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देवों के देव महादेव
भगवान शिव का शृंगार केवल बाहरी रूप नहीं, बल्कि संसार के त्याग और परम कल्याण का एक गहरा आध्यात्मिक संदेश है। शिवजी उन चीजों को भी सम्मान के साथ अपनाते हैं जिन्हें दुनिया त्याग देती है या अमंगलकारी मानती है। इस बार महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को है। ऐसे में आइए जानें उनका हर प्रतीक हमें क्या सिखाता है।
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सांप और चंद्रमा का रहस्य
शिव के गले में लिपटा सांप भूत, वर्तमान और भविष्य का प्रतीक है, जो कुंडलिनी जागरण की प्रेरणा देता है। उन्होंने त्याग दिए गए और शापित चंद्रमा को अपने शीश पर सजाकर यह संदेश दिया कि समर्पित भाव से आने वाले को शिव कभी नहीं ठुकराते।
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विष और औषधि का मेल
समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को पीकर शिव नीलकंठ कहलाए, जो संसार को विनाश से बचाने का प्रतीक है। वे धतूरे और मदार जैसे कड़वे फूलों को औषधि के रूप में स्वीकार करते हैं। ये बताते हुए कि सही उपयोग से जहर भी अमृत बन सकता है।
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भस्म और कामदेव पर विजय
शिव ने कामदेव (वासना) को भस्म कर उसकी राख को अपने शरीर पर मला। ये दर्शाता है कि वे अपनी इंद्रियों के पूर्ण स्वामी हैं। श्मशान की भस्म धारण करना महाकाल रूप का प्रतीक है, जो जीवन और मृत्यु के चक्र पर नियंत्रण रखता है।
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तीसरा नेत्र और मुक्ति
शिव के तीन नेत्र सृष्टि के सृजन, पालन और संहार के केंद्र हैं। इन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है। ललाट पर स्थित तीसरा नेत्र असल में ज्ञान की अग्नि और मुक्ति का द्वार है, जो आंतरिक बुराइयों को भस्म कर देता है।
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डमरू और त्रिशूल की शक्ति
शिव के हाथ का डमरू नाद ब्रह्म का प्रतीक है जिसकी लय से सृष्टि का निर्माण होता है। वहीं, त्रिशूल उनकी तीन शक्तियों- इच्छा, ज्ञान और क्रिया का प्रतीक है, जो मनुष्य के दैहिक, दैविक और भौतिक दुखों का नाश करता है।
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जटाएं और गंगा का वेग
शिव की जटाएं वट वृक्ष के समान हैं जो समस्त प्राणियों का विश्राम स्थल और ज्ञान की शाखाएं हैं। उन्होंने स्वर्ग से उतरती गंगा के प्रचंड वेग को अपनी जटाओं में थामकर धरती को विनाश से बचाया और उसे जीवनदायिनी धारा में बदल दिया।
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नंदी की सवारी का अर्थ
वृष (बैल) अपार शक्ति और काम-वासना का प्रतीक माना जाता है जिसे नियंत्रित करना कठिन होता है। शिव नंदी की सवारी कर यह बताते हैं कि उन्होंने अपनी समस्त वासनाओं और शक्तियों को वश में कर लिया है और वे पूरी तरह जितेंद्रिय हैं (भगवान शिव का पूजन)। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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