लक्ष्मी और गणेश की कैसी मूर्ति खरीदें? यहां से दूर करें अपना कन्फ्यूजन और जानें शुभ खरीदारी के 5 नियम

Kaushiki | Oct 14, 2025, 17:42 IST
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दिवाली पर सुख-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की बैठी हुई और गणेश जी की बायीं सूंड वाली मूर्ति ही खरीदनी चाहिए। गणेश जी को हमेशा लक्ष्मी जी के दाहिने हाथ की तरफ रखें ताकि धन बुद्धि के नियंत्रण में रहे।

Latest Religious News: दिवाली का त्योहार यानी दीपों का महापर्व। इस दिन हर घर में धन की देवी मां लक्ष्मी और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा होती है। मान्यता है कि सही विधि और सही चीजों से की गई पूजा घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाती है। हर कोई चाहता है कि उसकी पूजा सफल हो और देवी-देवता पूरे साल उस पर अपनी कृपा बनाए रखें।



ऐसे में अक्सर लोग बाजार में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदते समय थोड़े असमंजस में पड़ जाते हैं। वे सोचते हैं कि कैसी और कौन सी मूर्ति लेना सबसे शुभ रहेगा।



शास्त्रों और मान्यताओं के मुताबिक कुछ जरूरी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। इसलिए, दिवाली पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइए जानें...



लक्ष्मी जी की मूर्ति कैसी हो

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक मां लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय आपको तीन बातों पर ध्यान देना है: मुद्रा, वाहन और रंग।



बैठने की मुद्रा: खड़ी या बैठी?



  • बैठी हुई मूर्ति:
    मां लक्ष्मी की हमेशा बैठी हुई या कमल पर विराजमान मूर्ति ही खरीदनी चाहिए। बैठी हुई मुद्रा स्थिरता को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि मां लक्ष्मी आपके घर में स्थायी रूप से निवास करेंगी और धन स्थिर रहेगा।
  • खड़ी हुई मूर्ति:
    खड़ी हुई लक्ष्मी जी की मूर्ति को शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि यह धन की चंचलता और अस्थायित्व को दर्शाती है। यानी धन आता-जाता रहेगा।
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हाथी और हाथ



  • हाथी:
    मूर्ति में दो हाथी सूंड उठाए हुए होने चाहिए, जो ऐश्वर्य और समृद्धि को दर्शाते हैं।
  • हाथ की मुद्रा:
    देवी के हाथ से धन (सिक्के) गिरते हुए दिखाई देने चाहिए और एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में होना चाहिए।
  • धातु या सामग्री
    मिट्टी, पीतल या आठ धातुएं की मूर्ति सबसे उत्तम मानी जाती है। प्लास्टर ऑफ पेरिस या प्लास्टिक की मूर्ति से बचना चाहिए।

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गणेश जी की कैसी मूर्ति लें

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय दो सबसे जरूरी बातें हैं: सूंड की दिशा और मुद्रा।



माँ लक्ष्मी को भगवान गणेश के बाईं ओर रखना चाहिए या दाईं ओर?


सूंड की दिशा: दायीं या बायीं सूंड?



दिवाली पूजा के लिए हमेशा ऐसी मूर्ति लेनी चाहिए जिसमें गणेश जी की सूंड बायीं तरफ (Left Side) मुड़ी हुई हो। इसे वाममुखी गणेश कहा जाता है। यह सूंड सुख, शांति और समृद्धि लाती है और इसकी पूजा के नियम बहुत सरल होते हैं।



दायीं तरफ (Right Side) मुड़ी सूंड वाले गणेश (दक्षिणमुखी) की पूजा के नियम बहुत कठिन होते हैं, इसलिए उन्हें आमतौर पर घरों में स्थापित नहीं किया जाता।



आसन और वाहन



  • मुद्रा: गणेश जी बैठी हुई मुद्रा में होने चाहिए, जो स्थिरता और घर में टिके रहने का संकेत है।
  • वाहन और भोग: मूर्ति में उनका वाहन मूषक (चूहा) और उनके हाथ में मोदक (लड्डू) होना जरूरी है।

लक्ष्मी-गणेश को कैसे रखें

यह एक बहुत बड़ा कन्फ्यूजन है। धार्मिक मान्यता है कि:



  • एक साथ:
    दिवाली पर गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति हमेशा एक साथ रखनी चाहिए। लेकिन ध्यान रहे कि गणेश जी, मां लक्ष्मी के दाएं (Right) हाथ की तरफ स्थापित हों।
  • कारण:
    गणेश जी बुद्धि और विवेक के देवता हैं और लक्ष्मी जी धन की देवी हैं। यह संदेश देता है कि धन हमेशा बुद्धि के नियंत्रण में ही रहना चाहिए। बिना विवेक के धन विनाशकारी हो सकता है।

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लक्ष्मी-गणेश के साथ और क्या-क्या खरीदना चाहिए

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक लक्ष्मी-गणेश (diwali laxmi puja) की मूर्ति के अलावा दिवाली पूजा के लिए बाजार से और भी चीजों लानी होती हैं। इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।



  • कलश: तांबे या मिट्टी का कलश।
  • वस्त्र: लक्ष्मी जी और गणेश जी को चढ़ाने के लिए नए वस्त्र। मां लक्ष्मी के लिए लाल/गुलाबी और गणेश जी के लिए पीला।
  • रोली, चंदन, सिंदूर, हल्दी: तिलक और पूजा के लिए।
  • पंचामृत: दूध, दही, शहद, घी, शक्कर का मिश्रण।
  • अक्षत (चावल): खंडित न हुए चावल।
  • पान के पत्ते और सुपारी: पूजा के लिए ताम्बूल बनाने हेतु।
  • फूल और माला: कमल का फूल मां लक्ष्मी को अति प्रिय है, इसलिए एक कमल का फूल जरूर लाएं। इसके अलावा गेंदे के फूल और माला।
  • खील और बताशे: ये दिवाली पूजा का मुख्य प्रसाद हैं।
  • फल और मिठाई: ऋतुफल जैसे सिंघाड़ा, गन्ना और तरह-तरह की मिठाई।
  • दीपक और तेल: मिट्टी के दीये और देसी घी या तिल का तेल।
  • कपूर और धूप-अगरबत्ती: आरती और सुगंध के लिए।
  • धनिया और कमलगट्टा: एक नई थैली में साबुत धनिया और कमलगट्टा डालकर रखें। इन्हें धन की वृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।
  • लेखनी (कलम) और बही-खाता: व्यापारी वर्ग को अपने नए बही-खाते और कलम की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
  • झाड़ू: दिवाली के दिन नई झाड़ू खरीदना और उसकी पूजा करना घर में धन आगमन का प्रतीक माना जाता है।
  • चांदी का सिक्का: इस पर लक्ष्मी-गणेश की छवि हो तो और भी शुभ है।

इन सभी चीजों (दिवाली लक्ष्मी पूजा टाइम) को इकट्ठा करने से आपकी दिवाली 2025 पूजा में कोई कमी नहीं रहेगी। देवी-देवताओं का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा। इस बार पूरी तैयारी के साथ करें अपने घर में महालक्ष्मी पूजन



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। धार्मिक अपडेट | Hindu News



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