम। मुंबई और कोटा पुलिस के तालमेल से आरोपी 15 घंटे में पकड़े गए। अदालत में दोष साबित होने तक वे आरोपी ही हैं। तीनों आरोपी कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए। पुलिस के मुताबिक वे जयपुर से बस लेकर दिल्ली और फिर नेपाल जाने वाले थे।
FAQs:
- टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए क्या किया?
आरोपियों ने ट्रेन में बाल काटे और कपड़े बदल लिए ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके। - टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले तीनों आरोपी किन शहरों से पकड़े गए?
तीनों आरोपी मुंबई से सूरत होते हुए, बाद में कोटा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किए गए। - क्या पुलिस ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच के दौरान पिस्टल बरामद की है?
नहीं, पुलिस को आरोपियों से पिस्टल नहीं मिली है, जो जांच का एक महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।
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