आज मनाया जाएगा पवनपुत्र का जन्मोत्सव, हनुमान जी की पूजा में न करें ये बड़ी गलती

Kaushiki | Mar 31, 2026, 12:54 IST
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हनुमान जयंती 2026 में आज 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन शुभ मुहूर्त में चोला चढ़ाने और सुंदरकांड पाठ करने से बजरंग बली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Hanuman Jayanti 2026: शास्त्रों को मुताबिक, चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को संकट मोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था। साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा आज (2 अप्रैल) गुरुवार को मनाया जाएगा।



पंचांग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को शुरू हो गई है। इसका समापन 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे हो गया है। लेकिन उदयातिथि के कारण उत्सव आज (2 अप्रैल) ही मनाया जाएगा।



हनुमान जी कलियुग के जाग्रत देवता माने जाते हैं। वे अपने भक्तों के संकटों को तुरंत हर लेते हैं। आइए जानें हनुमान जयंती के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और बजरंग बली को प्रसन्न करने के उपाय।



हनुमान जयंती पूजा विधि 2022 !! Easy Hanuman Jayanti Puja Vidhi 2022 !! Hanuman Jayanti 2022


हनुमान जयंती की पूजा विधि

  • हनुमान जयंती पर सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ-सुथरे लाल रंग के वस्त्र पहनना बहुत शुभ होता है।
  • घर के साफ स्थान या मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा रखें। प्रतिमा को गंगाजल से शुद्ध करके लाल आसन पर स्थापित करना चाहिए।
  • भगवान के सामने चमेली के तेल का दीपक सावधानी से जलाएं। चमेली की खुशबू और लौ से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। इससे बजरंग बली अपने भक्त पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।
  • हनुमान जी को बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू चढ़ाएं। मीठा भोग लगाने से जीवन में सुख और मिठास का आगमन होता है।
  • पूजा के समय अपने मन में केवल शुद्ध और अच्छे विचार रखें। शांत मन से हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी रहता है।
हनुमान जयंती - हनुमान जी के जन्म की याद में मनाया जाने वाला त्योहार


सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ करना सबसे उत्तम है। अगर समय कम हो तो हनुमान चालीसा पढ़ें। राम नाम का जप करने से हनुमान जी खुश होते हैं।



'ऊं हं हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें। यह मंत्र जीवन की बाधाओं को दूर करता है। पूजा के अंत में आरती जरूर करनी चाहिए। आरती के बाद तीन बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करने से पूजा का पूरा फल मिलता है।



हनुमान जी का प्रिय भोग

बजरंग बली को मीठा बहुत पसंद होता है। सुबह गुड़ और चने का भोग लगाएं। दोपहर में आटे के चूरमे का भोग दें। शाम को मौसमी फलों का प्रसाद चढ़ाएं।



लाल और पीले फूलों से भगवान का श्रृंगार करें। गेंदा और गुलाब के फूल चढ़ाना शुभ है। केसर मिला हुआ लाल चंदन का तिलक लगाएं। इससे घर में सुख और शांति बनी रहती है।



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भक्तों के लिए जरूरी नियम

  • ब्रह्मचर्य का पालन: हनुमान पूजा के दौरान मन और शरीर से ब्रह्मचर्य का पालन करें। अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना इस साधना में बहुत जरूरी माना गया है।
  • तन-मन की पवित्रता: शरीर के साथ-साथ अपने विचारों को भी पूरी तरह पवित्र रखें। शुद्ध मन से की गई प्रार्थना को बजरंग बली तुरंत स्वीकार करते हैं।
  • महिलाओं का सम्मान: हनुमान जी स्त्री जाति का बहुत सम्मान करते थे, इसलिए आप भी करें। किसी भी महिला के प्रति मन में कभी गलत विचार न लाएं।
  • जल्दी उठने का नियम: सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ दें और देर तक सोने से बचें। सुबह के शांत वातावरण में पूजा करना बहुत अधिक फलदायी होता है।
  • गणेश पूजन से शुरुआत: घर के मंदिर में सबसे पहले प्रथम पूज्य गणेश जी की पूजा करें। इसके बाद ही संकट मोचन हनुमान जी की आराधना शुरू करनी चाहिए।
  • सूर्य देव को अर्घ्य: स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना बहुत शुभ है। हनुमान जी के गुरु सूर्य देव हैं, इसलिए उनका आशीर्वाद जरूरी है।
  • नियमित आरती और पाठ: हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ पूरी श्रद्धा के साथ करें। पाठ के बाद घी का दीपक जलाकर विधि-विधान से आरती जरूर करें।
Hanuman Jayanti 2026 Date: हनुमान जयंती की सही तारीख, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त | Hanuman Jaya


कर्ज मुक्ति और सेहत के खास उपाय

  • कर्ज मुक्ति के लिए दीपक: चमेली के तेल का दीपक जलाकर बजरंग बली से प्रार्थना करें।
  • हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ: नियमित 11 बार पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। हनुमान चालीसा का 51 हजार बार पाठ भी कर सकते हैं
  • मीठी चीजों का दान: गरीबों में बूंदी या गुड़ का दान करना शुभ होता है।
  • हनुमान बाहुक का पाठ: शारीरिक कष्टों और पुरानी बीमारियों से मुक्ति के लिए यह रामबाण है।
  • लाल फूल और मिठाई: हनुमान जी को लाल गुलाब और बेसन के लड्डू अर्पित करें।
  • सेहत के लिए विशेष प्रार्थना: स्वास्थ्य सुधार के लिए सच्चे मन से हनुमान जी का ध्यान करें।
  • भक्ति और विश्वास: हनुमान जी हर दुख हर लेते हैं, बस आपकी पुकार सच्ची हो।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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