माता लक्ष्मी के पांच बड़े मंदिर, इनके दर्शन से होती है मनोकामना पूरी
Sandeep Kumar | Oct 19, 2024, 19:52 IST
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दीपावली में माता लक्ष्मी के पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। हम आपको देश के उन 5 बड़े माता लक्ष्मी के मंदिरों के बारे बताने जा रहे हैं जिनके दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
मां लक्ष्मी के मंदिर की लिस्ट तो बहुत लंबी है, लेकिन आज हम आपको माता लक्ष्मी के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहें हैं जो देशभर में सबसे अत्यधिक प्रसिद्ध हैं। मां लक्ष्मी के इन पवित्र स्थानों की कहानी भी अलग-अलग हैं। वैसे अगर दिवाली के आसपास माता लक्ष्मी के दर्शन की योजना बना रहें हैं, तो मां लक्ष्मी के इन प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर जाकर माता लक्ष्मी के दर्शन कर मनोकामना प्राप्त सकते हैं।
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मध्य प्रदेश के रतलाम में स्थित यह मंदिर अपने वैभव के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर के कपाट दीवाली के समय बंद नहीं होते हैं। यहां धनतेरस से दीवाली तक मां लक्ष्मी को सोने के आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान पूरे मंदिर को पैसे और गहने से भी सजाया जाता है।
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दिल्ली में स्थित इस मंदिर में माता लक्ष्मी ( Mata Lakshmi ) भगवान विष्णु संग विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां आने वालों की झोली कभी खाली नहीं जाती है। यहां सच्चे मन से भक्त जो भी मां लक्ष्मी मांग करते है वह जरूर पूरी होती है। दिवाली के आसपाल यहां पर श्रद्धालुओं खूब भीड़ लगती है।
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मां लक्ष्मी का विश्वप्रसिद्ध श्रीपद्मावती देवी मंदिर (Sripadmavati Devi Temple ) आंध्र प्रदेश के तिरुचानूर में स्थित है। मान्यता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple ) आने वालों की मनोकामना तभी पूर्ण होती है जब देवी पद्मावती के दर्शन भी किए जाएं। सनातन धर्म में मान्यता है कि यहां मौजूद तालाब में ही वह कमल का फूल खिला था जिसपर विराजमान होकर मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi ) ने जन्म लिया था।
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मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर ( Mahalaxmi Temple ) लक्ष्मी भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है। इस मंदिर में मां लक्ष्मी के साथ मां काली ( Maa Kali ) और मां सरस्वती ( Maa Saraswati ) भी विराजमान हैं। ऐसी मान्यता है कि अंग्रेजों के शासन के दौरान मुंबई के वर्ली ( Worli Mumbai ) और मालाबार हिल ( Malabar Hill ) को जोड़ने के लिए दीवार का निर्माण कार्य जारी था लेकिन काम में बाधा आ रही थी। इस काम के ठेकेदार के स्वप्न में देवी लक्ष्मी प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की मूर्तियों को निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। इसके बाद ठेकेदार ने आदेश का पालन किया और तब जाकर आगे काम पूरा हो सका था।
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श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर को दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर कहा जाता है। मां लक्ष्मी का यह मंदिर 15 हजार किलो शुद्ध सोने से निर्मित है। यह मंदिर तमिलनाडु (Tamil Nadu ) के वैल्लोर जिले के थिरूमलाईकोडी (Thirumalaikodi ) नामक जगह पर है। करीब 100 एकड़ में फैले हुए इस मंदिर की मान्यता है कि यहां जो भी आता है मां लक्ष्मी की कृपा से उसके जीवन में सुख-समृद्धि और धन की कमी नहीं रहती है।
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दिवाली के पहले शिक्षकों को मिला बड़ा तोहफा, नियुक्ति पत्र किए गए जारी
रतलाम का देवी लक्ष्मी मंदिर
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दिल्ली का लक्ष्मीनारायण मंदिर
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आंध्र प्रदेश का पद्मावती मंदिर
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मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर
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तमिलनाडु का श्रीपुरम महालक्ष्मी मंदिर
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