साल की सबसे लंबी रात आज, जानें इस खगोलीय घटना का विशेष महत्व
Sandeep Kumar | Dec 21, 2024, 18:30 IST
solstice-2024-longest-night Photograph: (solstice-2024-longest-night)
खगोलविदों का मानना है कि पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है, जिसके कारण दिन-रात और मौसमों में परिवर्तन होता है। जब पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य से दूर अपने अधिकतम झुकाव पर होता है, तब उत्तरी गोलार्ध में शीतकालीन संक्रांति होती है।
आज, 21 दिसंबर 2024 को, साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन होने वाला है। यह दिन खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है क्योंकि इसे शीतकालीन संक्रांति (Winter Solstice) कहा जाता है। इस खगोलीय घटना के पीछे पृथ्वी के झुके हुए अक्ष और सूर्य के सापेक्ष इसकी स्थिति का महत्वपूर्ण योगदान है।
शीतकालीन संक्रांति के बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि बढ़ने लगती है, और रातें छोटी हो जाती हैं।
यह खगोलीय घटना उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध दोनों में अलग-अलग समय पर होती है। उत्तरी गोलार्ध: दिसंबर संक्रांति ( 20-23 दिसंबर के बीच ) दक्षिणी गोलार्ध: जून संक्रांति ( 20-22 जून के बीच ) शीतकालीन संक्रांति केवल एक पल की घटना होती है, लेकिन इसका सांस्कृतिक और खगोलीय महत्व कई संस्कृतियों और त्योहारों में देखा जाता है।
शीतकालीन संक्रांति का नाम लैटिन भाषा के दो शब्दों "सोल" (सूर्य) और "ईस्ट्स" (स्थिर) से लिया गया है, जिसका अर्थ है "स्थिर सूर्य। प्राचीन काल से यह समय विभिन्न संस्कृतियों में त्योहारों और अनुष्ठानों के रूप में मनाया जाता रहा है। इस दिन के बाद उत्तरी गोलार्ध में धीरे-धीरे दिन की अवधि बढ़ने लगती है और रातें छोटी होने लगती हैं। यह घटना आने वाले वसंत ऋतु की ओर इशारा करती है।
खगोलीय घटना का कारण और महत्व
खगोलविदों का मानना है कि पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है, जिसके कारण दिन-रात और मौसमों में परिवर्तन होता है। जब पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य से दूर अपने अधिकतम झुकाव पर होता है, तब उत्तरी गोलार्ध में शीतकालीन संक्रांति होती है। इस दिन दिन के उजाले की अवधि सबसे कम होती है और रातें सबसे लंबी होती हैं। इस बार, सूर्योदय सुबह 7:04 बजे और सूर्यास्त शाम 5:45 बजे होगा। दिन कुल 10 घंटे 41 मिनट का रहेगा, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 19 मिनट होगी।
शीतकालीन संक्रांति और ऋतुओं का बदलाव
यह खगोलीय घटना उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध दोनों में अलग-अलग समय पर होती है। उत्तरी गोलार्ध: दिसंबर संक्रांति ( 20-23 दिसंबर के बीच ) दक्षिणी गोलार्ध: जून संक्रांति ( 20-22 जून के बीच ) शीतकालीन संक्रांति केवल एक पल की घटना होती है, लेकिन इसका सांस्कृतिक और खगोलीय महत्व कई संस्कृतियों और त्योहारों में देखा जाता है।
खगोलीय शब्दावली और इतिहास
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari