वंदे भारत ट्रेन की सुरक्षा पर संकट: तेज रफ्तार में मवेशियों से टकराव बना खतरा

Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 21, 2025, 15:54 IST
Share
Vande Bhaarat Train
Vande Bhaarat Train

रेलवे सुरक्षा आयोग की एक रिपोर्ट में कहा गया है सामान्य ट्रेनों की तुलना में वन्दे भारत का पहला डिब्बा काफ़ी हल्का है और इस कारण इस हाई-स्पीड ट्रेन के मवेशियों से टकराने पर दुर्घटना हो सकती है।

वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन, इस बार मामला रफ्तार का नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़ा है। रेलवे सुरक्षा आयोग ने ट्रेन की डिज़ाइन को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है सामान्य ट्रेनों की तुलना में वन्दे भारत का पहला डिब्बा काफ़ी हल्का है और इस कारण इस हाई-स्पीड ट्रेन के मवेशियों से टकराने पर दुर्घटना हो सकती है। ऐसे समय में जब रेलवे बहुत से रूट्स पर इस सेमी हाई स्पीड वंदेभारत एक्सप्रेसचलाने की योजना बना रहा है, यह रिपोर्ट लोगों में इस ट्रेन को लेकर डर पैदा कर सकती है। पहले भीवंदे भारत ट्रेन से कई गायों के टकराने की घटनाएं हो चुकी हैं और इसने ट्रेन के आगे के कोच को नुकसान पहुंचाया है।

क्या है सिफारिश

  • 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले रूट्स पर सभी लेवल क्रॉसिंग गेट हटाने की सिफारिश की गई है।
  • रेलवे ट्रैक के दोनों ओर मजबूत फेंसिंग बनाने का सुझाव।
  • रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की नियमित गश्त और तैनाती जरूरी।
  • किसानों के लिए अंडरपास या सबवे की जरूरत ताकि वे मवेशियों के साथ ट्रैक पार न करें।

निर्माण और डिज़ाइन टीम का क्या कहना है?

ट्रेन डिजाइन टीम के प्रमुख और ICF के पूर्व प्रधान चीफ मैकेनिकल इंजीनियर शुभ्रांशु ने कहा -फ्रंट नोज को टकराव की स्थिति में झटका सहने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ट्रेन में कैटल गार्ड भी लगा है जो रुकावट हटाने में मदद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत में इंटरनल पावर डिस्ट्रिब्यूशन होता है। इसमें आगे इंजन नहीं होता, यह EMU/MEMU सेटअप जैसा है। इससे सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता।

ट्रेन से जुड़े रोचक तथ्य

ICF चेन्नई, RCF कपूरथला, और MCF रायबरेली में इस ट्रेन की कोच बनाई जा रही हैं।
अब तक 136 वंदे भारत सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
2024 में ही 62 नई ट्रेनें चलाई गईं।
यह केवल 52 सेंकड में 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती है।

ये भी पढ़ें... वंदे भारत एक्सप्रेस में अब नई सुविधाएं, एमपी के इन चार रूटों पर यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा

ये भी हो सकते हैं समाधान?

  • सभी हाई स्पीड रूट्स को फुली फेंस्ड कॉरिडोर में बदला जाए।
  • AI आधारित सिस्टम जो ट्रैक पर रुकावट की तुरंत पहचान कर सके।
  • ट्रेन की फ्रंट बोगी को और मजबूत बनाने की जरूरत।
  • कैटल ट्रैप सिस्टम और टाइम अलर्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल।
  • अगर ट्रेन में आग लग जाए या कोई दूसरी इमरजेंसी हो, तो दरवाज़े ऑटोमैटिक तरीके से खुल जाएँ — ताकि रेस्क्यू में समय न लगे।
  • केबिन (ड्राइवर के कंट्रोल रूम) से दरवाज़ों को ऑपरेट करने के लिए ऐसी खास केबल हो जो आग लगने की स्थिति में भी काम करती रहे।
  • आपातकाल में उपयोग होने वाली सीढ़ियाँ वर्तमान में इस्तेमाल के लिए ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना ज़रूरी है।
  • वंदे भारत में भी राजधानी एक्सप्रेस जैसे बाहर मज़बूत ग्रैब हैंडल होने चाहिये ताकि बाहर निकलते समय यात्रियों को सहारा मिल सके।
  • मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक

FAQ

  1. 1. वंदे भारत ट्रेन की अगली बोगी हल्की क्यों होती है?
    वंदे भारत ट्रेन का डिज़ाइन इंजन रहित होता है। इसमें इंटरनल पावर डिस्ट्रिब्यूशन होता है जिससे फ्रंट कोच हल्का होता है। यह तकनीक EMU/MEMU ट्रेनों की तरह है और इससे संचालन आसान होता है।
  2. 2. क्या वंदे भारत में कैटल गार्ड होता है?
    हाँ, वंदे भारत ट्रेनों में कैटल गार्ड लगाया गया है जो सामने आने वाली रुकावटों को ट्रैक से हटाने में मदद करता है। लेकिन यह तेज रफ्तार पर पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
  3. 3. रेलवे सुरक्षा आयोग ने क्या सुझाव दिए हैं?
    आयोग ने सुझाव दिया है कि हाई-स्पीड रूट्स पर लेवल क्रॉसिंग गेट हटाए जाएं, ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग की जाए, और RPF की तैनाती के साथ-साथ किसानों के लिए अंडरपास बनाए जाएं।
  • मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
  • रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
  • 1. वंदे भारत ट्रेन की अगली बोगी हल्की क्यों होती है?
    वंदे भारत ट्रेन का डिज़ाइन इंजन रहित होता है। इसमें इंटरनल पावर डिस्ट्रिब्यूशन होता है जिससे फ्रंट कोच हल्का होता है। यह तकनीक EMU/MEMU ट्रेनों की तरह है और इससे संचालन आसान होता है।
  • 2. क्या वंदे भारत में कैटल गार्ड होता है?
    हाँ, वंदे भारत ट्रेनों में कैटल गार्ड लगाया गया है जो सामने आने वाली रुकावटों को ट्रैक से हटाने में मदद करता है। लेकिन यह तेज रफ्तार पर पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
  • 3. रेलवे सुरक्षा आयोग ने क्या सुझाव दिए हैं?
    आयोग ने सुझाव दिया है कि हाई-स्पीड रूट्स पर लेवल क्रॉसिंग गेट हटाए जाएं, ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग की जाए, और RPF की तैनाती के साथ-साथ किसानों के लिए अंडरपास बनाए जाएं।
Tags:
  • वंदे भारत एक्सप्रेस
  • सेमी हाई स्पीड वंदेभारत एक्सप्रेस
  • RPF
  • रेलवे
  • रेलवे ट्रैक
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि