नए अवतार में दिखेगा जानापाव धाम, श्रीकृष्ण और परशुराम की 51 फीट की प्रतिमाएं होंगी मुख्य आकर्षण
News In Short
- जानापाव के कायाकल्प के लिए करीब 175 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है।
- भगवान श्रीकृष्ण और परशुराम की 51-51 फीट ऊंची प्रतिमाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है।
- प्राचीन भारतीय संस्कृति की झलक दिखाने के लिए पहाड़ी के प्रवेश पर भव्य द्वार बनेगा।
- भगवान परशुराम के जीवन और इतिहास पर आधारित एक रिसर्च सेंटर और म्यूजियम का निर्माण होगा।
- हर्बल गार्डन, व्यू पॉइंट और सुरक्षित पाथवे जैसी सुविधाओं से प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
News In Detail
आस्था और प्रकृति के संगम स्थल जानापाव की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। इस पावन धाम को एक नई और भव्य पहचान दिलाने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है। श्रीकृष्ण-परशुराम लोक योजना के तहत यहां कई बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जो श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी हैरान कर देंगे।
सीएम की घोषणा के बाद काम में आई तेजी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अक्षय तृतीया के मौके पर इसकी घोषणा की थी।अब प्रशासन इसके तैयारियों को आखिरी रूप देने में जुटा हुआ है।
खबरों के मुताबिक, करीब 175 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अब अपने अंतिम दौर में है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी इलाके को आधुनिक सुविधाओं से सजाना है, ताकि यह धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से पूरी दुनिया में मशहूर हो सके।
51 फीट ऊंची प्रतिमाएं होंगी आकर्षण का केंद्र
परियोजना का सबसे प्रमुख आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण और भगवान परशुराम की विशाल प्रतिमाएं होंगी। इन प्रतिमाओं की ऊंचाई 51-51 फीट प्रस्तावित की गई है।
हालांकि, तकनीकी टीम और प्रशासन पहाड़ी की ऊंचाई, चौड़ाई और उसकी भौगोलिक बनावट का ध्यान से अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद ही तय होगा कि प्रतिमाओं का आकार और रूप आखिरकार कैसा होगा।
म्यूजियम और भव्य द्वार में दिखेगी गौरवगाथा
जानापाव लोक के प्रवेश मार्ग पर एक भव्य पौराणिक द्वार (Mythological Gateway) बनाया जाएगा, जो आगंतुकों को प्राचीन भारतीय संस्कृति की गहराई का अहसास कराएगा। इसके साथ ही, यहां एक आधुनिक म्यूजियम बनाने का भी प्रस्ताव है।
इस म्यूजियम में भगवान परशुराम के जीवन से जुड़ी पौराणिक और ऐतिहासिक जानकारियों को सहेजकर प्रदर्शित किया जाएगा, जो शोधकर्ताओं के लिए भी काफी मददगार साबित होगा।
पर्यटन के साथ सजेगा प्राकृतिक सौंदर्य
पहाड़ी की सुंदरता को निखारने के लिए यहां लैंडस्केपिंग, सुरक्षित पाथवे, और शानदार व्यू पॉइंट्स विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों के बैठने के लिए आकर्षक गजीबो और एक विशेष हर्बल गार्डन भी तैयार किया जाएगा। इन सुविधाओं से प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का एक अनोखा समन्वय देखने को मिलेगा।
पहाड़ी की सुंदरता को बढ़ाने के लिए यहां लैंडस्केपिंग, सुरक्षित रास्ते, और शानदार व्यू पॉइंट्स बनाए जाएंगे। पर्यटकों के बैठने के लिए खूबसूरत एक खास हर्बल गार्डन भी तैयार किया जाएगा। इन सुविधाओं से यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक माहौल बहुत ही खास लगेगा।
स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को भी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और छोटे व्यापारियों को व्यापार के नए मंच मिलेंगे।
महू एसडीएम राकेश परमार के मुताबिक, भगवान श्रीकृष्ण-परशुराम रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिससे इस क्षेत्र के धार्मिक और पौराणिक महत्व को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकेगा।
ये खबरें भी पढ़ें....
सिवनी हवाला लूटकांड में DSP को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने कहा - सिर्फ कॉल रिकॉर्ड से नहीं बनता अपराध
सिवनी हवाला कांड में SDOP के ड्राइवर रितेश वर्मा को जमानत, जांच पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सिवनी हवाला कांड: SDOP पूजा पांडे की जमानत याचिका खारिज, रितेश वर्मा को भी नहीं मिली राहत
MP News: सिवनी हवाला केस में SIT की बड़ी कार्रवाई, हॉक फोर्स के डीएसपी समेत चार गिरफ्तार