वर्किंग वीमन के लिए बेस्ट हैं ये योगा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जानें इनके फायदे

Kaushiki | Jun 19, 2025, 13:25 IST
yoga tips to working women
योग कामकाजी महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने का एक बेहतरीन उपाय है। यह उन्हें थकान, तनाव और चिंता से मुक्त करके योग्यता बढ़ाने में मदद करता है।

हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है जो हमें शारीरिक, मानसिक और स्पिरिचुअल पीस रिसीव करने के महत्व को समझाता है। योग, जो कि प्राचीन भारतीय विद्या है अब पूरी दुनिया में एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रतीक के रूप में अपनाया जा रहा है। विशेष रूप से आज के समय में वर्किंग वीमेन के लिए योग सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है।



आज के डिजिटल युग में महिलाएं घर और ऑफिस दोनों जगह कार्यों का बोझ उठाती हैं। इससे उनके शरीर में थकावट, दर्द, चिंता, और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। उनका जीवन बहुत ही व्यस्त और चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर जब वे डिजिटल कामों का दबाव बढ़ता है।



कंप्यूटर स्क्रीन के सामने घंटों बैठने, एक्सेसिव मल्टीटास्किंग और लगातार फिजिकल एक्टिविटीकी की कमी से महिलाओं को शारीरिक और मानसिक थकान का सामना करना पड़ता है।



आज हम आपको बताएंगे कि कैसे योग वर्किंग वीमेन की फिजिकल और मेन्टल कंडीशन को बेहतर बना सकता है और डिजिटल कामों से होने वाली कमजोरी को दूर कर सकता है।



ये खबर भी पढ़ें...Fathers Day Special: दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा है पिता से मिली सीख, दिल से दिल का मजबूत कनेक्शन



डिजिटल से होने वाली फिजिकल प्रॉब्लम

कामकाजी महिलाओं के लिए डिजिटल कार्यों के कारण कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने से कई तगह की समस्याएं हो सकती हैं:



  • गर्दन और कंधे में दर्द: कंप्यूटर या स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग गर्दन और कंधों में तनाव और दर्द का कारण बन सकता है। यह स्थिति 'टेक्स्ट नेक' (Text Neck) के रूप में जानी जाती है, जिसमें गर्दन के ऊपरी हिस्से में दर्द और अकड़न होती है।
  • पीठ और कमर में दर्द: लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठने से रीढ़ की हड्डी और कमर में दर्द हो सकता है। बैठने की गलत मुद्रा से लंबर स्पाइन (lower back) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जो समय के साथ मांसपेशियों में अकड़न और दर्द पैदा करता है।
  • आंखों की समस्याएं: स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताने से 'डिजिटल आई स्ट्रेन' (Digital Eye Strain) हो सकता है, जिसमें आंखों में जलन, थकान, धुंधला दिखाई देना और सिर दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
  • हाथों और कलाइयों में दर्द: लंबे समय तक कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से हाथ और कलाइयों में तनाव बढ़ता है, जिससे कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें हाथों में जलन, झुनझुनी और दर्द होता है।

योग से शारीरिक समस्याओं का समाधान

योग एक प्राचीन कला है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाए रखने का काम करती है। योग का अभ्यास करते समय शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। डिजिटल कार्यों से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को योग के माध्यम से आसानी से हल किया जा सकता है।



सर्वांगासन के लाभ और सर्वांगासन (कंधे पर खड़े होकर) कैसे करें | आर्ट ऑफ़ लिविंग इंडिया


  • सर्वांगासन (Shoulder Stand): यह आसन कंधों और गर्दन में दर्द को कम करता है। इससे रक्त संचार में सुधार होता है और मस्तिष्क में ताजगी आती है।
Tadasana Pose Benefits In Hindi Know How To Make Mountain Pose Step By Step In Hindi - Amar Ujala H


  • ताड़ासन (Tadasana): ताड़ासन का अभ्यास पीठ और कमर में दर्द को कम करने के लिए अत्यंत प्रभावी है। यह आसन शरीर को लंबा करता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ की हड्डी को सीधा बनाए रखता है।
Benefits Of Vrikshasana And How To Do Tree Pose Step By Step In Hindi - Amar Ujala Hindi News Live


  • वृक्षासन (Tree Pose): इस आसन से संतुलन में सुधार होता है और पैरों, कंधों और पीठ की मांसपेशियों में मजबूती आती है। यह मानसिक शांति और स्थिरता को बढ़ाता है, जिससे कामकाजी महिलाओं को मानसिक राहत मिलती है।
भुजंगासन (कोबरा स्ट्रेच) | लाभ | चरण | आर्ट ऑफ़ लिविंग इंडिया


  • भुजंगासन (Cobra Pose): भुजंगासन से पीठ और कमर की मांसपेशियों में लचीलापन आता है। यह खासकर उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो लंबे समय तक बैठकर काम करती हैं और पीठ के निचले हिस्से में दर्द का सामना करती हैं।
Bhujangasana Benefits In Hindi Know How To Do Cobra Pose Step By Step In Hindi - Amar Ujala Hindi N


सुत्त भूजंगासन (Reclined Cobra Pose): यह पीठ के निचले हिस्से को आराम देता है और कामकाजी महिलाओं के लिए फायदेमंद है। यह आसन बैक पेन को कम करने में मदद करता है, जो घंटों की कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठने से उत्पन्न होता है।



Shavasana (Corpse Pose) How to Practice and Benefits


शवासन (Corpse Pose): यह योगासन मानसिक शांति को बढ़ाता है और तनाव को कम करता है। यह पूरी तरह से शरीर को विश्राम देता है, जिससे मानसिक और शारीरिक थकावट दूर होती है।



ये खबर भी पढ़ें...World Blood Donor Day पर जानें कौन कर सकता है रक्तदान और कौन नहीं



योग से होगा मानसिक तनाव दूर

कामकाजी महिलाओं के लिए मेन्टल हेल्थ उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। दिन भर की भागदौड़, काम के दबाव और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच मानसिक तनाव और चिंता आम बात है। योग के माध्यम से इन समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है:



  • प्राणायाम (Breathing Exercises): प्राणायाम, विशेष रूप से अनुलोम-विलोम, श्वास नियंत्रण के माध्यम से मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखता है। यह ध्यान और मानसिक स्थिति को स्थिर करता है, जिससे चिंता और तनाव कम होता है।
  • ध्यान (Meditation): योग के अभ्यास में ध्यान बहुत जरूरी है। ध्यान मानसिक स्थिति को शांत करता है और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। इससे महिला वर्क एफिशिएंसी में सुधार होती है और मानसिक थकावट को कम किया जा सकता है।
  • सुर्य नमस्कार (Surya Namaskar): यह आसन का एक क्रम है, जो शरीर और मस्तिष्क को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें 12 आसनों का एक पूरा सेट शामिल होता है, जो मानसिक शांति, शारीरिक लचीलापन और स्फूर्ति को बढ़ाता है।
  • विपरीत करवट आसन (Reverse Corpse Pose): यह आसन न केवल शरीर को विश्राम देता है, बल्कि मानसिक रूप से भी शांति प्रदान करता है। विपरीत करवट आसन से सिर में रक्त संचार बढ़ता है और तनाव को कम किया जाता है।

ये खबर भी पढ़ें...पिता के बलिदानों को सम्मानित करने का खास मौका है Fathers Day, ऐसे हुई थी शुरुआत



कामकाजी महिलाओं के लिए योग की आदतें

  • सुबह का योग अभ्यास: योग का अभ्यास सुबह करना सबसे फायदेमंद होता है। सुबह के समय शांति और ऊर्जा की स्थिति होती है, जो दिनभर के कार्यों के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।
  • वर्क ब्रेक के समय योग: कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने के दौरान, छोटे-छोटे ब्रेक लेने और योग करने से शारीरिक और मानसिक स्थिति में सुधार होता है। आपको केवल कुछ मिनट का समय निकालकर ध्यान और प्राणायाम अभ्यास करने की आवश्यकता है।
  • समय-समय पर स्ट्रेच: कामकाजी महिलाएं जो बैठकर काम करती हैं, उन्हें समय-समय पर शरीर को खींचने की आदत डालनी चाहिए। इससे मांसपेशियों में लचीलापन आता है और थकान दूर होती है।
  • हेल्दी रूटीन बनाए रखें: योग को दिनचर्या में शामिल करना, साथ ही सही आहार, पर्याप्त नींद और पानी का सेवन भी जरूरी है। एक स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्षमता को बढ़ाती है और मानसिक शांति बनाए रखती है।

तो योग, विशेष रूप से कामकाजी महिलाओं के लिए, एक वरदान से कम नहीं है। यह शारीरिक थकान, मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है।



यदि आप इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाती हैं, तो न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगी, बल्कि मानसिक रूप से भी संजीवित और सशक्त महसूस करेंगी।



अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, यह समय है कि हम योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए इस प्राचीन कला को अपनाएं।



ये खबर भी पढ़ें... देश की आधी आबादी फ्रोजन शोल्डर से परेशान, विश्व योग दिवस पर ये ट्रिक देंगे तुरंत आराम



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬



👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



International Yoga Day | International Yoga Day on June 21 | stress free | 10 min yoga



Tags:
  • International Yoga Day
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
  • International Yoga Day on June 21
  • Yoga
  • योग दिवस
  • stress free
  • 10 min yoga