Jakarta. दिल्ली में होने जा रही जी-20 समिट से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (7 अगस्त) सुबह आसियान-इंडिया समिट में हिस्सा लेने के लिए इंडोनेशिया पहुंचे। मोदी भारतीय समयानुसार रात 3.30 बजे जकार्ता एयरपोर्ट पहुंचे, जहां महिला सशक्तिकरण और बाल संरक्षण मंत्री आई गुस्टी आयु बिंटांग दारमावती ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक अंदाज में मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। पीएम के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर भी आसियान समिट में शामिल होंगे। मोदी ने रवाना होने से पहले कहा कि वे आसियान देशों के साथ भविष्य की पार्टनरशिप के बारे में चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं। आसियान देशों के साथ जुड़ना भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का जरूरी हिस्सा है।
आसियान शिखर सम्मेलन में मोदी बोले- सह-अध्यक्षता करना मेरे लिए गर्व की बात
जकार्ता में चल रहे आसियान के 43वें शिखर सम्मेलन को आज पीएम मोदी ने संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल हमने भारत-आसियान मित्रता दिवस मनाया और इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया और आज हमारी साझेदारी चौथे दशक में प्रवेश कर रही है। जकार्ता में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ऐसे समय में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करना मेरे लिए गर्व की बात है, जब हमारी साझेदारी नए आयाम लिख रही है और चौथे दशक में पहुंच गई है। मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को बधाई देता हूं।
5 सितंबर से शुरू हो चुकी है समिट
आसियान समिट 5 सितंबर से शुरू हो गई है, जो 8 सितंबर तक चलेगी। मोदी 7 सितंबर यानी आज इस समिट में हिस्सा लेंगे। वे 18वीं ईस्ट एशिया समिट में भी शामिल होंगे। आसियान में मलेशिया, इंडोनेशिया, म्यांमार, वियतनाम, कम्बोडिया, फिलीपींस, ब्रुनेई, थाईलैंड, लाओस और सिंगापुर शामिल हैं।
जर्काता में भव्य स्वागत, भगवान श्रीकृष्ण के वेश में पहुंचा बच्चा
जकार्ता पहुंचने पर पीएम मोदी का कालाकारों ने इंडोनेशिया का पारंपरिक डांस कर भव्य स्वागत किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर जकार्ता के होटल रिट्ज-कार्लटन पहुंचे, जहां उन्होंने ने भी पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंचे प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की। मोदी का इंतजार कर रहे लोगों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे। एक बच्चा जन्माष्टमी के चलते भगवान श्रीकृष्ण का रूप बनाकर पहुंचा।
इंडो-पैसिफिक फोरम में भी शामिल होंगे मोदी
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 2022-23 में भारत और आसियान देशों के बीच 10 लाख करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 9 आसियान समिट में हिस्सा ले चुके हैं। इस बार आसियान समिट के दौरान इंडोनेशिया ने एक स्पेशल समारोह रखा है। इसे इंडो पैसिफिक फोरम नाम दिया गया है। फोरम के जरिए आसियान देश इंडो-पैसिफिक में अपने लक्ष्यों को लेकर राय देंगे। इसमें आसियान देशों की इंडो-पैसिफिक में कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी।
चीन के नक्शे पर आसियान देशों ने जताई थी आपत्ती
हाल ही में चीन ने एक नक्शा जारी किया था, जिस पर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि कई आसियान देशों ने आपत्ती जताई थी। फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया और ताइवान ने भी चीन के विवादित मैप का विरोध किया है। उन्होंने साउथ चाइना सी में चीन के दावे को खारिज कर दिया है। फिलीपींस ने कहा- चीन को जिम्मेदारी से फैसले लेते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए, वहीं मलेशिया ने नक्शे को लेकर डिप्लोमैटिक प्रोटेस्ट दर्ज कराई है।
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