क्या है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी की सही तारीख? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Kaushiki | Mar 20, 2026, 16:19 IST
chaitra-navratri-ashtami
चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी और नवमी की तिथि को लेकर भ्रम दूर करें। यहाँ जानें कन्या पूजन का सही समय, शुभ मुहूर्त और राम नवमी की सही तारीख।

Chaitra Navratri 2026 Ashtami: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का बहुत ही पवित्र और बड़ा त्योहार माना जाता है। इस साल नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से हो चुकी है।



नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। इन दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा की जाती है।



भक्त अपनी श्रद्धा मुताबिक कन्या पूजन कर माता का आशीर्वाद लेते हैं। इस साल तिथियों के विशेष संयोग से कुछ बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भक्तों को पूजा की सही तारीख और मुहूर्त की जानकारी होना जरूरी है।



Chaitra Navratri 2023 Maha Ashtami & Maha Navami Date : कब है महाअष्टमी और महानवमी? जानें कन्या पूज


कब है महाअष्टमी और राम नवमी

इस साल पंचांग के मुताबिक, महाअष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। महाअष्टमी का दिन मां महागौरी की विशेष उपासना के लिए समर्पित होता है।



पंचांग के मुताबिक, राम नवमी का पावन पर्व 27 मार्च 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य जन्मोत्सव मनाया जाता है।



हालांकि कुछ विद्वानों के मुकाबिक, अष्टमी-नवमी एक ही दिन पड़ रही है। पंचांग भेद के कारण लोग 26 मार्च को भी नवमी मान रहे हैं। लेकिन उदया तिथि के मुकाबिक राम नवमी 27 मार्च को ही होगी। नवरात्रि का आठवां दिन



कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

कन्या पूजन की सरल विधि

  • नवरात्रि का नौवां दिन मेंकन्या पूजन के लिए दो से नौ वर्ष की कन्याओं को बुलाएं।
  • सबसे पहले उनके चरण धोएं और उन्हें आसन दें।
  • कन्याओं के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाकर अक्षत जरूर लगाएं।
  • उन्हें श्रद्धा के साथ पूरी, हलवा और काले चने का भोजन कराएं।
  • भोजन के बाद कन्याओं को फल, मिठाई या दक्षिणा भेंट स्वरूप दें।
  • अंत में उनके चरण स्पर्श कर सुख-शांति का आशीर्वाद जरूर लें।
  • कन्याओं को विदा करते समय माता के जयकारे जरूर लगाने चाहिए।

मां दुर्गा के वाहन का संकेत

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, माता रानी का वाहन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस साल नवरात्रि गुरुवार से शुरू हुई है, इसलिए मां पालकी पर आईं। पालकी पर माता का आगमन शुभ और सुखद बदलाव का संकेत है।



यह भक्तों के जीवन में नई खुशियां और शांति लेकर आता है। पालकी की सवारी को बहुत ही सौम्य और कल्याणकारी माना जाता है। पूरी श्रद्धा से मां की पूजा करने पर हर बाधा दूर होती है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



ये खबरें भी पढ़ें...



चैत्र नवरात्रि: इस नवरात्रि करें भारत के प्रमुख देवी मंदिरों के दर्शन और पाएं आशीर्वाद



चैत्र नवरात्रि: देवी के आशीर्वाद के लिए 9 दिनों में पहनें 9 रंग के कपड़े



क्यों इसी दिन से होती है हिंदू नववर्ष की शुरुआत, जानें इसका कारण



आज से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि, मां दुर्गा की पूजा में न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रहेगा व्रत



Tags:
  • नवरात्रि
  • हिंदू धर्म
  • चैत्र नवरात्रि
  • शुभ मुहूर्त
  • मां दुर्गा
  • नवरात्रि का आठवां दिन
  • नवरात्रि का नौवां दिन